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सीसीपीए ने विनियमित एवं खतरनाक विस्फोटक पदार्थों की ऑनलाइन सूचीबद्धता, होस्टिंग, विज्ञापन और बिक्री को सुगम बनाने के खिलाफ कार्रवाई की


सीसीपीए के हस्तक्षेप के बाद इन 7 ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों से 3,940 विक्रेताओं की सूचीबद्धता हटाई गई

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर विस्फोटकों की बिक्री का कोई भी मामला राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 पर दर्ज कराया जा सकता है

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 के प्रावधानों के साथ-साथ विस्फोटक अधिनियम, 1884, अमोनियम नाइट्रेट नियम, 2012 तथा अन्य लागू नियमों के अंतर्गत डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर अमोनियम नाइट्रेट, गन पाउडर (बारूद), पिक्रिक एसिड और पेंटाएरीथ्रिटोल टेट्रानाइट्रेट (पीईटीएन) जैसे विनियमित एवं खतरनाक विस्फोटक पदार्थों की अनधिकृत ऑनलाइन सूचीबद्धता, होस्टिंग, विज्ञापन और उनकी बिक्री को सुगम बनाने के खिलाफ विनियामक कार्रवाई शुरू की है। इस कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ता सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा और उत्तरदायी ई-कॉमर्स गतिविधियों को सुदृढ़ करना है।

इन पदार्थों को विस्फोटक के रूप में वर्गीकृत किया गया है और इनका विनियमन विस्फोटक अधिनियम, 1884 तथा उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत किया जाता है। इनकी वैध बिक्री और खरीद के लिए निर्धारित लाइसेंस आवश्यक है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों से अपेक्षा की जाती है कि वे विक्रेताओं के वैध पीईएसओ (पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन) लाइसेंस का विवरण सार्वजनिक करें तथा खरीद से पहले खरीदारों की पहचान और उनके लाइसेंस की वैधता का सत्यापन सुनिश्चित करें। सीसीपीए ने निम्नलिखित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसे पदार्थों की ऑनलाइन सूचीबद्धता और बिक्री के संबंध में कार्रवाई शुरू की है:

सीसीपीए ने निम्नलिखित ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर ऐसे पदार्थों की ऑनलाइन सूचीबद्धता और बिक्री के संबंध में कार्रवाई शुरू की :

  1. इंडियामार्ट
  2. ट्रेडइंडिया
  3. डायल4ट्रेड
  4. जस्टडायल
  5. सिग्मा-एल्ड्रिच इंडिया
  6. एक्सपोर्टर्सइंडिया
  7. आईबायकेमिकल्स

सभी प्लेटफॉर्मों ने कुल 3,940 विक्रेताओं और सूचीबद्ध प्रविष्टियों का विवरण प्रस्तुत किया, जिसका ब्योरा नीचे दिया गया है। सभी प्लेटफॉर्मों से संबंधित सूचीबद्ध प्रविष्टियां हटा दी गई  हैं।

क्रम संख्याप्लेटफ़ॉर्म (इकाई)पदार्थविक्रेताओं की संख्या
 एक्सपोर्टर्सइंडिया डॉट कॉम (वेबलिंक.इन प्राइवेट लिमिटेड)अमोनियम नाइट्रेट386
पीईटीएन5
पिक्रिक एसिड30
कुलएक्सपोर्टर्सइंडिया.कॉम421
 ट्रेडइंडिया (इन्फोकॉम नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड)पिक्रिक एसिड और पीईटीएन166 (210 सूचीबद्ध प्रविष्टियाँ)
 डायल4ट्रेड (डायल4ट्रेड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड)अमोनियम नाइट्रेट11
 सिग्मा-एल्ड्रिच केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड (मर्क)अमोनियम नाइट्रेट और पीईटीएनअपने उत्पादों की बिक्री करता है और अपने प्लेटफॉर्म पर थर्ड-पार्टी विक्रेताओं को सूचीबद्ध नहीं करता।
 आईबायकेमिकल्सपिक्रिक एसिडअपने उत्पादों की बिक्री करता है और अपने प्लेटफॉर्म पर थर्ड-पार्टी विक्रेताओं को सूचीबद्ध नहीं करता।
 इंडियामार्ट इंटरमेश लिमिटेड.अमोनियम नाइट्रेट2,700
गनपाउडर (बारूद)/ पीईटीएन22
पिक्रिक एसिड370
कुलइंडियामार्ट इंटरमेश लिमिटेड3,092
 जस्ट डायल लिमिटेडअमोनियम नाइट्रेट206
कुल3,940

सीसीपीए ने अब तक निम्नलिखित मामलों में अंतिम आदेश पारित किए हैं:

  • डायल4ट्रेड: अमोनियम नाइट्रेट की बिक्री के संबंध में 10 लाख रुपये का जुर्माना।
  • एक्सपोर्टर्सइंडिया (वेबलिंक.इन प्राइवेट लिमिटेड): अमोनियम नाइट्रेट और पेंटाएरीथ्रिटोल टेट्रानाइट्रेट (पीईटीएन) की बिक्री के मामले में 10 लाख रुपये का जुर्माना।
  • एक्सपोर्टर्सइंडिया (वेबलिंक.इन प्राइवेट लिमिटेड): पिक्रिक एसिड की बिक्री के मामले में 10 लाख रुपये का जुर्माना।

