2.67 लाख पंजीकृत विनिर्माण इकाइयां देश की आर्थिक बढ़ोतरी को आगे बढ़ाने में संलग्न
स्थिर पूंजी में 10.54% की बढ़ोतरी देखी गई
सकल मूल्य वर्धित 9.59% बढ़ा
14 लाख से ज़्यादा कर्मचारी जुड़े, जिससे कुल अनुमानित रोज़गार 2 करोड़ के पार पहुँच गया
| विशेष बातें: वर्ष 2024-25 में, पंजीकृत विनिर्माण क्षेत्र ने पिछले वर्ष की तुलना में औद्योगिक उत्पादन में 7.81%, कुल रोज़गार में 7.19% और वेतन-भत्तों में 12.08% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। पिछले सर्वे की अवधि के दौरान, इस क्षेत्र में निवेश की गई पूंजी (स्थिर पूंजी + भौतिक कार्यशील पूंजी) में 11.10% की बढ़ोतरी हुई है। इसी दौरान, शुद्ध आय में 9.68% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि शुद्ध लाभ में भी 7.73% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2024-25 के दौरान देश के कुल विनिर्माण GVA में शीर्ष पांच उद्योगों – बेसिक मेटल, मोटर वाहन, केमिकल और केमिकल प्रोडक्ट्स, फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स और फ़ूड प्रोडक्ट्स – का कुल मिलाकर 45% से ज़्यादा योगदान रहा है। रोज़गार के मामले में तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा शीर्ष 5 राज्य बनकर उभरे हैं; 2024-25 में देश के कुल विनिर्माण रोज़गार में इनकी हिस्सेदारी 56% से ज़्यादा रही है। |
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने तथ्यपत्र के जरिए अप्रैल 2024 से मार्च 2025 (यानी वित्तीय वर्ष 2024-25) की अवधि के लिए ‘उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण’ (एएसआई) के परिणाम जारी किए हैं। इस प्रेस नोट में, इस सर्वेक्षण को एएसआई 2024-25 कहा गया है। एएसआई 2024-25 के लिए इस सर्वेक्षण का फील्ड वर्क अक्टूबर 2025 से जून 2026 के दौरान किया गया था। एएसआई 2024-25 सर्वेक्षण के बारे में संक्षिप्त जानकारी अंत में दी गई टिप्पणी (‘एंडनोट’) में उपलब्ध कराई गई है।
‘उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण’ (एएसआई) मुख्य रूप से विभिन्न विनिर्माण उद्योगों में बदलाव की गतिशीलता ( जैसे आउटपुट, मूल्य वर्धित, रोज़गार, कैपिटल फॉर्मेशन और अन्य कई पैमानों के आधार पर उनके गठन, विकास और संरचना) को समझने के उद्देश्य से किया जाता है। सर्वे का डेटा नीति बनाने, नेशनल अकाउंट्स स्टैटिस्टिक्स तैयार करने और अलग-अलग मंत्रालयों की जानकारी की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक इनपुट का कार्य करता है। इसके साथ ही इस सर्वेक्षण से संबंधित पक्षों को सही जानकारी के आधार पर फ़ैसले लेने में सहायता मिलती है। इसके परिणाम राज्य और प्रमुख उद्योगों के स्तर पर तैयार किए जाते हैं। यह रिपोर्ट मंत्रालय की वेबसाइट (https://www.mospi.gov.in) पर उपलब्ध है।
एएसआई 2024-25 के परिणामों की मुख्य बातें
वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान पंजीकृत विनिर्माण क्षेत्र में व्यापक विकास देखा गया। इसमें ज़्यादातर प्रमुख आर्थिक संकेतकों (जैसे कि निवेशित पूंजी, इनपुट, आउटपुट, सकल मूल्य वर्धित, रोज़गार और वेतन) में पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ोतरी हुई।
