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पेयजल और स्वच्छता विभाग ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत स्थानीय शैक्षणिक संस्थानों से विद्यार्थियों की भागीदारी को सुविधाजनक बनाने का आग्रह किया


ग्रामीण जल आपूर्ति के क्षेत्र में सीखने की प्रक्रिया को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने और प्रभावशाली कार्यों की दृश्यता बढ़ाने की पहल

फील्ड-आधारित सीखने और ज्ञान-साझा करने की प्रक्रिया को मजबूत करने की महत्वपूर्ण पहल के तहत, जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल और स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस) ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया है कि वे स्थानीय कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के अंतर्गत उभरने वाले सर्वोत्तम तरीकों को डॉक्यूमेंट करने और प्रकाशित करने के लिए प्रोत्साहित करें।

जल जीवन मिशन अपनी शुरुआत के बाद से ग्रामीण पेयजल क्षेत्र में महत्वपूर्ण विकासात्मक पहल के रूप में उभरा है। इसके परिणामस्वरूप राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में सामुदायिक भागीदारी, स्रोत की स्थिरता, जल गुणवत्ता प्रबंधन, संचालन और रखरखाव, प्रौद्योगिकी को अपनाना और विकेंद्रीकृत शासन जैसे क्षेत्रों में कई उल्लेखनीय सर्वोत्तम तरीके सामने आए हैं।

इन फील्ड-आधारित नवाचारों के महत्व को पहचानते हुए, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को निम्नलिखित कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है:

  • JJM 2.0 के तहत चुनिंदा केस स्टडीज़ और सर्वोत्तम तरीकों का अध्ययन और डॉक्यूमेंटेशन करने के लिए स्थानीय कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को शामिल करना।
  • साक्ष्य-आधारित ज्ञान-साझाकरण और प्रतिकृति को सुविधाजनक बनाने के लिए शैक्षणिक पत्रिकाओं, संस्थागत रिपोर्टों, न्यूज़लेटर्स, शोध पत्रों, वेबसाइटों और अन्य उपयुक्त प्लेटफार्मों के माध्यम से इन अध्ययनों के निष्कर्षों का प्रसार करना।
  • उपयुक्त केस स्टडीज़ और टूर साइटों की पहचान करना और स्थानीय शैक्षणिक संस्थानों/स्कूलों, जिला जल और स्वच्छता मिशनों  और ग्राम पंचायतों के साथ आवश्यक समन्वय को सुविधाजनक बनाना।
  • पास के स्कूलों के हायर सेकेंडरी/सीनियर सेकेंडरी छात्रों के लिए मल्टी विलेज स्कीम (एमवीएस), वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी), इनटेक वेल, आधुनिक तकनीकों जैसे सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), और नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (एनएबीएल)-मान्यता प्राप्त जल परीक्षण प्रयोगशालाओं के दौरे (टूर) आयोजित करना।

इस पहल का लक्ष्य है कि सितंबर 2026 के आखिर तक हर ज़िले में स्थानीय शैक्षणिक संस्थानों के साथ कम से कम एक स्टूडेंट टूर और एक पब्लिश्ड केस स्टडी/बेस्ट प्रैक्टिस का काम पूरा किया जाए।

इस पहल के ज़रिए, जेजेएम  2.0 का उद्देश्य है कि ज़मीनी स्तर से सीखने की संस्कृति को बढ़ावा दिया जाए, नवाचार को प्रोत्साहित किया जाए और ग्रामीण जल आपूर्ति के सफल तरीकों को ज़्यादा लोगों तक पहुँचाया और सुलभ बनाया जाए, ताकि ग्रामीण जल सुरक्षा को लगातार मज़बूत करने में मदद मिल सके।

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