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भारत को केवल एक वैश्विक कंटेंट मार्केट से आगे बढ़कर विश्व स्तर पर  प्रतिस्पर्धा करने वाली मीडिया और मनोरंजन कंपनियों का निर्माता बनना होगा: सूचना एवं प्रसारण सचिव, सीआईआई बिग पिक्चर समिट 2026


सीआईआई ने भारतीय मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र को $100 बिलियन का उद्योग बनाने के लिए रोडमैप प्रस्तुत करने वाला श्वेत पत्र जारी किया

भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव श्री चंचल कुमार ने आज मीडिया और मनोरंजन उद्योग से केवल अपने विस्तार पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय मौलिक बौद्धिक संपदा (आईपी), सतत व्यावसायिक मॉडल और वैश्विक बाजारों में विस्तार को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य भारत को क्रिएटिव कंटेंट, प्रौद्योगिकी, प्रतिभा और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाली मीडिया कंपनियों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

दो दिवसीय सीआईआई बिग पिक्चर समिट 2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए, जिसकी थीम “द न्यू इकोनॉमिक्स ऑफ मीडिया एंड एंटरटेनमेंट: बिल्डिंग इंडियाज फ्यूचर ग्लोबल मीडिया कंपनीज” है, श्री चंचल कुमार ने कहा कि भारत के पास अपनी समृद्ध कहानी कहने की परंपराओं, सांस्कृतिक विविधता और रचनात्मक प्रतिभा को दीर्घकालिक आर्थिक एवं सांस्कृतिक मूल्य में बदलने का अवसर है।

उन्होंने समिट की थीम को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वेव्स 2025 के विजन – “क्रिएट इन इंडिया, क्रिएट फॉर द वर्ल्ड” से जोड़ते हुए इनोवेशन और विश्वास, दोनों पर जोर दिया। भारत के क्रिएटिव इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए, श्री चंचल कुमार ने वेव्स, वेव्स बाजार, भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) और इंडिया सिने हब जैसी पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने रचनात्मकता और बौद्धिक संपदा की सुरक्षा के लिए एक मजबूत एंटी-पायरेसी फ्रेमवर्क के महत्व को भी रेखांकित किया। साथ ही, उन्होंने “क्रिएट इन इंडिया, ओन इन इंडिया, स्केल फ्रॉम इंडिया, टेक इट टू द वर्ल्ड” के विजन पर जोर दिया।

समिट के दौरान कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) की श्वेत पत्र “द न्यू इकोनॉमिक्स ऑफ मीडिया एंड एंटरटेनमेंट” भी जारी किया गया। इसमें 2030 के शुरुआती वर्षों तक भारत के मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र को $100 बिलियन तक पहुंचाने का एक रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। रिपोर्ट में इस क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए तेजी से सुधार लागू करने, क्षेत्रीय बाजारों को मजबूत बनाने और योजनाओं के क्रियान्वयन में मापने योग्य परिणाम सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

समिट के अध्यक्ष और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के एमडी एवं सीईओ, श्री गौरव बनर्जी ने बिजनेस मॉडल में बुनियादी बदलाव लाने की बात कही। उन्होंने कहा, “एक बड़ा दर्शक वर्ग होना सिर्फ एक शुरुआत है, यह अपने आप में कोई बिजनेस मॉडल नहीं है।” उन्होंने दर्शकों को मिलने वाले ऑडियंस वैल्यू, विज्ञापनों के स्पष्ट और ठोस परिणामों, तथा निवेशकों के लिए लगातार बने रहने वाले रिटर्न पर अधिक ध्यान देने का आग्रह किया।

समिट की सह-अध्यक्ष (को-चेयर) और यूट्यूब इंडिया की कंट्री एमडी, सुश्री गुंजन सोनी ने रचनात्मकता और संस्कृति को भारत के “विकसित भारत” के सपने को बल देने वाली आर्थिक ताकत बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) युवा क्रिएटर्स की पीढ़ी को उनकी कल्पना और स्थानीय पहचान को विश्व स्तरीय उद्यमों (एंटरप्राइजेज) में बदलने में मदद कर सकते हैं।

समिट के सह-अध्यक्ष और जेटसिंथेसिस के एमडी एवं सीईओ, श्री राजन नवानी ने कहा कि वैश्विक बदलावों के साथ तालमेल बिठाने के लिए तकनीक और एआई तक सबकी सुलभ पहुंच बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि एआई, इंसानी कल्पना और विचारों को साकार करने की क्षमता के बीच की दूरी को तेजी से कम कर रहा है।

श्री चंचल कुमार ने वेव्स ग्लोबल इन्वेस्टर्स एंड इन्वेस्टी मीट का उद्घाटन भी किया, जिसमें 150 से अधिक निवेशकों और निवेश चाहने वालों ने हिस्सा लिया। इस पहल के माध्यम से वेवएक्स और वेव्स बाज़ार के लगभग 20 प्रतिभागियों को जोड़ा गया, जिससे निवेशकों और उभरते रचनात्मक व्यवसायों के बीच आपसी तालमेल और संबंध मजबूत हुए।

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