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सीएसआईआर-एसईआरसी एवं सीएमसी में हिंदी पखवाड़ा-2026 का आरम्भ

सीएसआईआर-संरचनात्मक अभियांत्रिकी अनुसंधान केन्द्र (सीएसआईआर-एसईआरसी), चेन्नै एवं सीएसआईआर मद्रास कॉम्प्लेक्स (सीएमसी) , चेन्नै द्वारा संयुक्त रूप से हिंदी पखवाड़ा-2026 का आरम्भ 1 सितंबर 2026 को समारोहपूर्वक किया गया जो आगामी एक पखवाड़े तक संचालित होगा। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का आरम्भ राष्ट्रीय गीत एवं कुत्तुविलक्कु प्रज्वलन के साथ हुआ। डॉ. अमर प्रकाश, वैज्ञानिक-जी एवं उपाध्यक्ष, राजभाषा कार्यान्वयन समिति (राभाकास), सीएसआईआर-एसईआरसी ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने हिंदी पखवाड़े के आयोजन के उद्देश्य तथा कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने पखवाड़े के दौरान आयोजित की जाने वाली विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी दी तथा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से इनमें उत्साहपूर्वक भाग लेने का आग्रह किया।

इसके पश्चात डॉ. एस. पारिवल्लल, वैज्ञानिक-जी एवं सलाहकार (प्र.), सीएसआईआर-एसईआरसी ने अध्यक्ष भाषण दिया। उन्होंने कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने तथा राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

श्री शैलेश कुमार, प्रशासनिक अधिकारी, सीएमसी ने मुख्य अतिथि का परिचय कराया। मुख्य अतिथि डॉ. आर. एस. कांकरा, निदेशक, राष्ट्रीय तटीय अनुसंधान केंद्र (एनसीसीआर), चेन्नै ने संबोधन एवं विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने वैज्ञानिक एवं तकनीकी संस्थानों में हिंदी के प्रयोग की संभावनाओं तथा वैज्ञानिक ज्ञान को सरल भाषा में व्यापक स्तर तक पहुँचाने के महत्व पर प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि के संबोधन के पश्चात डॉ. एस. पारिवल्लल ने उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशा जी. नायर, हिंदी अधिकारी, सीएसआईआर-एसईआरसी ने किया। श्री लोकनाथ पटनायक, प्रशासनिक अधिकारी, सीएसआईआर-एसईआरसी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

हिंदी पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत सीएसआईआर-एसईआरसी एवं सीएमसी के कर्मचारियों के लिए विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन आयोजनों का उद्देश्य राजभाषा हिंदी के प्रति रुचि बढ़ाने तथा कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करना है।

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