प्रधानमंत्री चेन्नई में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनका उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे
ये परियोजनाएं मेट्रो रेल, राजमार्ग, रेलवे, बंदरगाह, पेट्रोलियम और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित हैं
प्रधानमंत्री चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के पूनामल्ली-वडापलानी खंड का शुभारंभ करेंगे
प्रधानमंत्री तमिलनाडु में लगभग 3,700 करोड़ रुपये की लागत वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री चेन्नई बंदरगाह, कामराजार बंदरगाह और वी.ओ. चिदंबरनार बंदरगाह से संबंधित परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास करेंगे
प्रधानमंत्री पलानी, वेल्लोर छावनी, अंबासमुद्रम, परमक्कुडी और नामक्कल स्थित पांच अमृत स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री आईआईटी मद्रास स्थित सुधा गोपालकृष्णन मस्तिष्क केंद्र राष्ट्र को समर्पित करेंगे
प्रधानमंत्री जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय मैट्रिकुलेशन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे
प्रधानमंत्री चेन्नई के जलकंडेश्वर मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 11 अक्टूबर को तमिलनाडु के चेन्नई का दौरा करेंगे। वे सुबह लगभग 11:30 बजे चेन्नई मेट्रो में पोरूर बाईपास स्टेशन से पूनामल्ली बाईपास स्टेशन तक यात्रा करेंगे और फिर वापस लौटेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 12:15 बजे चेन्नई के जलकंडेश्वर मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। इसके बाद, वे आईआईटी मद्रास स्थित मस्तिष्क केंद्र का दौरा करेंगे।
दोपहर लगभग 1:30 बजे श्री मोदी 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनका उद्घाटन करेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वे जनसभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 3 बजे चेन्नई स्थित जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय मैट्रिकुलेशन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे और वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के पूनामल्ली-वडापलानी खंड का उद्घाटन करेंगे। इस खंड का निर्माण लगभग 4,900 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इस कॉरिडोर में 3.7 किलोमीटर लंबा विशिष्ट दो-स्तरीय ढांचा है। इसमें चालक-रहित ट्रेनों के संचालन में सहायता के लिए उन्नत सिग्नलिंग प्रणाली भी स्थापित की गई है। इस परियोजना से यात्रियों के दैनिक यात्रा समय में कमी आने और चेन्नई के तेजी से विकसित हो रहे पश्चिमी उपनगरों तथा शहर के केंद्र के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।
श्री मोदी लगभग 3,700 करोड़ रुपये की लागत वाली प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उनका उद्घाटन करेंगे। इन परियोजनाओं से राज्य में सड़क संपर्क मजबूत होगा, यात्रा समय में कमी आएगी, यातायात जाम की समस्या कम होगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-744 के 36 किलोमीटर लंबे, चार लेन वाले वडुगापट्टी-थेरकुवेंगनल्लूर खंड का उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना से क्षेत्र के प्रमुख तीर्थस्थलों, औद्योगिक केंद्रों और वाणिज्यिक केंद्रों तक संपर्क बेहतर होगा, जिससे लोगों तथा वस्तुओं की आवाजाही सुगम होगी। श्री मोदी राष्ट्रीय राजमार्ग-744ए के 30 किलोमीटर लंबे, चार लेन वाले मदुरै रिंग रोड खंड का भी उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना से मदुरै के आसपास यातायात का प्रवाह बेहतर होगा और शहर के भीतर यातायात जाम की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-83 के नागपट्टिनम-तंजावुर खंड पर चार लेन वाले तिरुवरूर बाईपास की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना से तिरुवरूर में सड़क संपर्क मजबूत होगा और शहर के चारों ओर एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होने से यातायात का प्रवाह सुगम होगा।