1. डायल4ट्रेड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड

  • सीसीपीए ने कंपनी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और उसे अपने प्लेटफॉर्म पर अमोनियम नाइट्रेट तथा किसी भी अन्य विस्फोटक पदार्थ की सूचीबद्धता और उनकी बिक्री को सुगम बनाने की गतिविधियां बंद करने का निर्देश दिया।
  • कंपनी ने अधिनियम की धारा 24 के तहत राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के समक्ष इस आदेश को चुनौती दी। 9 अक्टूबर, 2026 को दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद एनसीडीआरसी ने अपील खारिज कर दी।
  • आदेश में इन सूचीबद्ध प्रविष्टियों को अधिनियम की धारा 2(28) और 2(47) के तहत भ्रामक विज्ञापन एवं अनुचित व्यापार व्यवहार माना गया। कंपनी को अपने प्लेटफॉर्म पर उक्त पदार्थों की सूचीबद्धता और उनकी बिक्री को सुगम बनाने की गतिविधियां बंद करने का निर्देश दिया गया।

2. एक्सपोर्टर्सइंडिया (वेबलिंक.इन प्राइवेट लिमिटेड)

  • विस्फोटक अधिनियम, 1884 और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के तहत जिन विस्फोटक पदार्थों की बिक्री विनियमित है, ऐसे अमोनियम नाइट्रेट और पीईटीएन की ऑनलाइन सूचीबद्धता, होस्टिंग, विज्ञापन तथा उनकी बिक्री को सुगम बनाने के संबंध में सीसीपीए ने कंपनी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
  • एक अन्य मामले में पिक्रिक एसिड की ऑनलाइन सूचीबद्धता, होस्टिंग, विज्ञापन और उसकी बिक्री को सुगम बनाने के संबंध में कंपनी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। पिक्रिक एसिड की बिक्री भी विस्फोटक अधिनियम, 1884 और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के तहत विनियमित है।
  • एक्सपोर्टर्सइंडिया ने अधिनियम की धारा 24 के तहत राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के समक्ष अपीलें दायर की हैं। इन अपीलों पर आगामी अवधि में सुनवाई होने की संभावना है।

3. इंडियामार्ट इंटरमेश लिमिटेड

  • सीसीपीए ने अपने प्लेटफॉर्म पर अमोनियम नाइट्रेट, पीईटीएन/गनपाउडर और पिक्रिक एसिड जैसे खतरनाक पदार्थों की ऑनलाइन सूचीबद्धता, होस्टिंग, विज्ञापन और बिक्री को सुगम बनाने के संबंध में इंडियामार्ट इंटरमेश लिमिटेड को नोटिस जारी किए थे।
  • महानिदेशक (जांच) ने इस मामले में अपनी जांच पूरी कर ली है। महानिदेशक (जांच) की रिपोर्ट कंपनी के साथ साझा कर दी गई है। इंडियामार्ट ने जांच रिपोर्ट पर अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया है।
  • उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के अनुपालन में कंपनी को सुनवाई के कई अवसर प्रदान किए गए हैं। इन सुनवाइयों के दौरान कंपनी ने अपना विस्तृत पक्ष प्रस्तुत किया है।
  • कंपनी ने सीसीपीए द्वारा जारी कारण बताओ नोटिसों को चुनौती देते हुए माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की है।

4. जस्टडायल

  • सीसीपीए ने अमोनियम नाइट्रेट की ऑनलाइन सूचीबद्धता, होस्टिंग, विज्ञापन और बिक्री को सुगम बनाने के संबंध में जस्टडायल लिमिटेड को नोटिस जारी किए थे।
  • महानिदेशक (जांच) ने इस मामले में अपनी जांच पूरी कर ली है। जांच रिपोर्ट कंपनी के साथ साझा कर दी गई है। जस्टडायल ने जांच रिपोर्ट पर अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया है।
  • उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के तहत अंतिम आदेश पारित करने से पहले कंपनी को सुनवाई का अवसर दिया जाना आवश्यक है। अब तक कंपनी को सुनवाई के चार अवसर प्रदान किए जा चुके हैं। प्रत्येक अवसर पर कंपनी ने सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया है। इस मामले में अगली और अंतिम सुनवाई 23 अक्टूबर, 2026 को निर्धारित की गई है।

निम्नलिखित मामलों की जांच महानिदेशक (जांच) द्वारा की जा रही है :

  • सिग्मा-एल्ड्रिच केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड: अमोनियम नाइट्रेट, पीईटीएन और पिक्रिक एसिड की ऑनलाइन सूचीबद्धता, होस्टिंग, विज्ञापन और बिक्री को सुगम बनाने के संबंध में।
  • ट्रेडइंडिया (इन्फोकॉम नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड): पिक्रिक एसिड और पीईटीएन की ऑनलाइन सूचीबद्धता, होस्टिंग, विज्ञापन और बिक्री को सुगम बनाने के संबंध में।
  • आईबायकैमिकल्स: पिक्रिक एसिड की ऑनलाइन सूचीबद्धता, होस्टिंग, विज्ञापन और बिक्री को सुगम बनाने के संबंध में।

यह कार्रवाई लागू कानूनों और उपभोक्ता सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हुए डिजिटल बाजारों के माध्‍यम से विनियमित या खतरनाक पदार्थों तक अनधिकृत पहुंच को सुगम बनाए जाने से रोकने की सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।

सीसीपीए उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा करने, सुरक्षित डिजिटल बाज़ार सुनिश्चित करने, अनुचित व्यापार व्यवहारों को रोकने और तेजी से विकसित हो रहे ई-कॉमर्स परिवेश में उपभोक्ताओं का विश्वास सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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