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एपीडा ने वैश्विक खाद्य व्यापार के अवसरों को मजबूत करने के लिए गल्फूड आयोजक के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए


भारत लगातार दूसरे साल गल्फूड 2027 में आधिकारिक भागीदार देश के तौर पर शामिल होगा

गल्फूड 2027 में एमएसएमई, एफपीओ, स्टार्टअप और महिलाओं व एससी/एसटी के नेतृत्व वाले निर्यातकों की भागीदारी बढ़ेगी

नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल की उपस्थिति में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) और इनडी इवेंट्स दुबई के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने से गल्फूड 2027 में भारत की भागीदारी को बड़ा बढ़ावा मिला है। भारत गल्फूड 2027 के लिए आधिकारिक भागीदार देश के रूप में वापसी करेगा, जो साझेदारी का लगातार दूसरा साल होगा और गल्फूड 2026 में भारत की भागीदारी से बनी पहचान और व्यापार की गति को बढ़ाएगा।

श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि गल्फूड में भारत की आधिकारिक भागीदार देश के रूप में लगातार स्थिति देश के कृषि-खाद्य क्षेत्र की बढ़ती ताकत और वैश्विक मान्यता को प्रतिबिंबित करती है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी भारतीय निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जुड़ने, बाजार तक पहुंच मजबूत करने और सीईपीए के तहत भारत-यूएई व्यापार सहभागिता को गहरा करने का एक विस्तारित मंच प्रदान करेगी।

इनडी के प्रदर्शनी विभाग और खाद्य एवं आतिथ्य विकास विभाग के उपाध्यक्ष श्री मार्क नैपियर ने कहा कि भारत का मजबूत और विविधतापूर्ण खाद्य इकोसिस्टम इसकी बढ़ती निर्यात क्षमताओं के साथ मिलकर, इसे वैश्विक खाद्य व्यापार प्लेटफार्म का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाता है। उन्होंने कहा कि आयोजक 2026 की सफलता पर आगे बढ़ने और भारतीय निर्यातकों तथा दुनिया भर के खरीदारों के बीच गहरे संबंध बनाने की उम्मीद कर रहे हैं।

समझौता ज्ञापन पर एपीडा की सचिव डॉ. शाश्वती बोस और इनडी के प्रदर्शनी विभाग और खाद्य एवं आतिथ्य विकास विभाग के उपाध्यक्ष श्री मार्क नेपियर ने हस्ताक्षर किए।

इस कार्यक्रम में भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के अपर सचिव श्री नितिन कुमार यादव; भारत सरकार के वाणिज्य विभाग की आर्थिक सलाहकार श्रीमती प्रिया पी नायर; एपीडा के चेयरमैन श्री अभिषेक देव; वाणिज्य विभाग की निदेशक श्रीमती मोनिका गौर; इनडी के प्रदर्शनी विभाग की वाणिज्यिक एवीपी श्रीमती सलीमा; कॉमनेट एग्जिबिशन्स की प्रबंध निदेशक श्रीमती चंद्रिका बेली और मंत्रालय व एपीडा के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। यह समझौता गल्फूड 2027 में भारत की मौजूदगी को मज़बूत करने और भारत के कृषि व प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को वैश्विक स्तर पर ज़्यादा पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस सहयोग से भारतीय निर्यातकों के लिए अंतरराष्ट्रीय दृश्यता और निर्यात के अवसर बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि यह वैश्विक खरीदारों के सामने भारत के विविध कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को दिखाने के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा। गल्फूड 2027, 15-19 मार्च 2027 को यूएई में आयोजित होगा, जो दुनिया की प्रमुख खाद्य और पेय व्यापार प्रदर्शनियों में से एक है। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक जुड़ाव और नये बाजार की  खोज के लिए एक बड़ा मंच प्रदान करता है।

पिछले आयोजन की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, भारत का आधिकारिक भागीदार देश के रूप में जारी रहना, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का भरोसेमंद और विविध आपूर्तिकर्ता के रूप में देश की स्थिति को और मजबूत करेगा। यह साझेदारी संयुक्त आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के तहत भारत-यूएई व्यापार संबंधों को और गहरा करेगी, साथ ही जीसीसी, व्यापक मध्य पूर्व और अफ्रीकी बाजारों के लिए एक द्वार के रूप में दुबई की रणनीतिक स्थिति का लाभ उठायेगी।

भारत की भागीदारी का ध्यान एकीकृत राष्ट्रीय मंच के तहत प्रीमियम, ब्रांडेड, अभिनव और मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों तथा वस्तु उत्पादों की स्थापित ताकत को प्रदर्शित करने पर होगा, जिसमें निर्यातक, एफपीओ, एमएसएमई, स्टार्टअप, कमोडिटी बोर्ड और सरकारी संस्थान शामिल होंगे। खास तौर पर आयोजित बी2बी बैठक, उत्पाद प्रदर्शन, सम्मेलन और उद्योग संबंधी संवाद कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जुड़ाव को सुविधाजनक बनाएंगे और नए व्यावसायिक साझेदारी और निर्यात अवसरों का समर्थन करेंगे।

पूरे भारत के एमएसएमई, एफपीओ, स्टार्टअप्स तथा महिलाओं और एससी/एसटी द्वारा संचालित निर्यातकों की भागीदारी बढ़ाने पर खास ध्यान दिया जाएगा, ताकि उभरते व्यवसायों और उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पहचान मिल सके और वे वैश्विक बाजारों से जुड़ सकें।

यह साझेदारी सीईपीए के तहत भारत-यूएई व्यापार सहयोग को और मजबूत करेगी और भारत के खाद्य उत्पादों के लिए जीसीसी, व्यापक मध्य पूर्व और अफ्रीकी बाजारों में एक प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में क्षेत्र की भूमिका को मजबूत करेगी।

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