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प्रधानमंत्री ने उज्बेकिस्तान की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान आधिकारिक वार्ता की

उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति श्री शावकत मिर्जियोयेव से औपचारिक वार्ता की। कुकसारॉय राष्ट्रपति भवन पहुंचने पर राष्ट्रपति श्री मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री का हार्दिक स्वागत के साथ-साथ औपचारिक अभिनंदन किया। श्री नरेन्द्र मोदी ने उज्बेकिस्तान की स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

दोनों नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल स्तर पर द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी के सभी पहलुओं पर व्यापक और सार्थक चर्चा की, जिनमें व्यापार और निवेश, नवाचार और स्टार्टअप, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर तथा यूपीआई, रक्षा और सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा और फार्मास्यूटिकल, महत्वपूर्ण खनिज, कृषि, शिक्षा, पर्यटन, अंतरिक्ष और जन-समुदाय आदान-प्रदान शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने उज्बेकिस्तान से भारत को यूरेनियम की आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक व्यवस्था में हुई प्रगति की सराहना करते हुए महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग को मजबूत करने के महत्व को दोहराया। उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों की गहराई और महत्व को दर्शाते हुए, द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया। उन्होंने 2030 तक 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य निर्धारित करने पर भी सहमति व्यक्त की और इस संबंध में आर्थिक और निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए एक व्यापार शिखर सम्मेलन आयोजित करने का आह्वान किया। दोनों नेताओं ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को सार्थक रूप से आगे बढ़ाने के लिए विदेश मंत्रियों के नेतृत्व वाली एक व्यवस्था स्थापित करने और अंतर-सरकारी कमीशन को मंत्रिस्तरीय स्तर तक बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

दोनों नेताओं ने इस बात पर ध्यान दिया कि प्राचीन सभ्यतागत संबंध और समकालीन जन-जन के बीच संबंध इस साझेदारी को और अधिक जीवंत बनाते हैं। इस संदर्भ में, प्रधानमंत्री ने उज्बेकिस्तान में योग की लोकप्रियता की सराहना की। इससे पहले उन्होंने उज्बेकिस्तान योग महासंघ द्वारा आयोजित एक योग सत्र का अवलोकन किया। पूर्व-प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की 60वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उज्बेक छात्रों के लिए हिन्दी भाषा हेतु लाल बहादुर शास्त्री छात्रवृत्ति की घोषणा की। उज्बेकिस्तान की “यशिल माकोन” हरित पहल और भारत की “एक पेड़ मां के नाम” पहल के बीच समानता के बारे में बताते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अरल सागर क्षेत्र में चल रहे पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में उज्बेकिस्तान के साथ भारत की साझेदारी की घोषणा की और इस परियोजना के लिए 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान दिया। दोनों नेताओं ने महल के उद्यान में संयुक्त रूप से एक वृक्षारोपण भी किया।

वार्ता के बाद, दोनों पक्षों ने संस्कृति, उच्च शिक्षा और अनुसंधान, क्षमता निर्माण, अभिलेखागार, आर्थिक सहयोग, पर्यावरण, पर्यटन, खनन, आयुर्वेद और सह-राज्य संबंधों सहित कई क्षेत्रों को कवर करने वाले समझौता ज्ञापनों और समझौतों का आदान-प्रदान किया। उज्बेकिस्तान में फयाज टेपा और कारा टेपा के बौद्ध स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में आईसीसीआर संस्कृत चेयर की स्थापना के लिए एक समझौता ज्ञापन को भी अंतिम रूप दिया गया। समझौता ज्ञापनों और समझौतों की पूरी सूची यहां देखी जा सकती है ।

राष्ट्रपति श्री मिर्जियोयेव  ने प्रधानमंत्री के सम्मान में भोज का आयोजन किया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति श्री मिर्जियोयेव को उनके सौहार्दपूर्ण आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें भारत आने का निमंत्रण दिया।

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