डिजिटल ब्रिक्स टास्क फोर्स ने डिजिटल अनुप्रयोगों और शासन पर विशेषज्ञ समूहों के लिए रूपरेखा तैयार की
आईसीटी क्षेत्र में सहयोग के लिए गठित ‘ब्रिक्स वर्किंग ग्रुप’ की 7वीं बैठक के लगातार सत्रों के साथ-साथ, ब्रिक्स आईसीटी ट्रैक की प्रत्यक्ष बैठकों के दूसरे दिन आज पुणे में ‘डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना’ (डीपीआई) पर फोकस ग्रुप और ‘डिजिटल ब्रिक्स टास्क फोर्स’ की बैठक आयोजित की गई।

डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) पर गठित फोकस समूह, जिसके काम करने के नियम (कार्य-क्षेत्र) 2025 में अपनाए गए थे, को अध्यक्ष द्वारा अद्यतन जानकारी प्रदान की गई। इसके साथ ही भारत और अन्य सदस्य देशों ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना पर राष्ट्रीय दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना किफ़ायती, समावेशी, विश्वसनीय, सुरक्षित, संवहनीय और नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवाओं की आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में उभरा है। यह घरेलू कानूनों व नियमों के सम्मान, साइबर सुरक्षा, मजबूती, गोपनीयता और विश्वास के साथ-साथ खुलेपन, अंतर-संचालनीयता, डिजिटल संप्रभुता और राष्ट्रीय स्वामित्व के सिद्धांतों से संचालित होता है।

भारत ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) पर गठित फोकस समूह की चर्चा को आगे बढ़ाया और ब्रिक्स देशों के समक्ष भारत के डीपीआई को प्रस्तुत किया। इसके साथ ही, भारत ने ‘ब्रिक्स डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) कोष’ और ‘डीपीआई समाधानों की ब्रिक्स प्रायोगिक परियोजनाओं’ पर अवधारणा पत्र प्रस्तुत किया।
कार्य समूह को वर्ष के दौरान आयोजित वेबिनारों पर रिपोर्ट प्राप्त हुई, जो सुरक्षित, समावेशी और संवहनीय डिजिटल दूरसंचार अवसंरचना के क्षमता निर्माण, ब्रिक्स सबमरीन केबल नेटवर्क सहयोग और विकास तथा ब्रिक्स डिजिटल इकोसिस्टम सहयोग पर केंद्रित थी।




डिजिटल ब्रिक्स टास्क फोर्स ने अपनी गतिविधियों की समीक्षा की और डिजिटल ब्रिक्स फोरम 2026 की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस दौरान ‘डिजिटल अनुप्रयोग विशेषज्ञ समूह’ और ‘डिजिटल शासन विशेषज्ञ समूह’ के लिए ‘विचारणीय विषय’ के मसौदे पर चर्चा की गई।


कार्य समूह की कार्यवाही कल समाप्त होगी, जिसके बाद 20 अगस्त को डिजिटल ब्रिक्स फोरम एवं एक्सपो और 21 अगस्त को 12वीं ब्रिक्स संचार मंत्रियों की बैठक आयोजित की जाएगी।
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