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आसियान-भारत समुद्री अभ्यास (एआईएमई-2026) का दूसरा संस्करण 28 सितंबर, 2026 को फिलीपींस के सुबिक बे में शुरू हुआ। इसमें भारतीय नौसेना के जहाज सह्याद्रि और कुलिश के साथ आसियान सदस्य देशों की नौसेनाओं ने भी भाग लिया। इस अभ्यास को “विश्वास में अटूट, समुद्र में एकजुट” की विषय-वस्तु पर आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भारत और आसियान देशों की समुद्री सेनाओं को पेशेवर, परिचालन एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए एक मंच पर लाना है। इसके माध्यम से आपसी समझ, सहयोग एवं सहभागिता अर्थात एक-दूसरे के साथ प्रभावी ढंग से मिलकर कार्य करने की क्षमता को और बढ़ाया जा रहा है।

इस अभ्यास का शुभारंभ उद्घाटन समारोह के साथ हुआ, जिसमें फिलीपींस में भारत के राजदूत हर्ष कुमार जैन ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने अभ्यास में शामिल हुई सभी नौसेनाओं को संबोधित किया।

इस अभ्यास के अंतर्गत बंदरगाह चरण में अलग-अलग प्रकार की पेशेवर, परिचालन और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें विषय विशेषज्ञों के बीच विचार-विमर्श, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां, सामुदायिक सहभागिता और परिचालन समन्वय शामिल हैं। इसके बाद समुद्री चरण की शुरुआत से पहले ‘प्री-सेल ब्रीफ’ का आयोजन भी किया जाएगा।

इसके बाद यह अभ्यास समुद्री चरण के लिए आगे बढ़ेगा। इसमें भाग लेने वाली नौसेनाएं संयुक्त रूप से विभिन्न समुद्री अभ्यास व परिचालन गतिविधियां संचालित करेंगी। इस चरण का लक्ष्य समुद्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण और समन्वित गतिविधियों के माध्यम से पेशेवर समझ, परिचालन तालमेल व आपसी सहभागिता यानी एक-दूसरे के साथ प्रभावी ढंग से मिलकर कार्य पूरा करने की क्षमता को आगे ले जाना है।

आसियान-भारत समुद्री अभ्यास-2026 में आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश की भागीदारी समुद्री साझेदारी को सुदृढ़ करने तथा आसियान देशों की समुद्री सेनाओं के साथ व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारतीय नौसेना की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस अभ्यास को भारत की एक्ट ईस्ट नीति और महासागर (क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति) के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में आयोजित किया जा रहा है।

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