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नशा मुक्त भारत अभियान की 6वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ राष्ट्रीय शपथ


‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत देशव्यापी जागरूकता अभियानों के माध्यम से 34.56 करोड़ से अधिक नागरिकों तक पहुँच बनाई गई, जिनमें 13.71 करोड़ से अधिक युवा और 10.65 करोड़ महिलाएँ  



नशा मुक्त भारत अभियान(एनएमबीए) ई-शपथ https://nashamukt.dosje.gov.in/epledge पर

नशा मुक्त भारत अभियान(एनएमबीए) की छठी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में, इस महीने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ़ ‘राष्ट्रीय सामूहिक शपथ’ कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय वह नोडल मंत्रालय है, जिसका उद्देश्य प्रत्यक्ष और ऑनलाइन भागीदारी के माध्यम से 10 करोड़ से अधिक नागरिकों को अभियान से जोड़ना है।

इसी सिलसिले में, मंत्रालय में संयुक्त सचिव(नशीली दवाओं की रोकथाम) डॉ. संदीप रेवाजी राठौड़ की अध्यक्षता में आज राष्ट्रीय राजधानी में दो उच्च-स्तरीय समन्वय बैठकें हुईं। इन बैठकों में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के उद्देश्यों के तहत, प्रत्यक्ष और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से तय किए गए नागरिकों को देशव्यापी शपथ में शामिल करने की योजना और व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई।

इन बैठकों में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक(डीपी) श्री आस्तिक कुमार पांडे और अवर सचिव श्री अरुण कुमार कर्ण के अलावा मंत्रालय के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई इन बैठकों में, रणनीति को लागू करने के लिए जारी कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही, इस देशव्यापी शपथ के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रों, अभिभावकों, स्वयंसेवकों और अन्य हितधारकों को जोड़ने में संबंधित मंत्रालयों की भूमिका पर भी चर्चा हुई।

बैठकों में संबंधित मंत्रालयों और विभागों के अधीन सभी संबद्ध कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वायत्त निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों(पीएसयू) और क्षेत्रीय इकाइयों में नशा मुक्ति शपथ समारोह आयोजित करने पर चर्चा की गई। इसमें रेलवे, रक्षा, नागरिक सुरक्षा, युवा मामले एवं खेल, स्कूली एवं उच्च शिक्षा, डाक, पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल(सीएपीएफ), एनसीसी, आयुष, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, राजस्व विभाग के साथ-साथ सामाजिक, स्वैच्छिक एवं आध्यात्मिक संगठनों तथा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को भी शामिल किया गया।

बैठक में प्रतिभागियों की भागीदारी और पहुंच से संबंधित विवरण प्रस्तुत करने के लिए एक समान रिपोर्टिंग प्रणाली पर भी चर्चा की गई।

योजना और समन्वित रणनीति पर एक पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें विभिन्न संबंधित विभागों और मंत्रालयों के सभी प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

एनएमबीए शपथ एक पहल है, जिसके तहत लोग नशीले पदार्थों के सेवन से पीड़ित लोगों की मदद के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं। इस शपथ का उद्देश्य लोगों को नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए जिम्मेदार व्यवहार अपनाने हेतु प्रोत्साहित करना तथा सभी हितधारकों को एक साझा लक्ष्य की दिशा में मिलकर कार्य करने के लिए एकता और प्रतिबद्धता की भावना को बढ़ावा देना है। यह शपथ युवाओं को नशा-मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए सशक्त बनाने का भी प्रयास करती है। 

एनएमबीए ई-शपथ का लिंक यह है: https://nashamukt.dosje.gov.in/epledge

बैठक में हेल्पलाइन नंबर-14446 के माध्यम से नशामुक्ति को बढ़ावा देने और प्रोत्साहित करने के महत्वपूर्ण संदेश पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक में नागरिकों के बीच स्वयंसेवक के रूप में आगे आने और विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ‘नशा मुक्ति मित्र’ के रूप में पंजीकरण करने की बढ़ती भावना पर भी जोर दिया गया।

https://nashamukt.dosje.gov.in/nasha-mukti-mitr

केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने देश-भर में नशीली दवाओं की मांग पर अंकुश लगाने के लिए 15 अगस्त 2020 को नशा मुक्त भारत अभियान(एनएमबीए) की शुरुआत की थी। सामूहिक प्रयासों की तत्काल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, मंत्रालय रोकथाम, आकलन, उपचार, पुनर्वास, उपचारोत्तर देखभाल, सार्वजनिक जानकारी का प्रसार और सामुदायिक जागरूकता सहित विभिन्न पहलों का समन्वय करता है।

मंत्रालय नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना(एनएपीडीडीआर) के तहत एक व्यापक और साक्ष्य-आधारित रणनीति लागू कर रहा है। यह रणनीति भारत में नशीले पदार्थों के सेवन की स्थिति और स्वरूप पर किए गए प्रथम राष्ट्रीय सर्वेक्षण के निष्कर्षों पर आधारित है। यह सर्वेक्षण नई दिल्ली स्थित एम्स के राष्ट्रीय औषधि निर्भरता उपचार केंद्र(एनडीडीटीसी) द्वारा आयोजित किया गया था।

एनएपीडीडीआर के तहत, मंत्रालय राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, गैर-सरकारी संगठनों(एनजीओ) और सरकारी अस्पतालों को निवारक शिक्षा, जागरूकता बढ़ाने, परामर्श, उपचार और पुनर्वास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

अब तक, देशव्यापी जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से इस अभियान की पहुंच 34.56 करोड़ से अधिक नागरिकों तक हो चुकी है, जिनमें 13.71 करोड़ से अधिक युवा और 10.65 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए 1.64 लाख से अधिक ‘नशा मुक्ति मित्र’(एनएमएम) भी इस अभियान से जुड़ चुके हैं।

एनएमबीए पोर्टल है https://www.dosje.gov.in/organisation/nasha-mukt-bharat-abhiyaan/

उपचार सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के लिए, मंत्रालय ने एनएमबीए 2.0 मोबाइल एप्लिकेशन शुरू किया है, जिसके माध्यम से नागरिक अपने निकटतम नशामुक्ति केंद्र के बारे में पता लगा सकते हैं।

इस ऐप को गुगल प्ले स्टोर से इस लिंक के माध्यम से डाउनलोड किया जा सकता है: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.dosje.nmba_app&hl=en_IN

सरकार पुनर्वास के बुनियादी ढाँचे का विस्तार करके, निवारक उपायों को सुदृढ़ करके, कार्यान्वयन प्रक्रियाओं को सरल बनाकर और केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करके नशामुक्त एवं सामाजिक रूप से समावेशी भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को लगातार मजबूत कर रही है। समुदाय की निरंतर भागीदारी, बेहतर शासन व्यवस्था और तकनीक-आधारित सेवा वितरण के माध्यम से, मंत्रालय कमजोर एवं संवेदनशील समुदायों की सुरक्षा प्रदान करने तथा सभी के लिए सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने हेतु प्रतिबद्ध है।

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