भारत की ब्रिक्स टैक्स अध्यक्षता ने प्रौद्योगिकी, प्रशासन और मानव संसाधन क्षेत्रों में ऐतिहासिक परिणाम हासिल किए हैं
अंतर्राष्ट्रीय कराधान और राजस्व सांख्यिकी पर भारत के नेतृत्व में दो नए कार्य समूहों की औपचारिक रूप से स्थापना; ब्रिक्स टैक्स प्रगति रिपोर्ट 2026 को अपनाया गया
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज नई दिल्ली में ब्रिक्स टैक्स प्राधिकरण प्रमुखों की बैठक का उद्घाटन किया। यह बैठक टैक्स सहयोग के लिए भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की परिणति थी। इस बैठक को केंद्रीय वित्त मंत्री, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी और राजस्व सचिव श्री अरविंद श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया।
इस बैठक में सीबीडीटी के अध्यक्ष श्री रवि अग्रवाल, सीबीडीटी के सदस्य (विधान) श्री प्रसेनजीत सिंह, सीबीडीटी के अन्य सदस्य और राजस्व विभाग (डीओआर) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की ओर से आयोजित इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के टैक्स प्राधिकरणों के प्रमुख एक साथ आए। दस ब्रिक्स टैक्स प्रशासनों – ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात – के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करने और सहयोग एवं समन्वय के माध्यम से उभरती चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए एक मंच पर एकत्रित हुए।


इस अवसर पर अपने संबोधन में श्रीमती सीतारमण ने भारत की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स टैक्स सहयोग के तीन प्रमुख विषयों के रूप में प्रौद्योगिकी, प्रशासन और जन पर प्रकाश डाला। उन्होंने टैक्स प्रशासन को अधिक सटीक और सुलभ बनाने में डेटा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका, व्यक्तिगत अध्यक्षताओं से परे सहयोग को बनाए रखने में सक्षम संपोषित संस्थागत तंत्र और व्यावहारिक उपकरणों के महत्व और जन में निवेश तथा विभिन्न टैक्स प्रशासनों के बीच पेशेवर संबंध बनाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि चल रही बहुपक्षीय कर वार्ताओं, जिनमें संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय टैक्स सहयोग फ्रेमवर्क कन्वेंशन पर वार्ताएं भी शामिल हैं, की निष्पक्षता और स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं के दृष्टिकोण आवश्यक हैं।

बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णयों को औपचारिक रूप से अपनाया गया। अंतर्राष्ट्रीय कराधान और हस्तांतरण मूल्य निर्धारण तथा राजस्व सांख्यिकी पर दो नए कार्य समूहों की स्थापना की गई। दोनों का नेतृत्व भारत करेगा, जिससे ऐसे स्थायी संस्थागत मंच तैयार होंगे जो अध्यक्षता की परवाह किए बिना जारी रहेंगे। अप्रैल 2026 में नागपुर स्थित राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी में आयोजित होने वाले पहले व्यक्तिगत ब्रिक्स युवा टैक्स पेशेवर क्षमता निर्माण कार्यक्रम को ब्रिक्स टैक्स सहयोग के वार्षिक कार्यक्रम के रूप में संस्थागत रूप दिया गया। ब्रिक्स टैक्स क्रॉस-लर्निंग लैब का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया गया, जिसमें ग्राहक-केंद्रित प्रशासन और मानव संसाधन प्रथाओं कार्य समूहों के कार्यों को एक संयुक्त सहकर्मी-शिक्षण मंच में एकीकृत किया गया। ब्रिक्स टैक्स सहायता नेटवर्क के संदर्भ की शर्तों को भी मंजूरी दी गई।

बैठक का समापन ब्रिक्स टैक्स प्रगति रिपोर्ट 2026 पर औपचारिक हस्ताक्षर के साथ हुआ, जिसमें ब्रिक्स टैक्स ट्रैक की भारत की अध्यक्षता का संपूर्ण विवरण शामिल है। चीन जनवादी गणराज्य को 2027 के लिए ब्रिक्स टैक्स कोऑपरेशन ट्रैक के आगामी अध्यक्ष के रूप में स्वागत किया गया।

टैक्स प्राधिकरणों के प्रमुखों ने बैठक के सफल आयोजन और ब्रिक्स टैक्स ट्रैक की भारत की अध्यक्षता की गुणवत्ता और गहराई के लिए भारत सरकार की सराहना की।

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