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अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के महानिदेशक के साथ बातचीत में बीते एक दशक में भारत के सामाजिक सुरक्षा कवरेज में हुए तीव्र विस्तार को रेखांकित किया गया

केन्‍द्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने जिनेवा में आयोजित 114वें अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित किया; उन्होंने भारत के श्रम सुधारों, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना पर प्रकाश डाला


‘अंत्योदय’ के सिद्धांत से प्रेरित श्रम संहिताएं न केवल अनुपालन को सरल बनाती हैं, बल्कि श्रमिकों के कल्याण को मजबूत करके एक आधुनिक, पारदर्शी श्रम प्रणाली का निर्माण भी करती हैं: सुश्री करंदलाजे

सुश्री करंदलाजे ने 114वें अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के पूर्ण सत्र में युवाओं की रोजगार क्षमता और महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी में वृद्धि का उल्लेख किया

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के महानिदेशक के साथ बातचीत में बीते एक दशक में भारत के सामाजिक सुरक्षा कवरेज में हुए तीव्र विस्तार को रेखांकित किया गया

केन्‍द्रीय श्रम एवं रोजगार तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित 114वें अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।

114वें अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने सम्मेलन के आयोजन पर अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन को बधाई दी और तेजी से हो रहे वैश्विक परिवर्तनों के बीच सामाजिक न्याय और सम्मानजनक कार्य को बढ़ावा देने में इसके नेतृत्व की सराहना की।

सुश्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि भारत ने “अंत्योदय” के सिद्धांत के अनुरूप व्यापक श्रम सुधार किए हैं। इसके तहत 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समेकित किया गया है ताकि अनुपालन को सरल बनाया जा सके, श्रमिकों के कल्याण को मजबूत किया जा सके और एक आधुनिक तथा पारदर्शी श्रम परितंत्र का निर्माण किया जा सके।

उन्होंने कहा कि युवाओं की रोजगार क्षमता 2014 में 34 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 56 प्रतिशत से अधिक हो गई है। 2017 और 2025 के बीच, बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत से घटकर 3.1 प्रतिशत हो गई और महिलाओं की कार्यबल भागीदारी 22 प्रतिशत से बढ़कर 38.8 प्रतिशत हो गई।

केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल और ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से श्रम और रोजगार क्षेत्र में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के विकास में भारत की प्रगति का उल्‍लेख किया। कौशल और व्यवसायों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व तथा व्यवसायों के अंतरराष्ट्रीय संदर्भ वर्गीकरण को विकसित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठन (आईएलओ) के साथ भारत द्वारा किए जा रहे व्यवहार्यता अध्ययन पर भी प्रकाश डाला गया।

उन्होंने भारत के सामाजिक सुरक्षा दायरे में हुए महत्वपूर्ण विस्तारों का भी उल्‍लेख किया। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार यह दायरा लगभग 1001 मिलियन तक पहुंच गया है। भारत में महिला श्रम बल की बढ़ती भागीदारी और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के बारे में भी विस्तार से बताया गया।

इस दौरान सुश्री शोभा करांदलाजे ने रवांडा की लोक सेवा एवं श्रम मंत्री क्रिस्टीन नकुलिकियिंका के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की।

सम्‍मेलन में चर्चा का मुख्य विषय रोजगार सेवाओं, कौशल विकास, कार्यबल नियोजन और डिजिटल शासन में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना था। भारत ने राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल और ई-श्रम पोर्टल की सफलता को विस्तार से बताते हुए इन्हें एक व्यापक डिजिटल सार्वजनिक संसाधन बताया और रोजगार सेवाओं, श्रमिक पंजीकरण, नौकरियों और कौशल मिलान के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने हेतु तकनीकी सहायता और क्षमता निर्माण सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव रखा। रवांडा ने भारत के प्रभावशाली डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना की सराहना करते हुए कौशल विकास और श्रम के असंगठित क्षेत्र से संगठित क्षेत्र की ओर बढ़ने में सहयोग मांगा।

उन्होंने श्रीलंका के श्रम मंत्री अनिल जयंत फर्नांडो के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। श्रीलंका ने भारत के श्रम सुधारों में गहरी रुचि दिखाई और चार नए श्रम कानूनों के सफल कार्यान्वयन पर जानकारी ली। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अपने अनुभव साझा करते हुए सुधार की रूपरेखा, कार्यान्वयन पद्धतियों और व्यापक हितधारक परामर्शों पर प्रकाश डाला, जिन्होंने इस परिवर्तनकारी यात्रा को संभव बनाया।

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