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वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में भारत के इस्पात क्षेत्र में नियमित रूप से वृद्धि जारी रही

1. इस्पात उत्पादन और कीमतें

1ए. उत्पादन का संक्षिप्त विवरण (मीट्रिक टन में)

उत्पादनसितंबर 2026सितंबर 2025वर्ष-दर-वर्ष %अप्रैल-सितंबर
2026
अप्रैल-सितंबर
2025
विगत वर्ष की समान अवधि में %
कच्चा इस्पात14.113.73.485.182.72.9
गर्म धातु7.97.90.248.347.22.5
तैयार स्टील13.513.21.981.878.83.7

1ख. उत्पादकवार उत्पादन (अप्रैल-सितंबर 2026) (मीट्रिक टन में)

निर्मातावार्षिक कच्चे
इस्पात की
क्षमता
कच्चे इस्पात का
उत्पादन
गर्म धातु
उत्पादन
तैयार
इस्पात
उत्पादन
शीर्ष 7117.447.744.844.1
शेष उत्पादक105.437.43.537.7
कुल222.985.148.381.8
सार्वजनिक क्षेत्र का हिस्सा (%)13.915.529.413.5
शीर्ष 7 में एसएआईएल, आरआईएनएल, एनएसएल, टीएसएल समूह, एएम/एनएस, जेएसएल(जेएसपीएल), जेएसडब्ल्यू समूह शामिल हैं।

1. सी. इस्पात की कीमतें (₹/टन में)

उत्पादजुलाई-26अगस्त-2626 सितंबरमाह-दर-माह %वर्ष-दर-वर्ष %
टीएमटी (10 मिमी)₹ 56,698₹ 58,002₹ 65,29812.6%21.0%
एचआर कॉइल (2 मिमी)₹ 69,828₹ 70,448₹ 76,0858.0%26.8%
सीआर कॉइल (0.63 मिमी)₹ 76,582₹ 76,462₹ 84,97211.1%28.8%
जीपी शीट (0.63 मिमी)₹ 86,415₹ 86,668₹ 94,1488.6%27.7%

नोट: कीमतें जीएसटी सहित हैं और ₹/टन में दिखाई गई हैं, जो चार महानगरों – कोलकाता, दिल्ली, मुंबई और चेन्नई – के औसत मूल्यों पर आधारित हैं।

2. मांग (मीट्रिक टन में)

सूचकसितंबर 2026सितंबर 2025वर्ष-दर-वर्ष %अप्रैल-सितंबर
2026
अप्रैल-सितंबर
2025
विगत वर्ष की समान अवधि में %
तैयार इस्पात की
खपत
14.413.38.084.979.07.5

3. व्यापार गतिशीलता

3ए. तैयार इस्पात — आयात एवं निर्यात

संकेतकइकाई26 सितंबरसितम्बर 25वर्ष-दर-वर्ष %अप्रैल-सितंबर
2026
अप्रैल-सितंबर
2025
विगत वर्ष की समान अवधि में %
आयात‘000 टी654.4651.90.44141.83344.823.8
करोड़ रुपये7496.25032.948.943690.131205.440.0
निर्यात‘000 टी561.8584.0-3.83547.82810.226.2
करोड़ रुपये4617.14020.414.828263.721931.528.9
शुद्ध व्यापार
स्थिति
अप्रैल-सितंबर 2026 की अवधि के दौरान भारत मात्रा के हिसाब से तैयार इस्पात का शुद्ध आयातक था।

4. कच्चे माल

4a. घरेलू कच्चे माल की कीमतें (₹/टन)

मालजुलाई 2026अगस्त 2026सितंबर 2026माह-दर-माह परिवर्तन
एनएमडीसी लौह अयस्क बैला गांठ
(65.5%, 10-40 मिमी)
₹ 5,450₹ 5,250₹ 5,4002.9%
एनएमडीसी लौह अयस्क बैला फाइन
(64%, 0-10 मिमी)
₹ 4,700₹ 4,500₹ 4,500–
एमओआईएल मैंगनीज अयस्क का टुकड़ा (एमएन
37%, एफई 7.5%)
₹ 18,530₹ 17,603₹ 17,603–
स्क्रैप — एचएमएस II₹ 38,580₹ 39,970₹ 43,8109.6%

5. प्रमुख सूचकांक

सूचकांकजुलाई 2026अगस्त 2026सितंबर 2026माह-दर-माह
परिवर्तन
वर्ष-दर-वर्ष
परिवर्तन
निफ्टी धातु सूचकांक (औसत)12,556.413,181.813,053.7-1.0%32.7%
पीएमआई विनिर्माण सूचकांक53.552.855.14.4%-4.5%
बाल्टिक शुष्क सूचकांक (औसत)2,769.92,951.13,407.715.5%60.4%

स्रोत: एनएसई, एसएंडपी ग्लोबल, ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स