श्री मोदी 750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे और उनका उद्घाटन करेंगे। वे कराइकल-पेरालम रेलवे लाइन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे इस क्षेत्र में रेल संपर्क और मजबूत होगा। प्रधानमंत्री कोयंबटूर और आसपास के क्षेत्रों में तीन रेल उपरिगामी पुलों को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनसे व्यस्त समपारों पर यातायात का दबाव कम होगा, प्रतीक्षा समय घटेगा और यात्रियों के लिए सड़क सुरक्षा बेहतर होगी। श्री मोदी पलानी, वेल्लोर छावनी, अंबासमुद्रम, परमकुडी और नमक्कल में पाँच अमृत स्टेशनों का भी उद्घाटन करेंगे। इन स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास किया गया है।
प्रधानमंत्री तमिलनाडु में समुद्री अवसंरचना को मजबूत करने, माल ढुलाई क्षमता का विस्तार करने और रसद व्यवस्था की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से बंदरगाहों से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे।
श्री मोदी चेन्नई बंदरगाह पर चार अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इनमें एक पक्का भंडारण यार्ड, चार निर्यात-आयात (एक्जिम) गोदाम, एक उन्नत क्रूज टर्मिनल और एक नाविक क्लब शामिल हैं। इन परियोजनाओं से माल के भंडारण और संचालन में सुधार होगा, गोदामों की क्षमता बढ़ेगी तथा यात्रियों की सुविधाओं का आधुनिकीकरण होगा, जिससे एक साथ अधिक क्रूज यात्रियों का आवागमन संभव हो सकेगा। इसके अतिरिक्त, आने वाले नाविकों और समुद्री कर्मचारियों को आधुनिक कल्याणकारी, मनोरंजक और सहायक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रधानमंत्री वी. ओ. चिदंबरनार बंदरगाह पर आठ प्रमुख विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं से माल और कंटेनर संचालन की क्षमता बढ़ेगी, स्वच्छ समुद्री ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक अवसंरचना विकसित होगी तथा बंदरगाह परिसर में माल की निकासी व रसद व्यवस्था की दक्षता में सुधार होगा। प्रधानमंत्री कामराजार बंदरगाह पर कोयला बर्थ-3 परियोजना का उद्घाटन भी करेंगे और कंटेनर टर्मिनल के पहले चरण के दूसरे चरण (फेज-I, स्टेज-II) के लिए पूंजीगत ड्रेजिंग कार्यों का शिलान्यास करेंगे।
प्रधानमंत्री चेन्नई में चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीपीसीएल) की मौजूदा मनाली रिफाइनरी में ग्रुप-II/III ल्यूब ऑयल बेस स्टॉक्स (एलओबीएस) परियोजना की आधारशिला रखेंगे। लगभग 1,620 करोड़ रुपये की लागत और 2.70 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष की उत्पादन क्षमता वाली इस परियोजना का उद्देश्य भारत में विश्वस्तरीय तथा प्रीमियम गुणवत्ता वाले स्नेहक बनाने के लिए ग्रुप-II/III ल्यूब ऑयल बेस स्टॉक्स का उत्पादन करना है।
श्री मोदी आईआईटी मद्रास में सुधा गोपालकृष्णन मस्तिष्क केंद्र (एसजीबीसी) को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे इस केंद्र के एक अनूठे वैश्विक वैज्ञानिक मिशन का भी शुभारंभ करेंगे। इसका उद्देश्य भ्रूण अवस्था से लेकर वृद्धावस्था तक, मानव जीवन के विभिन्न चरणों में 100 से अधिक मानव मस्तिष्कों का कोशिकीय स्तर पर त्रि-आयामी मानचित्र तैयार करना है। प्रधानमंत्री सी-स्ट्रोक भी जारी करेंगे, जो अपनी तरह का पहला मानव इस्केमिक स्ट्रोक एटलस है। इसमें स्ट्रोक से प्रभावित मस्तिष्क के 1,000 से अधिक सूक्ष्मदर्शीय खंडों का विस्तृत विवरण शामिल है। इस एटलस से दुनिया भर के शोधकर्ताओं को उपचार के नए लक्ष्यों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री चेन्नई में जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय मैट्रिकुलेशन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे। यह स्वर्ण जयंती शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान के पांच दशकों के योगदान तथा शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन, सांस्कृतिक मूल्यों और सर्वांगीण शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों की पीढ़ियों को तैयार करने में इसकी भूमिका का प्रतीक है। अपने आदर्श वाक्य “सा विद्या या विमुक्तये” (ज्ञान जो मुक्ति दिलाता है) से प्रेरित यह विद्यालय ऐसे विद्यार्थियों को तैयार करने का प्रयास करता है, जो समाज में सार्थक योगदान दें। समय के साथ, संस्थान ने बदलती शैक्षिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को ढाला है। साथ ही, यह चरित्र निर्माण, ज्ञान और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों पर निरंतर जोर देता रहा है।
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