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आईआईसीए के ‘मीट द लीजेंड’ कार्यक्रम में ‘पीएमएलए–आईबीसी अंतरसंबंध’ पर चर्चा


माननीय अपीलीय न्यायाधिकरण के सदस्य श्री बलेश कुमार ने दिवाला संहिता और धन शोधन निवारण अधिनियम के बीच समन्वय पर प्रकाश डाला; पीजीआईपी प्रतिभागियों को वित्तीय जांच, परिसंपत्ति का पता लगाने और न्यायिक रुझानों पर व्यावहारिक जानकारी मिली

भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान (आईआईसीए), मानेसर ने अपने ‘मीट द लीजेंड’ कार्यक्रम के अंतर्गत हाल ही में 8वें पोस्ट ग्रेजुएट इनसॉल्वेंसी प्रोग्राम (पीजीआईपी) के प्रतिभागियों के लिए एक ज्ञानवर्धक सत्र का आयोजन किया। “पीएमएलए–आईबीसी अंतरसंबंध: उभरता सौहार्द” विषय पर व्याख्यान भारत सरकार के अपीलीय न्यायाधिकरण (पीएमएलए, फेमा, पीबीपीटीए, एनडीपीएसए और साफेमा) के माननीय सदस्य श्री बलेश कुमार ने दिया।

गणमान्य अतिथि का स्वागत करते हुए आईआईसीए के महानिदेशक एवं सीईओ श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने दिवाला और दिवालियापन संहिता (आईबीसी), 2016 और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के बीच अंतरसंबंध को मजबूत करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने आईबीसी की धारा 32ए का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके सटीक प्रारूपण के बावजूद, सामंजस्यपूर्ण कार्यान्वयन में अभी भी चुनौतियां बनी हुई हैं।

श्री कुमार ने पीएमएलए के ढांचे का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत करते हुए धन शोधन के चरणों—प्लेसमेंट, लेयरिंग और इंटीग्रेशन—तथा वित्तीय जांच में हवाला लेनदेन की प्रासंगिकता को समझाया। उन्होंने धारा 3, 4, 5, 8, 44 और 45 सहित प्रमुख प्रावधानों पर चर्चा की और न्यायिक नजीरों के माध्यम से उनके व्यावहारिक प्रभावों को स्पष्ट किया।

पीएमएलए–आईबीसी के अंतरसंबंध पर विशेष ध्यान दिया गया, विशेष रूप से उन जटिलताओं पर, जब दिवाला समाधान प्रक्रिया के दौरान कॉरपोरेट देनदार की परिसंपत्तियां पीएमएलए के तहत कुर्की का सामना करती हैं। दिवाला संबंधी उद्देश्यों और धन शोधन रोधी प्रवर्तन के बीच सामंजस्य स्थापित करने के लिए विकसित हो रहे न्यायिक दृष्टिकोण को विस्तार से समझाया गया।

इस सत्र में दिवाला कानून, वित्तीय जांच, परिसंपत्ति का पता लगाने और नियामक प्रवर्तन की बहु-विषयक समझ की आवश्यकता को रेखांकित किया गया। ‘मीट द लीजेंड’ कार्यक्रम प्रतिष्ठित न्यायपालिका, न्यायाधिकरणों, नियामकों और कॉरपोरेट जगत के सदस्यों से प्रतिभागियों को सीधे जोड़कर पीजीआईपी प्रतिभागियों के ज्ञान और समझ को निरंतर समृद्ध कर रहा है।

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