लाहौर। हिंदुओं में शक्ति उपासकों के लिए देवी का स्थान सर्वप्रथम है। देवी की 51 शक्ति पीठों की पूजा होती है। इनमें से भी 18 महा शक्ति पीठ हैं और 4 आदि शक्तिपीठ। पाकिस्तान स्थित हिंगलाज देवी मंदिर भी 51 शक्तिपीठों में से एक है और पाकिस्तान में स्थित दो शक्तिपीठों में प्रमुख। पाकिस्तान में दूसरी शक्तिपीठ शिवहरकारय है, जो पाकिस्तान के कराची शहर के पास स्थित है। हिंगलाज देवी मंदिर में पूरी दुनिया से हिंदू धर्म के लोग तो आते ही हैं, स्थानीय मुसलमान भी वहां सिर नवाते हैं।

बलूचिस्तान में हैं हिंगलाज

हिंगलाज देवी मंदिर कराची से पश्चिम दिशा में बलोचिस्तान प्रांत में है। लसबेला जिले के मकरान कस्बे में स्थित हिंगलाज देवी की मान्यता बहुत ज्यादा है और यहां सिर्फ हिंदू ही नहीं, बल्कि मुस्लिम भी सदियों से सर नवाते रहे हैं। इस बात की जानकारी हिडेलबर्ग विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर जुर्गेन स्केफ्लेच्नर ने अपनी किताब में दी है। वो दक्षिण एशिया मामलों के जानकार हैं और लाहौर लिटरेरी फेस्टिवल में अपनी बात रख रहे थे।

हिंगलाज देवी पर किताब

प्रोफेसर जुर्गेन स्केफ्लेच्नर ने ‘हिंगलाज देवी: आईडेंटिटी, चेंज एंड सॉलिडीफिकेशन एट ए हिंदू टेंपल इन पाकिस्तान’ नाम से किताब लिखी है। उन्होंने सिकंदर बिजैंजों से बातचीत में मंदिर के निर्माण, वास्तुकला, धार्मिक और सामाजिक प्रभाव के बारे में बातचीत की। उन्होंने कहा कि पहले यहां पहुंचना बहुत मुश्किल था। और लोगों को मीलों तक पैदल चलकर देवी के दर्शन के लिए आना पड़ता था। लेकिन मकरान कोस्टल हाइवे के बनने के बाद से दर्शनार्थियों को फायदा पहुंचा है. 

जितना दर्द सहेंगे, उतना मिलेगा फल

हिंगलाज देवी के मंदिर के बारे में कहा जाता है कि जिस भक्त को रास्ते में जितना ज्यादा कष्ट मिलता है, उसे दर्शन का फल भी ज्यादा मिलता है। यही वजह है कि सदियों से लोग सैकड़ों किलो मीटर तक पैदल चलकर माता हिंगलाज मंदिर पहुंचते थे और दर्शन करते थे

लाखों की जुटती है भीड़

मकरान में हर साल गर्मियों के दौरान हिंगलाज यात्रा निकलती है। जिसमें करीब ढ़ाई लाख लोग शामिल होते हैं। ये पाकिस्तान में गैर मुस्लिमों का सबसे बड़ा जलसा होता है। इस जलसे में पूरे पाकिस्तान से तो लोग आते ही हैं, समूची दुनिया से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। खास बात ये है कि ये मंदिर किसी इंसान ने नहीं बनाया। ये मंदिर गुफा से निकला हुआ है और मूर्ति भी प्राकृतिक है। हिंगलाज देवी हिंदुस्तान के मालवा क्षेत्र की कुलदेवी भी मानी जाती हैं।

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