इकाइयों में सकल मूल्य वर्धित और रोज़गार के आंकड़ों में बढ़ोतरी:
इस क्षेत्र में इकाइयों की कुल संख्या एएसआई 2023-24 में 2.60 लाख से बढ़कर एएसआई 2024-25 में 2.67 लाख हो गई, जो 2.64% की बढ़ोतरी को दिखाता है। सबसे ज़्यादा इकाइयां तमिलनाडु (41,221) में दर्ज की गई, इसके बाद गुजरात (33,084) और महाराष्ट्र (27,379) का स्थान रहा।
चार्ट-1: एएसआई 2024-25 में प्रमुख राज्यों के अनुसार फ़ैक्टरियों की संख्या दिखाने वाला बार चार्ट: अखिल भारतीय (ऑल इंडिया)

इस दौरान, जीवीए ₹2458.3 हज़ार करोड़ से बढ़कर ₹2694.2 हज़ार करोड़ हो गया, जो औद्योगिक मूल्य वर्धन में लगातार बढ़ोतरी (9.59%) को दिखाता है। अखिल भारतीय जीवीए में राज्यों की हिस्सेदारी के मामले में, महाराष्ट्र ने 2024-25 में सबसे ज़्यादा जीवीए दर्ज किया। इसके बाद गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश का स्थान रहा। कुल मिलाकर, देश के कुल विनिर्माण जीवीए में इन पाँच राज्यों की हिस्सेदारी 54% से ज़्यादा थी। अखिल भारतीय स्तर पर कुल प्रतिष्ठानों में इन पाँच राज्यों की हिस्सेदारी 53.30% थी।
तालिका 1: एएसआई 2024-25 में जीवीए के हिसाब से शीर्ष पाँच राज्य: जीवीए और प्रतिष्ठानों की हिस्सेदारी (%)
| राज्य | जीवीए | प्रतिष्ठान | ||
| एएसआई 2023-24 | एएसआई 2024-25 | एएसआई 2023-24 | एएसआई 2024-25 | |
| महाराष्ट्र | 15.95 | 15.92 | 10.20 | 10.26 |
| गुजरात | 14.20 | 14.10 | 12.81 | 12.39 |
| तमिलनाडु | 10.26 | 10.90 | 15.43 | 15.44 |
| कर्नाटक | 7.47 | 7.31 | 5.76 | 5.86 |
| उत्तर प्रदेश | 6.80 | 6.64 | 8.51 | 9.35 |
पंजीकृत विनिर्माण क्षेत्र में रोज़गार का दायरा बढ़ता रहा। पंजीकृत क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की अनुमानित संख्या एएसआई 2023-24 में 1.96 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में 2.10 करोड़ हो गई, जिसमें 7.19% की बढ़ोतरी हुई। 2023-24 की तुलना में 2024-25 में कर्मचारियों को दिए जाने वाले कुल वेतन और भत्तों में भी 12.08% की बढ़ोतरी हुई। 2024-25 में विनिर्माण क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की संख्या के मामले में तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा पांच प्रमुख राज्य थे। इन राज्यों की हिस्सेदारी उस वर्ष विनिर्माण क्षेत्र में कुल रोजगार का लगभग 56 प्रतिशत थी।
चार्ट-2: एएसआई 2024-25 में प्रमुख उद्योग डिवीज़न के अनुसार काम करने वाले लोगों की कुल संख्या (हजार में): अखिल भारतीय स्तर पर

तालिका 2: एएसआई 2024-25 में शामिल कुल लोगों के हिसाब से शीर्ष पाँच राज्य: शामिल कुल लोगों और वेतन–भत्तों का हिस्सा (%)
| राज्य | काम पर लगे कुल लोग | वेतन/भत्ता | ||
| एएसआई 2023-24 | एएसआई 2024-25 | एएसआई 2023-24 | एएसआई 2024-25 | |
| तमिलनाडु | 15.24 | 14.99 | 13.16 | 13.02 |
| महाराष्ट्र | 12.95 | 13.08 | 17.48 | 17.64 |