6. नीतिगत पहल/उद्योगगत पहल

इस्पात मंत्रालय ने इस्पात उद्योग में सुरक्षा मानकों, दुर्घटना की रोकथाम और सुरक्षा संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिए मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में एक सर्वोच्च निकाय, इस्पात उद्योग सुरक्षा परिषद (एसआईएससी) की स्थापना का निर्णय लिया है। इसके साथ ही एक समर्पित इस्पात उद्योग सुरक्षा निदेशालय (एसआईएसडी) सुरक्षा की लेखा जांच, गंभीर घटनाओं की छानबीन और भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप सुरक्षा मानकों को जारी करने के माध्यम से परिषद को सहयोग प्रदान करेगा जिसमें लौह एवं इस्पात उत्पादक और सीपीएसई खदानें शामिल होंगी।

एनएमडीसी ने छत्तीसगढ़ के नागरनार में अपना 2 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) पेलेट संयंत्र चालू कर दिया है जिससे उसकी 5,427 करोड़ रुपये की एकीकृत परियोजना पूरी हो गई है। इस परियोजना में बाचेली में एक लौह अयस्क प्रसंस्करण संयंत्र, 135 किलोमीटर लंबी 15 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) स्लरी पाइपलाइन और नागरनार पेलेट संयंत्र शामिल हैं जिसमें स्ट्रेट ग्रेट इंड्यूरेशन तकनीक का उपयोग किया जाता है। इससे बैलाडीला लौह अयस्क के महीन कणों और गाद के महत्व और इससे होने वाले लाभ को बढ़ाना संभव होगा, अयस्क के सड़क परिवहन में कमी आएगी और लौह अयस्क मूल्य श्रृंखला में एनएमडीसी की उपस्थिति मजबूत होगी।

एनएमडीसी का लौह अयस्क उत्पादन सितंबर 2026 में वर्ष दर वर्ष 8 प्रतिशत बढ़कर 4.04 मिलियन टन हो गया जिससे वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही का उत्पादन 27.3 मिलियन टन हो गया जो वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही की तुलना में लगभग 23 प्रतिशत अधिक है और कंपनी अपने वार्षिक उत्पादन लक्ष्यों की ओर अग्रसर है।

एसएआईएल और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने पश्चिम बंगाल में एसएआईएल के इंडिकट्टा रामनागोर कोयला ब्लॉक और बीसीसीएल के पूर्वी दामागोरिया (कल्याणेश्वरी) कोयला ब्लॉक के संयुक्त विकास और संचालन के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह साझेदारी दोनों सीपीएसई के बीच सहयोग को मजबूत करती है और घरेलू कोकिंग कोयला स्रोतों के विकास में सहायक है।

एसएआईएल के राउरकेला स्टील प्लांट ने हॉट स्ट्रिप मिल-2 में कंपनी के भीतर निर्मित एआई-आधारित सुरक्षा निगरानी प्रणाली स्थापित की है। यह प्रणाली हेलमेट संबंधी उल्लंघनों का पता लगाने और स्वचालित अलार्म बजाने के लिए 10 आईपी कैमरों और कंप्यूटर विज़न का उपयोग करती है। यह समय-चिह्नित घटनाओं को भी रिकॉर्ड करती है और भविष्य के चरणों में इसे अन्य पीपीई उल्लंघनों, असुरक्षित कार्यों, आग और अन्य खतरों तक विस्तारित किया जाएगा।

7. हरित इस्पात पहल

इस्पात मंत्रालय की हरित इस्पात पहल के अंतर्गत सितंबर 2026 तक जारी सूचियों में 101 अलग-अलग इस्पात उत्पादकों को हरित इस्पात प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। इस प्रमाणन में टीएमटी बार, एचआर/सीआर कॉइल, प्लेट, वायर रॉड, पाइप और अन्य इस्पात उत्पाद शामिल हैं जिनमें से अधिकांश प्रमाणित उत्पादों को 5-स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है। यह भारत के इस्पात उद्योग में कम उत्सर्जन वाली इस्पात निर्माण प्रक्रियाओं को अपनाने में हो रही वृद्धि को दर्शाती है।

एसएआईएल, डीवीसी और एचयूआरएल के सहयोग से जादवपुर विश्वविद्यालय हरित हाइड्रोजन अनुसंधान के लिए 8.18 करोड़ रुपये की लागत से एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित कर रहा है जो नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से अनुमोदित चार केंद्रों में से एक है। एसएआईएल अपने संयंत्रों में विकसित प्रौद्योगिकियों का परीक्षण और उपयोग करेगा जिससे राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत इस्पात, विद्युत और उर्वरक उत्पादन में हरित हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

स्रोत: सितंबर 2026 के लिए जेपीसी का अनंतिम डेटा। Mt = मिलियन टन; Mtpa = मिलियन टन प्रति वर्ष; MoM = माह-दर-माह; YoY = वर्ष-दर-वर्ष; CPLY = विगत वर्ष की समान अवधि।

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