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स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के लिए ईएसआईसी की अटूट प्रतिबद्धता देश को विकसित भारत की ओर अग्रसर कर रही है


ईएसआईसी ने अपने चिकित्सा संस्थानों के माध्यम से देश को 4,961 डॉक्टर उपलब्ध कराए हैं, इनमें ईएसआई योजना के अंतर्गत आने वाले श्रमिकों के 1682 परिवार के सदस्य भी शामिल हैं

विकसित भारत की यात्रा में, श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा का प्रावधान एक स्वस्थ, सशक्त और सुरक्षित राष्ट्र के निर्माण के लिए अनिवार्य है। देश के श्रमिक राष्ट्र की प्रगति के सच्चे निर्माता हैं, और उनके कल्याण, गरिमा और खुशहाली को सुनिश्चित करना कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के मिशन का मुख्य केंद्र रहा है। यह प्रतिबद्धता 169 अस्पतालों, 1,603 औषधालयों, 17 मेडिकल कॉलेजों, दो दंत चिकित्सा कॉलेजों, दो नर्सिंग कॉलेजों, तीन पैरामेडिकल कॉलेजों के व्यापक बुनियादी ढांचे के माध्यम से लाभार्थियों को नकद लाभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा के वितरण में परिलक्षित होती है। इसे 65 क्षेत्रीय/उप-क्षेत्रीय कार्यालयों, 612 शाखा कार्यालयों और 117 औषधाल-सह-शाखा कार्यालयों का सहयोग प्राप्त है। ईएसआई योजना वर्तमान में देश भर के कुल 787 जिलों में से 728 जिलों में लागू है। चिकित्सा और सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करने के अलावा, इएसआईसी कौशल, सेवा वितरण और करुणा पर ध्यान केंद्रित करते हुए चिकित्सा शिक्षा में भी निवेश कर रहा है।

देश 75,000 नई मेडिकल सीट सृजित करने के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, और ईएसआईसी अपने चिकित्सा शिक्षा अवसंरचना का निरंतर विस्तार करके देश के युवा उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध अवसरों को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। आज, देश भर में ईएसआईसी के 17 मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं। इनमें स्नातक पाठ्यक्रम (1,550 एमबीबीएस सीट) और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (559 एमडी/एमएस सीट, 182 डीएनबी सीट, 17 डीआरएनबी सीट, 31 डीएम/एम.सीएच सीट और 10 पीएचडी सीट हैं। इसके अतिरिक्त, तीन सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, इनमें 330 एमबीबीएस सीट हैं। साथ ही, ईएसआई के दो डेंटल कॉलेज 124 सीट, दो नर्सिंग कॉलेज 120 बीएससी नर्सिंग सीट और तीन पैरामेडिकल कॉलेज में 292 सीट उन छात्रों के लिए हैं जो चिकित्सा विज्ञान के माध्यम से समाज की सेवा करना चाहते हैं। अधिक मेडिकल कॉलेजों के निर्माण की योजना के साथ, ईएसआईसी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा तक पहुंच को और अधिक विस्तारित करने के लिए तैयार है। इससे उन अनगिनत युवाओं के लिए अवसरों के द्वार खुलेंगे जो डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, चाहे वे किसी भी परिस्थिति में पैदा हुए हों।

बीमाकृत व्यक्तियों के आश्रित (आईपी) कोटा‘ के तहत, ईएसआईसी द्वारा संचालित सभी चिकित्सा संस्थानों में ईएसआई योजना के अंतर्गत आने वाले श्रमिकों के बच्चों के लिए सीट आरक्षित हैं। ईएसआईसी द्वारा संचालित सभी चिकित्सा संस्थानों में ‘आईपी के आश्रित’ कोटा के तहत लगभग 880 सीट आरक्षित हैं (इनमें एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए लगभग 700 सीट और शेष सीटें बीडीएस, बीएससी नर्सिंग और पैरामेडिकल/संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रमों के लिए हैं)। यह पहल भारत के कार्यबल के प्रति ईएसआईसी की प्रतिबद्धता है। इनकी कड़ी मेहनत भारत के विकास की रीढ़ है और यह सुनिश्चित करती है कि उनके बच्चे अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने, सफल करियर बनाने और राष्ट्र के भविष्य में योगदान देने के लिए सशक्त हों।

आज तक, ईएसआईसी ने अपने मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से देश को 4,961 डॉक्टर दिए हैं, इनमें से 1,682 ईएसआई योजना के अंतर्गत आने वाले श्रमिकों के बच्चे हैं। स्नातकोत्तर स्तर पर, 1,200 से अधिक छात्र उत्तीर्ण हो चुके हैं। इससे देश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या में और वृद्धि हुई है।

जैसे-जैसे भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, ईएसआईसी श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए व्यापक सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने मिशन के प्रति और साथ ही आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और मजबूत भारत का निर्माण करने और भविष्य के चिकित्सा कार्यबल को आकार देने के लिए प्रतिबद्ध है।

  1. स्नातक छात्र
क्रम संख्यामेडिकल कॉलेजकुल स्नातक छात्रआईपी ​​का वार्ड
1जोका800416
2राजाजीनगर975367
3केके नगर933163
4सनथनगर616235
5फरीदाबाद725210
6गुलबर्गा912291
 कुल49611682
  1. स्नातकोत्तर छात्र
क्रम संख्याकॉलेज का नामकुल स्नातकोत्तर छात्र
 अंधेरी79
 बसईदारापुर185
 फरीदाबाद91
 गुलबर्गा12
 जोका143
 केके नगर155
 राजाजीनगर513
 सनथनगर89
 कुल1267

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