भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने इस सप्ताहांत पार्टी महासचिवों की दो दिवसीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब सहित पांच राज्यों में 2022 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा संभावित है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कोविड-19 की दूसरी लहर की शुरुआत के बाद यह पहली ऐसी बैठक होगी जिसमें सभी नेता स्वयं उपस्थित रहेंगे। बैठक शनिवार को आरंभ होगी।

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में चुनावी राज्यों की रणनीति के अलावा कोविड-19 से उत्पन्न स्थिति और इसके मद्देनजर पार्टी द्वारा चलाए जा रहे ‘‘सेवा ही संगठन’’ अभियान की भी समीक्षा की जाएगी। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब कोविड-19 की दूसरी लहर के प्रबंधन को लेकर सरकार आलोचनाओं से घिरी हुई है और विपक्षी दल सरकार की घेराबंदी करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

इस बैठक का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि पिछले दिनों भाजपा के संगठन महासचिव बी एल संतोष और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधामोहन सिंह ने उत्तर प्रदेश का दौरा कर वहां के विधायकों के साथ अलग-अलग बैठकें की थीं। सिंह उत्तर प्रदेश के प्रभारी भी हैं। अगले साल की शुरुआत में जिन राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं उनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के अलावा गोवा और मणिपुर भी शामिल हैं।

बता दें कि, वर्ष 2022 के अंत में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इनमें पंजाब को छोड़कर सभी राज्यों में भाजपा सत्ता में है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में पिछले दिनों संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन पर भी चर्चा हो सकती है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने के भाजपा के सभी प्रयास विफल हुए थे। हालांकि 77 सीटें जीतकर वह राज्य की प्रमुख विपक्षी दल जरूर बन गई।

उम्मीद की जा रही कि बैठक में भाजपा के सभी आठों महासचिव-भूपेंद्र यादव, सी टी रवि, दुष्यंत गौतम, डी पुरंदेश्वरी, अरुण सिंह, दिलीप सैकिया, कैलाश विजयवर्गीय, तरूण चुग और बी एल संतोष उपस्थित रहेंगे। 

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