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ITRA, जामनगर ने मनाया छठा स्थापना दिवस ‘ITRA दिवस’; आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान और जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों को किया रेखांकित


राष्ट्रीय महत्व का दर्जा प्राप्त आयुर्वेद संस्थान ने शिक्षा, चिकित्सा सेवाओं और अनुसंधान के माध्यम से पारंपरिक चिकित्सा के विकास में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत आयुर्वेद शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (Institute of Teaching and Research in Ayurveda—ITRA), जामनगर ने 15 अक्टूबर, 2026 को अपना छठा स्थापना दिवस ‘ITRA दिवस’ के रूप में मनाया। इस अवसर पर संस्थान की शैक्षणिक, चिकित्सकीय और अनुसंधान संबंधी उपलब्धियों को रेखांकित किया गया तथा आयुर्वेद के संरक्षण, संवर्धन और वैज्ञानिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

ITRA, जामनगर आयुर्वेद के क्षेत्र में राष्ट्रीय महत्व का दर्जा प्राप्त करने वाला देश का पहला संस्थान है। 15 अक्टूबर, 2020 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इस संस्थान को राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित किया गया था। राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में ITRA आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान और चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

अपने लिखित शुभकामना संदेश में आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव जी ने कहा कि आयुष क्षेत्र में राष्ट्रीय महत्व के प्रथम संस्थान (INI) के रूप में ITRA, आयुर्वेद के क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान, स्वास्थ्य सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मैं राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद को सशक्त बनाने तथा उसकी प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए संस्थान द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना करता हूँ। मैं विशेष रूप से ITRA द्वारा “आयु-टेक नवोन्मेष 2026” के आयोजन की सराहना करता हूँ। यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और आयुर्वेद के एकीकरण की दिशा में एक समयानुकूल पहल है। भारत की समृद्ध पारंपरिक चिकित्सा संबंधी ज्ञान-परंपरा और आधुनिक तकनीकों का समन्वय शिक्षा, अनुसंधान, औषधि विकास, साक्ष्य सृजन तथा नैदानिक निर्णय-सहायता प्रणालियों को सुदृढ़ करने के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। उचित नियामक ढाँचों और सुरक्षा उपायों के मार्गदर्शन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उत्तरदायित्वपूर्ण, नैतिक एवं साक्ष्य-आधारित उपयोग आयुर्वेद की गुणवत्ता, सुलभता और वैश्विक प्रासंगिकता को बढ़ाने में सहायक हो सकता है। यह पहल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में संचालित डिजिटल स्वास्थ्य मिशन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिशन को भी समर्थन प्रदान करेगी।

ITRA दिवस समारोह में विशिष्ट विशेषज्ञों की सहभागिता

ITRA की निदेशक प्रो. (डॉ.) तनुजा नेसरी के मार्गदर्शन में आयोजित इस समारोह में आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान और पारंपरिक चिकित्सा के विकास में योगदान देने वाले विशेषज्ञों की सहभागिता ने संस्थान की अकादमिक एवं अनुसंधान संबंधी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। इस अवसर पर संस्थान के सभी डीन, विभागाध्यक्षों, कर्मचारियों एवं छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए निदेशक ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के विजन एवं आयुष मंत्रालय के मार्गदर्शन में संस्थान जरूरतमंद रोगियों को विश्वस्तरीय उपचार देने हेतु प्रतिबद्ध है। NABH मान्यता प्राप्त 300 बिस्तरों वाले अस्पताल में पिछले छह वर्षों में संस्थान ने 22 ओपीडी के माध्यम से 18,47,807 मरीजों को परामर्श एवं उपचार प्रदान किया है तथा IPD में 27,520 मरीजों को उपचार दिया है। इसके साथ ही ITRA के आधिकारिक TV चैनल ANCN (आयुष नेक्स्ट कम्युनिकेशन नेटवर्क) के एक वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह चैनल आयुष पद्धतियों के जन-जागरण के एक नए मंच के रूप में स्थापित होगा, ऐसी आशा व्यक्त की।

ITRA, जामनगर में आयोजित छठे स्थापना दिवस ‘ITRA दिवस’ समारोह में आयुष मंत्रालय के पूर्व आयुर्वेद सलाहकार डॉ. मनोज नेसरी ने डॉ. पी. एम. मेहता के योगदान पर विशेष स्मृति व्याख्यान प्रस्तुत किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER), गांधीनगर के निदेशक प्रो. शैलेन्द्र सराफ तथा गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. मानसी देशपांडे, एम. पी. शाह मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. नंदिनी देसाई सहित अन्य गणमान्य विशेषज्ञ उपस्थित रहे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में डेटा, डिजिटल हेल्थ एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने वाले समीर पुजारी तथा WHO ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर (WHO-GTMC) की निदेशक डॉ. श्यामा कुरुविल्ला भी इस कार्यक्रम से प्रत्यक्ष अथवा आभासी माध्यम से जुड़े।

आयुर्वेद शिक्षा और अनुसंधान में व्यापक योगदान

ITRA में आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में स्नातक से लेकर पीएचडी तक के पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, आयुर्वेद फार्मेसी के क्षेत्र में डिप्लोमा से लेकर पीएचडी स्तर तक की शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। संस्थान में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा से संबंधित विभिन्न अल्पकालिक और डिप्लोमा स्तर के पाठ्यक्रम भी संचालित किए जाते हैं। इनमें चिकित्सकों के लिए विशेष योग पाठ्यक्रम भी शामिल हैं।

ITRA का लक्ष्य आयुर्वेद की समृद्ध विरासत को आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा और वैश्विक स्वास्थ्य आवश्यकताओं से जोड़ना है, ताकि भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति विश्व समुदाय के स्वास्थ्य और कल्याण में सार्थक योगदान दे सके।

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