वैश्विक सामाजिक न्याय गठबंधन वार्षिक मंच 2026 के अवसर पर डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि आर्थिक विकास और सामाजिक प्रगति साथ-साथ चलनी चाहिए
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने वैश्विक सामाजिक न्याय गठबंधन के लिए तीन प्राथमिकताएं निर्धारित कीं
केंद्रीय मंत्री ने कहा- वैश्विक सामाजिक न्याय गठबंधन वार्षिक मंच 2026 सामाजिक न्याय और सम्मानजनक कार्य को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक भागीदारों को एक साथ लाता है; भारत ने सह-अध्यक्षता संभाली
सामाजिक न्याय के लिए वैश्विक गठबंधन का वार्षिक मंच 2026, 16-17 सितंबर 2026 को वर्चुअल रूप से आयोजित किया जा रहा है। इसमें सरकारें, नियोक्ता और श्रमिक संगठन, अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठन, विकास संस्थान, निजी क्षेत्र, शिक्षाविद और नागरिक समाज एक साथ मिलकर सामाजिक न्याय और सम्मानजनक कार्य के लिए सहयोग को मजबूत करने और सामूहिक कार्रवाई में तेजी लाने का प्रयास करेंगे। मंच के आधिकारिक उद्घाटन समारोह में श्रम एवं रोजगार एवं युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के महानिदेशक श्री गिल्बर्ट एफ. हौंगबो, अंतर्राष्ट्रीय नियोक्ता संगठन की अध्यक्ष सुश्री जैकलीन मुगो, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संघ परिसंघ के महासचिव श्री ल्यूक ट्रायंगल और ब्राजील के श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री लुइज़ मारिन्हो उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया इस अवसर पर अधिक समावेशी, लचीले और टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए सामाजिक न्याय को सर्वोपरि रखने हेतु सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि वैश्विक समुदाय का साझा उद्देश्य सहयोग को अवसरों में, विकास को साझा समृद्धि में और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धताओं को मूर्त परिवर्तन में बदलना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत इस मंच पर व्यापक स्तर पर परिवर्तन लाने का अपना अनुभव और अधिक समावेशी कार्यस्थल के निर्माण की प्रतिबद्धता प्रस्तुत करता है। आर्थिक विकास और सामाजिक प्रगति के साथ-साथ चलने की आवश्यकता पर बल देते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि विकास से अच्छे रोजगार सृजित होने चाहिए, प्रौद्योगिकी से समावेश को बढ़ावा मिलना चाहिए और नवाचार से लोगों के जीवन स्तर में सुधार होना चाहिए।
डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत प्रौद्योगिकी, कौशल और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से भविष्य के कार्य के लिए तैयारी कर रहा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि बदलते कार्य जगत में कौशल, रोजगार क्षमता और श्रम गतिशीलता पर नए सिरे से ध्यान देने की आवश्यकता है। इस संदर्भ में, उन्होंने सुगम अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता को बढ़ावा देने के लिए भारत, ब्राजील और जर्मनी में व्यवसायों के अंतरराष्ट्रीय संदर्भ वर्गीकरण के पायलट प्रोजेक्ट के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठन (आईएलओ) के साथ भारत की साझेदारी का उल्लेख किया। उन्होंने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत अपनाई गई नई दिल्ली घोषणा 2026 और ब्रिक्स कनेक्ट पहल, साथ ही वैश्विक दक्षिण के युवाओं के लिए नए आभासी रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए दूरस्थ रोजगार हेतु एक अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बनी सहमति का भी जिक्र किया।
भारत के सुधारवादी दृष्टिकोण के बारे में केन्द्रीय मंत्री जी ने कहा कि आर्थिक विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए देश परिवर्तनकारी सुधारों, लक्षित कल्याणकारी योजनाओं और डिजिटल नवाचार पर निरंतर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार आधुनिक श्रम संहिताओं में समेकित करने की ओर ध्यान दिलाया और कहा कि इन सुधारों से श्रमिकों की सुरक्षा मजबूत होती है और उद्यमों के लिए अनुकूल वातावरण बनता है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को कानूनी मान्यता प्रदान करने वाले अग्रणी देशों में से एक बन गया है। डॉ. मांडविया ने सामाजिक सुरक्षा के विस्तार में सतत सुधारों और डिजिटल माध्यमों की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि भारत में सामाजिक सुरक्षा का दायरा 2015 में 19 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 68.4 प्रतिशत हो गया है। इससे एक अरब से अधिक लोग सामाजिक सुरक्षा ढांचे के अंतर्गत आ गए हैं।
