ओटावा। चीन द्वारा बनाए गए नए सुरक्षा कानून के जवाब में कनाडा ने हांगकांग के साथ अपनी प्रत्यर्पण संधि निलंबित कर दी है। प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने यहां कहा कि कनाडा हांगकांग को संवेदनशील सैन्य साजो सामान का निर्यात करने की अनुमति नहीं देगा। कनाडा हांगकांग को निर्यात किए जा रहे संवेदनशील सामान पर भी रोक लगाएगा, जैसे कि उन्हें मुख्य भूमि चीन में भेजा जा रहा हो। उन्होंने कहा कि कनाडा हांगकांग के समर्थन में खड़ा रहेगा जो कि तीन लाख कनाडाइयों का घर है।

चीन का नया सुरक्षा कानून जो मंगलवार रात को हांगकांग में लागू हुआ चार श्रेणियों के अपराधों की सूची देता है। एकांत, तोड़फोड़, आतंकवाद और अन्य देश या बाहरी तत्वों के साथ मिलीभगत से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना। प्रत्येक अपराध के लिए अधिकतम जुर्माना आजीवन कारावास है। हालांकि, कुछ मामूली अपराधों के लिए सजा तीन साल से कम है।

कनाडा द्वारा हांगकांग के लिए सुरक्षा कानून की आलोचना किए जाने पर चीन भड़क गया है। दोनों देशों के बीच एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बार तकरार है, जिससे दोनों देशों के संबंधों में खटास बढ़ गई है। ओटावा में चीन के दूतावास ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान जारी कर कहा कि कनाडा ने चीन के मामलों में दखल दिया है। इसने कहा कि कनाडा समेत कुछ पश्चिमी देश मानवाधिकार के नाम पर हांगकांग में दखल दे रहे हैं। यह अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है।

हांगकांग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कनाडा के प्रत्यर्पण संधि निलंबित करने के फैसले पर निराशा जताई है। उन्होंने अंदरूनी मामलों में दखल देने के लिए अमेरिका की आलोचना भी की है। हांगकांग के सुरक्षा प्रमुख जॉन ली ने कहा, कनाडा की सरकार को कानून के शासन की व्याख्या करने और दुनिया को यह समझाने की आवश्यकता है कि वह भगोड़े लोगों को कानूनी जिम्मेदारियों से भागने की इजाजत क्यों देता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here