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कांदा एक्सप्रेस सरकार के सुरक्षित भंडार से प्याज लेकर 24 सितंबर को कोलकाता पहुंचेगी


नेफेड और एनसीसीएफ की मोबाइल वैन के जरिए पश्चिम बंगाल में 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से लगभग 1,400 मीट्रिक टन प्याज वितरित किया गया

त्योहारी सीजन के दौरान उपलब्धता बढ़ाने और खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कोलकाता और आसपास के जिलों में प्याज वितरण की योजना

देश भर के 100 से अधिक शहरों में सुरक्षित भंडार से प्याज की आपूर्ति की गई; पिछले सप्ताह में 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में खुदरा कीमतें स्थिर रही या उनमें गिरावट आई

मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) सुरक्षित भंडार से  24 सितंबर 2026 को ‘कांदा एक्सप्रेस’  के जरिये कोलकाता में प्याज पहुंचाकर भारत सरकार पश्चिम बंगाल में प्याज की आपूर्ति को मजबूत कर रही है। उम्मीद है कि इसके आने से बड़ी मात्रा में प्याज़ की आवाजाही में तेज़ी आएगी और विशेष रूप से आगामी त्योहारी सीजन से पहले कोलकाता तथा आस-पास के ज़िलों में प्याज़ की उपलब्धता और बेहतर होगी।

भारत सरकार पश्चिम बंगाल में प्याज की आपूर्ति बढ़ा रही है। मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) सुरक्षित भंडार से प्याज लेकर आ रही ‘कांदा एक्सप्रेस’ 24 सितंबर 2026 को कोलकाता पहुंचने वाली है। इसके आगमन से बड़ी मात्रा में प्याज की तेजी से आवाजाही संभव होने और खासकर त्योहारों के मौसम से पहले कोलकाता और आसपास के जिलों में इसकी उपलब्धता मजबूत होने की उम्मीद है।

पश्चिम बंगाल में नेफेड और एनसीसीएफ की मोबाइल वैन के माध्यम से मुख्यतः सड़क मार्ग से 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से लगभग 1,400 मीट्रिक टन प्याज पहले ही वितरित किया जा चुका है। कांदा एक्सप्रेस के आने से अब अतिरिक्त मात्रा में प्याज की आवाजाही ज्यादा बेहतर हो सकेगी, जिससे बाजार में उपलब्धता में सुधार होगा और सीज़न के हिसाब से कीमतों पर पड़ने वाला दबाव कम होगा।

आने वाली खेप से प्याज के वितरण की योजना कोलकाता और आसपास के जिलों में बनाई जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इस पहल का मौजूदा खुदरा कीमतों पर अधिकतम प्रभाव पड़े। कोलकाता में वर्तमान में 25 से अधिक स्थानों पर खुदरा बिक्री की जा रही है, जिनमें कोले मार्केट, मेचुआ मंडी, मानिकतला मार्केट, रामपुरिया मार्केट और श्यामबाजार मार्केट जैसे प्रमुख बाजार शामिल हैं।

सरकार ‘सुफल बांग्ला’ के ज़रिए सुरक्षित भंडार वाले प्याज़ की खुदरा बिक्री  की संभावना पर भी विचार कर रही है। इससे  उपभोक्ताओं को खरीदारी के अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे और इस पहल की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कोलकाता जाने वाली ‘कांदा एक्सप्रेस’ सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत हाइब्रिड रेल-और-सड़क मार्ग का इस्तेमाल करके पीएसएफ सुरक्षित भंडार से प्याज़ को धीरे-धीरे बाज़ार में उतारा जा रहा है। नेफेड और एनसीसीएफ के ज़रिए सुरक्षित भंडार को बाज़ार में पहुँचाने का काम 24 अगस्त 2026 को शुरू हुआ था और बाज़ार की ज़रूरतों के हिसाब से देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार आपूर्ति की जा रही है।

अब तक, देश भर के 100 से ज़्यादा शहरों में सुरक्षित भंडार से प्याज़ की आपूर्ति की गई है। रेल और सड़क, दोनों तरह के परिवहन साधनों का इस्तेमाल करके सरकार बड़ी मात्रा में प्याज़ पहुँचा रही है और साथ ही अलग-अलग इलाकों की ज़रूरतों को समय पर पूरा कर रही है।

प्याज की बढ़ी हुई उपलब्धता से देश के कई हिस्सों में कीमतों का दबाव कम होना शुरू हो गया है। पिछले एक सप्ताह के दौरान, 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्याज की खुदरा कीमतें स्थिर रहीं या उनमें गिरावट दर्ज की गई। इससे पता चलता है कि सुरक्षित भंडार के हस्तक्षेप के बाद बाज़ार में इसकी उपलब्धता बेहतर हुई है।

जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पिछले सप्ताह के दौरान प्याज की कीमतों में गिरावट आई है, उनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु और बिहार शामिल हैं।

सरकार मुख्य खपत वाले बाज़ारों में प्याज़ की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नज़र रख रही है। उपलब्धता बेहतर करने और मौसम के कारण कीमतों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए, ज़रूरत के हिसाब से सुरक्षित भंडार से प्याज़ जारी किया जा रहा है। आने वाले त्योहारों के मौसम समेत स्थानीय ज़रूरतों के आधार पर अलग-अलग बाज़ारों में और आपूर्ति किये जाने की संभावना है।

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