केन्द्रीय मंत्री ने सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 32 करोड़ पंजीकृत असंगठित श्रमिकों वाला ई-श्रम पोर्टल विश्व का सबसे बड़ा डिजिटल डेटाबेस है और यह श्रमिकों को राष्ट्रीय और राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ता है। राष्ट्रीय कैरियर सेवा (एनसीएस) के बारे में उन्होंने कहा कि यह मंच नौकरी चाहने वालों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ता है, और भारत मॉरीशस के साथ एनसीएस ढांचा साझा करता है।
डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, सामाजिक सुरक्षा, कौशल और रोजगार सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि सफल अनुभवों को साझा करने से राष्ट्रीय उपलब्धियों को साझा प्रगति में परिवर्तित करने में मदद मिल सकती है और उन्होंने कार्य के भविष्य को आकार देने और सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाने में दक्षिण-दक्षिण सहयोग की आवाज को मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन के समन्वय समूह की सह-अध्यक्षता ग्रहण करते हुए, भारत गठबंधन के महत्वपूर्ण चरण के दौरान ब्राजील द्वारा प्रदान किए गए नेतृत्व को आगे बढ़ाएगा।
सह-अध्यक्ष के रूप में, डॉ. मंडाविया ने गठबंधन के लिए तीन प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। सबसे पहले, उन्होंने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और परिस्थितियों के अनुरूप, सामूहिक प्रतिबद्धताओं को देश स्तर पर कार्रवाई में बदलने का आह्वान किया। दूसरा, उन्होंने ज्ञान और अनुभव साझाकरण को मजबूत करने, सहयोग को गहन बनाने और अधिक उद्यमों को सामाजिक न्याय के एजेंडे में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। तीसरा, उन्होंने इस बात पर बल दिया कि 2030 के बाद के विकास को आकार देने वाले निर्णयों में सामाजिक न्याय को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 400 से अधिक भागीदारों के साथ, गठबंधन के पास अद्वितीय सामूहिक शक्ति है। इसका उद्देश्य सभी के लिए एक ही मार्ग निर्धारित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना होना चाहिए कि सामाजिक न्याय देशों द्वारा अपने भविष्य के बारे में लिए जाने वाले निर्णयों में अभिन्न रूप से शामिल हो।
डॉ. मांडविया ने सामाजिक न्याय के लिए वैश्विक गठबंधन को अंतरराष्ट्रीय सहयोग, साझा ज्ञान और व्यावहारिक कार्रवाई के लिए एक मजबूत मंच बनाने के लिए सभी सदस्यों के साथ काम करने की भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
पृष्ठभूमि
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) द्वारा 2023 में स्थापित वैश्विक सामाजिक न्याय गठबंधन, बहु-हितधारक सहयोग को मजबूत करने और सम्मानजनक कार्य एवं सामाजिक न्याय के लिए सामूहिक कार्रवाई को गति देने के उद्देश्य से बनाया गया एक वैश्विक मंच है। सरकारों, नियोक्ताओं और श्रमिकों के संगठनों, अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों, विकास बैंकों, निजी क्षेत्र, शिक्षाविदों और नागरिक समाज सहित 400 से अधिक भागीदारों के साथ, यह गठबंधन सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाने, अवसरों का विस्तार करने, साझा समृद्धि को बढ़ावा देने और लचीले समाजों में योगदान देने के लिए सुसंगत और एकीकृत दृष्टिकोण को बढ़ावा देना चाहता है।
सामाजिक न्याय के लिए वैश्विक गठबंधन का वार्षिक मंच 2026, संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की उच्च स्तरीय आम बहस से पहले, 16-17 सितंबर 2026 को वर्चुअल रूप से आयोजित किया जा रहा है। यह मंच साझेदारों को अपने अनुभव और सीख साझा करने, प्रगति की समीक्षा करने, सहयोग के अवसरों की पहचान करने और भविष्य की सामूहिक कार्रवाई को आकार देने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
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