भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अंतर्गत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने 6 अक्टूबर, 2026 को हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मलाना गांव में एक जन संवाद का आयोजन किया। यह आयोजन युवा रक्षा पहल के तहत सीबीएन के निवारक प्रयासों और राष्ट्रीय नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) नीति, 2012 और नारकोटिक्स कंट्रोल 2026-2029 के विजन दस्तावेज के अनुसार अवैध भांग की खेती से प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक विकास को बढ़ावा देने के जनादेश को पूरा करने की दिशा में एक पहल थी।
यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नशा मुक्त भारत के विज़न को आगे बढ़ाने तथा निरंतर निवारक जागरूकता, युवाओं की सहभागिता और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों में योगदान देने का प्रयास है।

मलाना गांव में जन संवाद के दौरान केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारी और मलाना गांव के लोग।
मलाना गांव अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक सामुदायिक संस्थानों और अवैध भांग उत्पादन क्षेत्रों से अपने दीर्घकालिक जुड़ाव के लिए जाना जाता है। “जन संवाद पहल के तहत, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने ग्रामीण युवाओं और आबादी को भांग, चरस और हशीश के तेल के सेवन के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए। साथ ही, सीबीएन ने ग्रामीणों को विभिन्न विभागों द्वारा समर्थित वैकल्पिक विकास और फसल प्रणालियों तथा सतत आजीविका मॉडल अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।”
जन संवाद में समुदाय द्वारा वैकल्पिक आजीविका विकसित करने में आने वाली चुनौतियों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया, जिनमें सेब की खेती में कठिनाई, संपर्क, बाजार संबंध और कृषि उत्पादों के लिए उचित मूल्य जैसी समस्याएं शामिल थीं। मधुमक्खी पालन, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से संबंधित गतिविधियों, पर्यटन और अन्य स्थानीय रूप से उपयुक्त आजीविका के अवसरों, अवैध भांग की खेती का स्थानीय पारिस्थितिकी पर प्रभाव, भेड़ और बकरियों के लिए पारंपरिक रूप से उपलब्ध चरागाह क्षेत्रों में कमी और वनों की कटाई पर भी चर्चा की गई।
जन संवाद के दौरान सीबीएन टीम और स्थानीय समुदाय को व्यावहारिक चुनौतियों के साथ-साथ सतत विकास और वैकल्पिक आजीविका सृजन पर चर्चा करने का अवसर मिला।

मलाना गांव के लोगों ने सामूहिक रूप से मादक पदार्थों के सेवन से परहेज करने और अवैध भांग की खेती बंद करने का संकल्प लिया।
जन संवाद के दौरान समुदाय के सदस्यों ने आगामी कृषि मौसम में मादक पदार्थों के सेवन से परहेज करने और अवैध भांग की खेती को हतोत्साहित करने का सामूहिक संकल्प लिया, साथ ही वैकल्पिक आजीविका और फसल विकास के अवसरों के लिए केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के साथ मिलकर काम करने का भी संकल्प लिया। स्कूली बच्चों ने भी नशामुक्त रहने और एक स्वस्थ एवं नशामुक्त समुदाय के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।

मलाना गांव के स्कूली बच्चों ने नशा मुक्त रहने की शपथ ली।
जन संवाद, निवारक जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और अवैध खेती के टिकाऊ विकल्पों को बढ़ावा देने पर केंद्रीय वित्त मंत्रालय के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।
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