‘विशेष अभियान 3’ के अंत तक, लक्षित शिकायतों के 72 प्रतिशत मामलों का समाधान कर दिया गया
‘विशेष अभियान 3’ ने सीपीईएनजीआरएएमएस पोर्टल के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश शिकायतों का समाधान करके डिजिटल विभाजन को कम किया
‘विशेष अभियान 3’ के तहत लंबे समय से लंबित पेंशन संबंधी शिकायतों के समाधान से शासन-व्यवस्था में भरोसा बढ़ा
पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) केन्द्र सरकार के पेंशनभोगियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रतिबद्धता में पेंशनभोगियों की शिकायतों का सार्थक और आसानी से समाधान करना भी शामिल है। इसके लिए, 2024 से हर वर्ष विशेष अभियान आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान के तीसरे संस्करण में, विभाग ने लंबे समय से लंबित पेंशन संबंधी शिकायतों/दावों/समस्याओं के समय पर और गुणवत्तापूर्ण समाधान हेतु 7 जुलाई, 2026 को ‘विशेष अभियान 3’ शुरू किया। इस अभियान में तैयारी चरण व कार्यान्वयन चरण शामिल था और यह 31 अगस्त, 2026 को संपन्न हुआ।
तैयारी चरण के दौरान, सभी मंत्रालयों, विभागों और उनसे जुड़े या उनके अधीनस्थ कार्यालयों को ऑनलाइन एवं प्रत्यक्ष, दोनों तरीकों से मिली लंबे समय से लंबित शिकायतों, दावों और समस्याओं की पहचान करने का निर्देश दिया गया। विभिन्न मंत्रालयों और विभागों ने इस चरण के तहत 1,062 लक्षित मामलों की पहचान की। इसके अलावा, सीपीईएनजीआरएएमएस पोर्टल पर एक महीने से अधिक समय से लंबित 2,131 शिकायतों को भी इस चरण में समाधान के लिए लिया गया।
कार्यान्वयन चरण के दौरान, विभाग ने इन मामलों के समाधान हेतु संबंधित मंत्रालयों/विभागों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय किया। इस अभियान के बीच में दो समीक्षा बैठकें की गईं और इन मामलों के लंबित होने की स्थिति की नियमित रूप से जानकारी ली गई।
कुल 40 मंत्रालयों/विभागों के समन्वित प्रयासों से हाथ में लिए गए 3,193 मामलों में से 2,306 मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है। इससे समाधान की दर 72 प्रतिशत रही। शेष शिकायतों के समाधान हेतु सक्रिय रूप से अनुवर्ती कार्रवाइयां की जा रही हैं।
शिकायत निवारण के जनसांख्यिकीय वितरण से पता चलता है कि सुलझाए गए अधिकांश मामले ग्रामीण इलाकों में रहने वाले पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों से जुड़े हैं। यह एक सकारात्मक रुझान है, क्योंकि विभन्न मंत्रालयों/विभागों द्वारा संचालित अलग-अलग पोर्टल और सीपीईएनजीआरएएमएस पोर्टल के जरिए ग्रामीण इलाकों से ऑनलाइन माध्यम से शिकायतें भेजने से डिजिटल विभाजन कम हो रहा है।
सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप लंबे समय से लंबित कुछ मामलों का सफलतापूर्वक समाधान हुआ है।
सफलतापूर्वक सुलझाए गए कुछ प्रमुख मामले इस प्रकार हैं:
1. रक्षा पेंशनभोगी की दिव्यांग आश्रित बेटी सुश्री जयलक्ष्मी कर्णन को जून 2013 से पारिवारिक पेंशन के बकाया के तौर पर 16.70 लाख रुपये जारी किए गए।
2. रक्षा पेंशनभोगी श्री इदान सिंह के पक्ष में 16.09.2016 से 30 लाख रुपये की विकलांगता पेंशन की बकाया राशि का निपटान।
3. रक्षा पेंशनभोगी श्री कपूर सिंह को 01.01.2006 से ‘युद्ध में लगी चोट के लिए मिलने वाली राशि (वॉर इंजरी एलिमेंट)’ के बकाये के तौर पर 26.12 लाख रुपये मिले।
4. रक्षा पेंशनभोगी की पत्नी सुश्री रुक्मणी नायर को 24.09.2012 से दोहरी पारिवारिक पेंशन की 19 लाख रुपये की बकाया राशि का भुगतान।
5. सेना के एक जवान की मां, श्रीमती सरनजीत कौर को 28.07.2008 से बकाया विशेष पारिवारिक पेंशन एरियर (ब्याज सहित) 18.57 लाख रुपये और अनुग्रह राशि का बकाया (ब्याज सहित) 12.60 लाख रुपये का भुगतान।
6. रक्षा पेंशनभोगी की विधवा बेटी, सुश्री सुनैना कुमारी को 18.03.2022 से बकाया पारिवारिक पेंशन की 6.27 लाख रुपये की राशि का भुगतान।
7. रक्षा पेंशनभोगी की पत्नी श्रीमती सिमरतो को 01.01.1996 से उदार पारिवारिक पेंशन के बकाया के तौर पर 10.66 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
8. रक्षा पेंशनभोगी की पत्नी श्रीमती अंगूरी देवी को 01.01.1996 से सामान्य पारिवारिक पेंशन और विशेष पारिवारिक पेंशन के बीच के अंतर के लिए 37.40 लाख रुपये की पारिवारिक पेंशन की बकाया राशि का भुगतान।
9. रक्षा पेंशनभोगी श्री रंजीत सिंह को अक्टूबर 2004 से दिसंबर 2023 की अवधि के लिए सर्विस पेंशन के बकाया, जो समय-सीमा से बाहर हो गए थे, के तौर पर 25.99 लाख रुपये का भुगतान।
10. रक्षा पेंशनभोगी की पत्नी सुश्री कोरांगा लक्ष्मी को जून 2011 से फरवरी 2026 तक की पारिवारिक पेंशन की बकाया राशि के तौर पर 30.15 लाख रुपये का भुगतान।
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