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पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी 2026 में ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक


भगवान जगन्नाथ की प्रतिमाओं से लेकर पट्टचित्र, तारकशी और संबलपुरी कला तक, इस संग्रह में ओडिशा की सांस्कृतिक पहचान की कई विशिष्ट अभिव्यक्तियां एक साथ देखने को मिलती हैं

ओडिशा की विविध सांस्कृतिक विरासत ‘पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी 2026’ चर्चा के केंद्र में है। इस संग्रह में राज्य की भक्ति, शिल्पकला, चित्रकला, वस्त्र और साहित्यिक परंपराओं को प्रदर्शित करने वाली कलाकृतियां शामिल हैं। सूची में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा पर केंद्रित विभिन्न कृतियों के साथ-साथ ओडिशा के क्षेत्रीय देवी-देवताओं, पारंपरिक कला रूपों, वस्त्रों, त्योहारों और प्रमुख सांस्कृतिक हस्तियों को दर्शाने वाली कलाकृतियां भी शामिल हैं।

इस संग्रह की उल्लेखनीय कृतियों में रथ पर सवार जगन्नाथ परिवार की कलाकृति शामिल है। इसमें भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र को चार तराशे गए घोड़ों द्वारा खींचे जाने वाले बारीकी से सजाए गए रथ पर विराजमान दिखाया गया है। यह रथ यात्रा के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को दर्शाती है।

संग्रह में पुरी रथ यात्रा को दर्शाने वाली एक पट्टचित्र पेंटिंग भी शामिल है। इसमें नृत्य, संगीत और उत्सव के दृश्यों के बीच देवी-देवताओं को उनके रथ पर दिखाया गया है। यह कृति अपनी बारीक कारीगरी, जीवंत रंगों और ओडिशा की भक्ति-प्रधान कला परंपराओं से जुड़ाव को उजागर करती है।

नीलामी सूची में राज्य से जुड़ी कई पारंपरिक हस्तशिल्प कृतियां भी प्रदर्शित की गई हैं। इनमें कटक की चांदी की फिलिग्री या तारकशी की कृतियां शामिल हैं। यह एक ऐसी जटिल शिल्पकला है जिसमें चांदी के बेहद महीन तारों का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा संबलपुरी वस्त्र और इकत कला भी संग्रह का हिस्सा हैं।

एक अन्य प्रमुख कृति संबलपुरी इकत से निर्मित मां समलेश्वरी की भक्ति-प्रतिमा है। इस कलाकृति को पारंपरिक बंधा तकनीक के माध्यम से पूरी तरह हाथ से बुना गया है।

जगन्नाथ से जुड़ी कृतियों के अलावा, यह संग्रह ओडिशा की जीवंत त्योहार परंपराओं को भी दर्शाता है। एक फ्रेमयुक्त चित्र में पंचु डोला मेला दिखाया गया है, जिसमें श्रद्धालु रंग-बिरंगे छोटे मंदिरनुमा ढांचे लेकर जाते दिखाई देते हैं। वहीं, एक अन्य तस्वीर में चिलिका झील में आयोजित इस त्योहार को दिखाया गया है, जिसमें ग्रामीण देवी-देवताओं को वार्षिक मिलन के लिए नावों के माध्यम से ले जाते हुए दिखाया गया है।

कुल मिलाकर, 62 स्मृति चिह्न ओडिशा की एक व्यापक दृश्यात्मक सांस्कृतिक कथा प्रस्तुत करते हैं। इनमें जगन्नाथ पूजा और रथ यात्रा की सदियों पुरानी परंपराओं से लेकर पट्टचित्र, तारकशी, संबलपुरी इकत, क्षेत्रीय त्योहारों और साहित्यिक विरासत तक की झलक मिलती है। यह सूची किसी एक कला परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि एक ही संग्रह में राज्य की जीवंत सांस्कृतिक विरासत की अनेक अभिव्यक्तियों को एक साथ प्रस्तुत करती है।

पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी 2026 का आठवां संस्करण 2 अक्टूबर 2026 तक जारी है। नीलामी की तारीखों, भागीदारी संबंधी जानकारी और पूरी सूची के लिए आधिकारिक पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी पोर्टल pmmementos.gov.in  पर विजिट करें।

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