| गुजरात | 13.07 | 12.99 | 13.13 | 12.99 |
| उत्तर प्रदेश | 8.30 | 8.72 | 7.61 | 7.82 |
| हरियाणा | 6.08 | 6.44 | 6.74 | 6.82 |
चार्ट-3: 2024-25 में संगठन के प्रकार के आधार पर काम पर लगे कुल लोगों का बंटवारा दिखाने वाला पाई चार्ट: अखिल भारतीय स्तर पर

तालिका 3: एएसआई 2020-21 से 2024-25 तक कुछ मुख्य पैमानों की मौजूदा कीमतों पर वैल्यू (वैल्यू के आंकड़े लाख रुपये में)
| वर्ष | 2020-21 | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 |
| विशेषताएं | |||||
| फैक्ट्रियां | 250,454 | 249,987 | 253,334 | 260,061 | 266,931 |
| चालू फैक्ट्रियां | 200,395 | 200,576 | 206,523 | 212,990 | 218,543 |
| स्थिर पूंजी | 369,438,562 | 372,635,444 | 412,179,458 | 462,409,035 | 511,166,407 |
| निवेशित पूंजी | 519,114,310 | 554,493,175 | 613,921,255 | 680,132,999 | 755,643,072 |
| कामगार | 12,594,563 | 13,609,931 | 14,616,971 | 15,519,957 | 16,653,810 |
| कुल कार्यरत व्यक्ति | 16,089,700 | 17,215,350 | 18,494,962 | 19,589,131 | 20,996,913 |
| कामगारों को मजदूरी | 22,261,548 | 26,455,930 | 29,990,380 | 33,598,653 | 37,976,781 |
| कुल पारिश्रमिक | 48,389,031 | 56,082,801 | 64,049,070 | 71,646,903 | 80,302,971 |
| इनपुट | 719,206,541 | 987,917,996 | 1,228,954,623 | 1,286,883,003 | 1,382,964,338 |
| आउटपुट | 880,921,387 | 1,192,715,147 | 1,448,660,228 | 1,532,716,609 | 1,652,384,144 |
| जीवीए | 161,714,846 | 204,797,151 | 219,705,605 | 245,833,605 | 269,419,806 |
| मूल्यह्रास | 28,135,986 | 29,964,685 | 31,664,493 | 35,519,270 | 39,425,596 |
| एनवीए | 133,578,860 | 174,832,466 | 188,041,113 | 210,314,335 | 229,994,210 |
| शुद्ध आय | 115,747,714 | 157,994,016 | 169,282,621 | 187,387,599 | 205,524,799 |
| शुद्ध लाभ | 61,405,752 | 95,071,368 | 97,634,628 | 107,285,987 | 115,583,603 |
अंत में दी गई टिप्पणी (एंडनोट):
उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण (एएसआई) 2024-25 के बारे में संक्षिप्त नोट
A. एएसआई का दायरा:
उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण में मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल हैं:
i. फ़ैक्टरीज़ एक्ट, 1948 की धारा 2m(i) और 2m(ii) के तहत पंजीकृत कारखाने
ii. बीड़ी और सिगार कामगार (रोज़गार की शर्तें) अधिनियम, 1966 के अंतर्गत पंजीकृत बीड़ी और सिगार बनाने वाली इकाइयाँ
iii. बिजली बनाने, ट्रांसमिट करने और वितरित करने वाली बिजली कंपनियाँ, जो केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के साथ पंजीकृत नहीं हैं
iv. राज्य सरकारों द्वारा तैयार और अनुरक्षित किए जाने वाले ‘बिज़नेस रजिस्टर ऑफ़ एस्टेब्लिशमेंट्स’ (बीआरई) में पंजीकृत 100 या उससे ज़्यादा कर्मचारियों वाली इकाइयाँ (जब संबंधित राज्य सरकारें ऐसी सूची साझा करती हैं)
B. एएसआई फ़्रेम और उसे अपडेट करना
