नई दिल्ली | केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों के किसानों के जारी प्रदर्शन के बीच भानु प्रताप सिंह ने सभी किसान नेताओं की सीबीआई जांच की मांग की है। किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने दावा किया है कि किसान संगठन के नेताओं के पास अरबों-खरबों रुपये की संपत्ति है।

चिल्ला बॉर्डर से किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने कहा, ”भारत के सभी किसान नेताओं की सीबीआई जांच होनी चाहिए। चाहे वे पंजाब के हों या हरियाणा के, चाहे वे राकेश टिकैत हों या मैं। इनके सारे प्रतिष्ठानों पर ताले पड़ जाने चाहिए कल से, तभी देश का भला होगा। इन किसानों ने अरबों-खरबों की संपत्ति बना ली है। तभी सरकारें किसानों की मांगें पूरी कर पाएंगी।”

उन्होंने आगे कहा कि एमएसपी जिसके लिए लड़ाई चल रही है, उसे तो हम बनाएंगे, किसान आयोग बनाएगा। सरकार जो एमएसपी बनाती रही है 72 सालों से, उससे तो हम बर्बाद हो गए हैं। उससे हमें लाभांश और लागत मूल्य नहीं मिल रहा है।

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भारत के सभी किसान नेताओं की CBI जांच होनी चाहिए। चाहे वो पंजाब के हों या हरियाणा के, चाहे वो राकेश टिकैत हो या मैं। इनके सारे प्रतिष्ठानों पर ताले पड़ जाने चाहिए कल से। तभी सरकारें किसानों की मांगें पूरी कर पाएंगी: चिल्ला बॉर्डर से किसान नेता भानु प्रताप सिंह https://t.co/AEywxlXW7o pic.twitter.com/V7OHaiqejc

— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 14, 2020

गौरतलब है कि भानु प्रताप सिंह भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और हाल ही में उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की थी। इसके बाद, किसानों ने चिल्ला बॉर्डर पर जाम की गई सड़क हो खोल दिया था। हालांकि, बाद में भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय प्रवक्ता और एक महिला किसान नेता ने फैसले का विरोध करते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था।

वहीं, प्रदर्शन कर रहे किसानों ने जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग को लगातार दूसरे दिन सोमवार को भी बंद रखा। किसान राजस्थान के अलवर जिले के शाहजहांपुर में जमे हैं वहीं राजस्थान से दिल्ली को कूच रहे किसानों को राजस्थान हरियाणा सीमा पर हरियाणा पुलिस ने रोक दिया। कई किसान संगठनों ने जयसिंहपुर-खेरा सीमा पर डेरा डाला है और अपनी मांग को लेकर एक दिन की भूख हड़ताल कर रहे हैं। स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव और अन्य किसान नेता विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। यादव ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ”आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ और स्वदेशी जागरण मंच से मेरा एक सीधा सवाल है… वे मौजूदा रूप में कृषि कानूनों का समर्थन करते हैं या नहीं? उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए।”

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