भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने हितधारकों, आपदा प्रबंधकों और मीडिया प्रतिनिधियों के लिए “फैमिलियराइज़ेशन ऑफ़ साइक्लोन वॉर्निंग एंड मरीन वेदर सर्विसिज़” विषय पर एक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। 650 से अधिक हितधारकों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। इसकी लाइव स्ट्रीमिंग की गई और यह आम जनता के लिए यूट्यूब (https://www.youtube.com/watch?v=uoy74Mrgr80) पर उपलब्ध है।
अपने परिचयात्मक संबोधन में, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) में महानिदेशक (मौसम विज्ञान) डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने चक्रवात पूर्वानुमान, बहु-एजेंसी समन्वय में हुई प्रगति और अंतिम छोर तक चेतावनियाँ प्रसारित करने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
आईएमडी के विशेषज्ञों ने चक्रवात चेतावनी सेवाओं और समुद्री मौसम विज्ञान सेवाओं पर प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें तटीय समुदायों, मछुआरों, बंदरगाहों और समुद्री क्षेत्र के हितधारकों के लिए विभिन्न पूर्वानुमान उत्पादों और चेतावनी बुलेटिनों को शामिल किया गया। एक प्रमुख आकर्षण आईएमडी द्वारा जनता के लिए विकसित चक्रवात एवं समुद्री मौसम सेवाओं की निर्णय सहायता प्रणाली (डीएसएस) का प्रदर्शन था। यह एक एकीकृत मंच है, जो आम जनता, हितधारकों और आपदा प्रबंधकों को समय पर निर्णय लेने में सहायता प्रदान करता है।

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