एएसआई फ़्रेम हर राज्य में ‘चीफ़ इंस्पेक्टर ऑफ़ फ़ैक्टरीज़’ (सीआईएफ) द्वारा अनुरक्षित की जाने वाली पंजीकृत फ़ैक्टरी/इकाइयों की सूची और बीड़ी-सिगार इकाइयों व बिजली कंपनियों के लिए पंजीकरण प्राधिकरणों द्वारा अनुरक्षित की जाने वाली सूची पर आधारित है। इस फ़्रेम को समय-समय पर एनएसओ के फ़ील्ड ऑपरेशन्स डिवीज़न के क्षेत्रीय कार्यालय, राज्य में ‘चीफ़ इंस्पेक्टर ऑफ़ फ़ैक्टरीज़’ के साथ सलाह-मशविरा करके संशोधित और अपडेट करते हैं। संशोधन के समय, एएसआई फ़्रेम से डी-रजिस्टर्ड फ़ैक्टरीज़ के नाम हटा दिए जाते हैं और नई रजिस्टर्ड फ़ैक्टरीज़ के नाम जोड़ दिए जाते हैं। पिछले सर्वे वर्ष (इस मामले में 2023-24) में चुनी गई इकाइयों के लिए, किसी खास वर्ष (जैसे एएसआई 2024-25) के फ़्रेम से जुड़ी जानकारी – जैसे स्टेटस कोड, फ़्रेम इंडस्ट्री (एनआईसी 4 डिजिट), कर्मचारी (कुल लगे हुए लोग), पता आदि – पिछले सर्वे वर्ष के दौरान एकत्र की गई जानकारी के आधार पर अपने-आप (डायनामिक रूप से) अपडेट हो जाती हैं।
C. गणना की इकाई
सर्वे में गणना की मुख्य इकाई विनिर्माण उद्योगों के मामले में फ़ैक्टरी, रिपेयर सर्विस के मामले में वर्कशॉप, बिजली, गैस और पानी की आपूर्ति करने वाली कंपनियों के मामले में कोई कंपनी या लाइसेंस-धारक, और बीड़ी-सिगार उद्योगों के मामले में कोई प्रतिष्ठान (एस्टेब्लिशमेंट) होती है। यद्यपि, अगर किसी मालिक के एक ही राज्य में दो या उससे ज़्यादा संस्थान हैं जो एक ही उद्योग समूह से जुड़े हैं और सेंसस स्कीम के अंतर्गत आते हैं, तो उन्हें एक ही कंबाइंड रिटर्न जमा करने की इजाज़त है। बीड़ी और सिगार बनाने वाले संस्थानों, बिजली कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र की कुछ कंपनियों के मामले में ऐसे कंबाइंड रिटर्न आम बात है।
D. डेटा एकत्र करने का तरीका
एएसआई के लिए डेटा, ‘कलेक्शन ऑफ़ स्टैटिस्टिक्स एक्ट 2008’ (जिसमें 2017 में संशोधन किया गया था) और इसके अंतर्गत 2011 में बने नियमों के अनुसार चुनी गई फैक्ट्रियों से एकत्र किया जाता है। पूरा सर्वे बिना किसी कागज़ी शेड्यूल के विशेष वेब-पोर्टल के ज़रिए किया जाता है। एएसआई में डेटा एकत्र करने के लिए ‘एस्टेब्लिशमेंट’ (यानी इकाई/कारखाने) के आधार पर तरीका अपनाया जाता है, जिसमें चुनी गई इकाइयों से डेटा एकत्र किया जाता है।
E. सर्वे अस्वीकरण
इस सर्वे के ज़रिए एकत्र किए गए डेटा की गुणवत्ता की जांच कई तरह से की जाती है; यह सर्वे मुख्य रूप से रिकॉर्ड पर आधारित है। सर्वे से अनुमानित महत्वपूर्ण पैमानों के लिए ‘रिलेटिव स्टैंडर्ड एरर’ (आरएसई) (जो अनुमान की विश्वसनीयता का व्यापक रूप से स्वीकृत सांख्यिकीय पैमाना है) कुल मिलाकर कम है और स्वीकार्य सीमा के भीतर है। यद्यपि, चूँकि इस परिणाम में दिखाया गया डेटा सैंपल सर्वे से अनुमानित है, इसलिए इस डेटा का इस्तेमाल करते समय ज़रूरी सावधानी बरती जानी चाहिए।
एएसआई 2024-25 की फैक्टशीट मंत्रालय की वेबसाइट (https://www.mospi.gov.in) पर उपलब्ध है। पब्लिकेशन/रिपोर्ट देखने के लिए नीचे दिए गए QR कोड को स्कैन करें।

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