LIVE

नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में डीआरआई ने ट्रेन यात्री से लगभग 5.75 किलोग्राम क्रिस्टल मेथ जब्त किया; एक गिरफ्तार

8–9 अक्टूबर, 2026 को खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए एक अभियान के दौरान राजस्व आसूचना निदेशालय(डीआरआई) की मंगलुरु क्षेत्रीय इकाई ने दिल्ली से बेंगलुरु जा रहे एक भारतीय नागरिक को ट्रेन में पकड़ा। यात्री के ट्रॉली बैग की गहन तलाशी लेने पर तीन पैकेट बरामद हुए, जिनमें 5.753 किलोग्राम सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ था, जिसके मादक पदार्थ मेथामफेटामाइन(क्रिस्टल मेथ) होने का शक है।

संदिग्ध मादक पदार्थ को स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम(एनडीपीएस अधिनियम),1985 के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में सक्षम एनडीपीएस न्यायालय द्वारा न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

मेथामफेटामाइन, जिसे आमतौर पर क्रिस्टल मेथ या आइस के नाम से जाना जाता है, एक शक्तिशाली, नशे की लत पैदा करने वाला कृत्रिम मनोउत्तेजक पदार्थ है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। इसके गलत इस्तेमाल से इसकी लत लग सकती है और शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। भारत में मेथामफेटामाइन एक मनःप्रभावी पदार्थ है, जिसे स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम(एनडीपीएस अधिनियम),1985 के तहत विनियमित किया जाता है। इस अधिनियम के अंतर्गत अनधिकृत रूप से इसे रखना, निर्माण करना, बिक्री करना, खरीदना, परिवहन करना, आयात या निर्यात करना दंडनीय है। दंड की गंभीरता अपराध की प्रकृति और संबंधित पदार्थ की मात्रा पर निर्भर करता है। वर्तमान मामले में, जब्त की गई 5.753 किलोग्राम मेथामफेटामाइन की मात्रा इस पदार्थ के लिए अधिसूचित वाणिज्यिक मात्रा, यानि 50 ग्राम, से काफी अधिक है, इसलिए 10 से 20 वर्ष तक के कठोर कारावास की सजा और ₹1 लाख से ₹2 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।

राजस्व आसूचना निदेशालय(डीआरआई) खुफिया सूचनाओं पर आधारित प्रवर्तन कार्रवाई के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है।

Comments

Comments (0)

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »