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चौथा त्रि-सैन्य भविष्य आधारित युद्धकौशल पाठ्यक्रम नई दिल्ली में  संपन्न हुआ

हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (एचक्यू आईडीएस) के मार्गदर्शन और सेंटर फॉर जॉइंट वॉरफेयर स्टडीज (सीईएनजेओडब्ल्यूएस) के समन्वय में आयोजित ‘त्रि-सैन्य भविष्य आधारित युद्धकौशल पाठ्यक्रम’ का चौथा संस्करण 30 अगस्त, 2026 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में चार सप्ताह की पेशेवर सैन्य शिक्षा व विचार-विमर्श के बाद संपन्न हुआ। इस पाठ्यक्रम में सेना, नौसेना और वायु सेना के अधिकारियों के साथ-साथ सरकारी संगठनों, शिक्षा जगत, रक्षा उद्योग तथा रणनीतिक विचारकों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य युद्ध के भविष्य के स्वरूप को प्रभावित करने वाले उभरते रुझानों का विश्लेषण करना था।

इस पाठ्यक्रम में भू-राजनीतिक घटनाक्रम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम प्रौद्योगिकी, साइबर और संज्ञानात्मक युद्ध, सूचना युद्ध, स्वायत्त प्रणालियां, भूमि, समुद्र, वायु व अंतरिक्ष में भविष्य के अभियान, ग्रे-जोन अभियान, बहु-क्षेत्रीय अभियान तथा प्रौद्योगिकी आधारित युद्ध जैसे कई विषयों को शामिल किया गया। प्रतिभागियों ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, उद्योग जगत के प्रमुखों और विषय विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया। इसके लिए व्याख्यान, विचार-मंथन सत्र, परिदृश्य निर्माण अभ्यास, संज्ञानात्मक युद्ध सिमुलेशन, क्षेत्रीय दौरे और प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया गया।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने प्रतिभागियों के साथ बातचीत की। उन्होंने पाठ्यक्रम के बारे में उनकी राय जानी और नए क्षेत्रों तथा अतिरिक्त विषयों पर सुझाव मांगे, जिन्हें भविष्य के संस्करणों में शामिल करके इस कार्यक्रम की उपयोगिता को और बढ़ाया जा सके। पाठ्यक्रम के दौरान एकीकृत व्यवस्था में सेनाओं की परिचालन और कार्यात्मक क्षमताओं को बेहतर बनाने के लिए लीक से हटकर नए विचारों पर भी चर्चा की गई।

समापन समारोह में चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन के इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के प्रमुख, एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। डिफेंस रिसर्च एंड इनोवेशन फाउंडेशन, आईआईटी रोपड़ के प्रबंध निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल एसएस महल (सेवानिवृत्त) ने प्रतिभागियों को ‘फ्यूचर वॉरफेयर में पीजी डिप्लोमा’ प्रदान किया।

पाठ्यक्रम के चौथे संस्करण ने युद्ध के बदलते स्वरूप के लिए सैन्य अधिकारियों को तैयार करने में संयुक्त रूप से सीखने, तकनीकी जागरूकता, रणनीतिक दूरदर्शिता एवं परिचालन तैयारी के महत्व को और उन्नत किया। इस पाठ्यक्रम का पांचवां संस्करण 16 नवंबर से 11 दिसंबर, 2026 तक आयोजित किया जाएगा।

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