दुनिया को कोरोना की वैक्सीन का बेसब्री से इंतज़ार। क्योंकि इसके बिना इस चीनी वायरस से निजात नहीं मिल सकती। कई देश वैक्सीन बनाने की होड़ में है। इस मामले में ब्रिटेन की ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में चल रहे कोरोना वैक्सीन ट्रायल के शुरूआती नतीजे सफल हुए हैं।

ब्रिटेन के अखबार द टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के जेनर इंस्टिट्यूट में कोरोना वैक्सीन का मानव परीक्षण सफल रहा। इसके शुरूआती नतीजों में कोरोना से ग्रसित लोगों में वैक्सीन एंटीबॉडी और टी बॉडीज सेल्स बनाते हुए दिखी।

द टेलीग्राफ ने बताया कि कोरोना वैक्सीन के ये नतीजे पहले परीक्षण में सामने आए हैं। ब्रिटेन के कुछ वॉलंटियर्स  पर वैक्सीन का परीक्षण किया गया था। जिसके बाद कुछ ही दिनों के अंदर वॉलंटियर्स के शरीर में एंटीबॉडी और टी बॉडीज सेल्स बनते हुए दिखाई दिए।

हालांकि, अब तक जेनर इंस्टिट्यूट ने इस बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। जेनर इंस्टिट्यूट ने कोरोना वैक्सीन को लेकर 20 जुलाई को रिसर्च पेपर पब्लिश होने के बाद ही वैक्सीन के नतीजों के बारे में खुलासे करने की बात कही है। उनका कहना है कि कोरोना वैक्सीन पर रिसर्च पेपर लांसेट जर्नल में 20 जुलाई को पब्लिश होगा।

गौरतलब है कि ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में अप्रैल में कोरोना वायरस को लेकर परीक्षण शुरू हुए थे। उस वक्त 500 वॉलंटियर्स पर वैक्सीन परीक्षण किया गया।

जानकारों का कहना है कि जेनर इंस्टिट्यूट में तैयार हुई कोरोना वैक्सीन यदि पूरी तरह सफल साबित होती है तो यह सितंबर में लोगों तक पहुंच जाएगी और दुनिया के सभी देशों के लिए राहत भरी खबर होगी। क्योंकि कोरोना वायरस की वजह से अब तक दुनिया भर में लाखों लोगों की जान जा चुकी है जबकि एक करोड़ से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हैं।

सूत्रों का यह भी कहना है कि फार्मासुटिकल कंपनी एस्ट्रजेनेका कोरोना वैक्सीन को लेकर दुनिया भर की कंपनियों से संपर्क में है ताकि 2 अरब लोगों तक वैक्सीन आसानी से पहुंच सके.

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