सीमित वित्तीय संसाधन और यांत्रिक उपकरणों की कमी का सामना कर रहे सफाईकर्मियों के लिए बड़े परिवारों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी के लिए स्थिर आजीविका हासिल करना काफी कठिन होता है। पर सुनियोजित वित्तीय सहायता से उन्हें अपना काम विस्तारित करने, आय बढ़ाने और अपने समुदायों की बेहतर सुरक्षा और सम्मान के साथ सेवा करने में मदद मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के सिहानी के नूर नगर के रहने वाले 32 वर्षीय सफाईकर्मी कपिल पाल ने यांत्रिक उपायों से सीवर और सेप्टिक टैंक सफाई शुरू कर अपनी आजीविका मजबूत की है। यह नमस्ते योजना के स्वच्छता उद्यमी योजना- एसयूवाई घटक के तहत मिलने वाली सहायता से संभव हुआ है।
अन्य पिछडा वर्ग/गडारिया समुदाय के कपिल 12वीं कक्षा तक की पढाई पूरी करने के बाद परिवार के भरण-पोषण के लिए सफाई के काम में लग गए। वे पत्नी, दो बच्चों, माता-पिता और बड़े भाई के साथ संयुक्त परिवार में रहते हैं। उनकी पत्नी गृहिणी हैं, जबकि बड़े भाई का घरेलू आय में सीमित योगदान है। परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य कपिल पर घरेलू खर्चे और पूरे परिवार की जरूरतें पूरी करने की जिम्मेदारी है।
कपिल का एक चार वर्षीय बेटा और सात वर्षीय बेटी है, जो दूसरी कक्षा में पढ़ती है। कपिल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए खुद के रोजगार से सुरक्षित भविष्य बनाना चाहते थे।
सहायता मिलने से पहले, कपिल के पास सीमित वित्तीय संसाधन थे और परिवार की काफी जिम्मेदारियां थीं। वे नियमित आय के लिए सफाई के काम पर निर्भर थे। पूंजी की कमी और आजीविका विस्तार के सीमित अवसर की वजह से उनके लिए दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा हासिल करना बेहद कठिन था।
इसी बीच, कपिल को पीठ की सर्जरी करानी पड़ी, जिससे उनके सामने एक और बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। इस इलाज में उन्हें शारीरिक, भावनात्मक और आर्थिक तनाव का सामना करना पड़ा। इलाज के अप्रत्याशित खर्च से उनकी घरेलू जिम्मेदारियां और बढ गई।
कपिल को 21 सितंबर 2021 को नमस्ते योजना के स्वच्छता उद्यमी योजना घटक के तहत सहायता मिली। उन्हें साफ-सफाई की आजीविका गतिविधियों के लिए ट्रैक्टर-सह-सक्शन मशीन की खरीद के लिए अग्रिम पूंजी सहायता मिल गई।

इस परियोजना की कुल लागत 8.90 लाख रूपये थी, जिसमें 5,42,500 रूपये का ऋण और 3,47,500 रूपये की पूंजीगत सब्सिडी शामिल थी। कपिल अभी 18,640 रूपये की मासिक किस्त से ऋण चुका रहे हैं, जिसमें लगभग 1,21,000 रूपये ही बकाया बचे हैं।
यांत्रिक उपकरणों की मदद से कपिल गाजियाबाद नगर निगम के अंतर्गत सक्शन मशीन द्वारा अपने काम को विस्तारित करने में सफल रहे। अब वे मुख्य रूप से राज नगर एक्सटेंशन क्षेत्र में सीवर और सेप्टिक टैंक सफाई सेवा प्रदान करते हैं।
इस मदद के बाद, कपिल की आजीविका और आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। अब वे हर महीने लगभग 35,000 से 40,000 रूपये कमाते हैं, जिससे घरेलू जिम्मेदारियां पूरी करने, अपने बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने और अप्रत्याशित परिस्थितियों के लिए बचत करने में सक्षम हो गए हैं।
उनकी बेहतर आर्थिक स्थिति का फायदा खासकर हाल ही में पीठ के ऑपरेशन के दौरान सामने आया। कपिल ने सफाई के काम से अर्जित बचत द्वारा अपने परिवार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाले बिना, इलाज का पूरा खर्च खुद वहन किया।
इस सहायता से कपिल का आत्मविश्वास, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ी है। अब वे अपने परिवार का भरण-पोषण करने, अपनी जिम्मेदारियां निभाने और भविष्य की चुनौतियों का अधिक आत्मविश्वास के साथ सामना करने में सक्षम हैं।
योजना से मिली मदद पर संतोष व्यक्त करते हुए कपिल पाल ने कहा,
“इस सहायता से मुझे साफ-सफाई के अपने काम को विस्तारित करने और आय बढ़ाने में मदद मिली। अब मैं लगभग 35,000–40,000 रूपये हर महीने कमाता हूं। इस काम से हुई बचत से मैं अपनी पीठ की सर्जरी का खर्च खुद उठाने में सक्षम रहा, साथ ही मैं अपने परिवार और बच्चों की शिक्षा का खर्च भलीभांति उठा पा रहा हूं।
कपिल पाल की कहानी दर्शाती है कि सुनियोजित वित्तीय सहायता, यांत्रिक उपाय और आजीविका सहायता किस प्रकार सफाई कर्मचारियों को आत्मनिर्भर उद्यमी बनाने में मदद कर उन्हें सशक्त बना सकती है। नमस्ते-स्वच्छता उद्यमी योजना के अंतर्गत शुरू की गई यह पहल सफाई कर्मचारियों के लिए सुरक्षित स्वच्छता उपाय, स्थायी आजीविका और सम्मानजनक आर्थिक अवसर बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाती है।
आज कपिल दृढ़ता और आत्मनिर्भरता का प्रेरणादायक उदाहरण हैं—वे अपने समुदाय की मदद करते हुए अपने परिवार के लिए अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य गढ रहे हैं।
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