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निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा चुनाव और उपचुनावों के लिए पर्यवेक्षक तैनात किये
निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव और…
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होर्मुज जलडमरूमध्य से एलपीजी लेकर भारत पहुंचे 2 जहाज, गैस की किल्लत से मिलेगी राहत
ईरान युद्ध का असर दुनिया के बाजारों पर पड़ा है। ऐसे में…
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कर्नाटक के मांड्या में एआरएआई परीक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा
केन्द्रीय मंत्री ने कर्नाटक के मांड्या में एआरएआई परीक्षण केंद्र की स्थापना…
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अन्नदाताओं के खाते में मोदी ने भेजे 2000 रुपये, पीएम किसान निधि की 22वीं किस्त जारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं…
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज लोकसभा अध्यक्ष ओम…
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व्यवसाय सुगमता के लिए डिजिटल ब्लूप्रिंट
व्यापार और नियामक दक्षता को निर्बाध रूप से सशक्त बनाना राष्ट्रीय एकल…
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प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका पर एक लेख साझा किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी द्वारा लिखित…
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प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के अपमान और संथाल संस्कृति के अनादर की निंदा की
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राष्ट्रपति जी के अपमान और संथाल संस्कृति के साथ किए गए लापरवाही भरे व्यवहार की कड़ी निंदा की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह घटना शर्मनाक है और ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जो भी लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करता है, वो इस घटना से बहुत निराश है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति जी खुद आदिवासी समुदाय से हैं, और उन्होंने जो दर्द और पीड़ा व्यक्त की है उसने भारत के लोगों को बहुत दुःखी किया है। श्री मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं और राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय के साथ पश्चिम बंगाल सरकार इतना लापरवाही भरा व्यवहार कर रही है। राष्ट्रपति के कार्यालय को राजनीति से ऊपर बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यालय की पवित्रता का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी को सद्बुद्धि आएगी। प्रधानमंत्री ने X पर लिखा; “यह शर्मनाक और अभूतपूर्व है। जो भी लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करता है, वो निराश है। राष्ट्रपति जी खुद आदिवासी समुदाय से हैं, उन्होंने जो दर्द और पीड़ा ज़ाहिर की है, उससे भारत के लोग बहुत दुःखी हैं। पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने सच में सारी हदें पार कर दी हैं। राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन ज़िम्मेदार है। यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय के साथ पश्चिम बंगाल सरकार इतनी लापरवाही से पेश आती है। राष्ट्रपति का कार्यालय राजनीति से ऊपर है और इस कार्यालय की पवित्रता का सदैव सम्मान किया जाना चाहिए। आशा है कि पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी को सद्बुद्धि आएगी।”
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कोटा से वादा किया था, आज एयरपोर्ट का सपना साकार हो रहा है – प्रधानमंत्री
कोटा-बून्दी एयरपोर्ट का हुआ शिलान्यास, प्रधानमंत्री ने हाड़ौती क्षेत्र को दी बधाई…