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स्मारकों का संरक्षण

देश में राष्ट्रीय महत्व के घोषित 3688 प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष हैं, जिनमें से 414 स्मारकों एवं स्थलों पर अतिक्रमण की सूचना मिली है। राज्य-वार विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।

सरकार ने इन टिप्पणियों का संज्ञान लिया है। प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 (एएमएएसआर अधिनियम, 1958) के प्रावधानों के अंतर्गत किसी स्मारक के संरक्षण के लिए उस भूमि का अधिग्रहण या स्वामित्व अनिवार्य नहीं है जिस पर स्मारक स्थित है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ( एएसआई) का प्राथमिक उद्देश्य एएमएएसआर अधिनियम, 1958 और उसके अंतर्गत निर्मित नियम, 1959 के प्रावधानों के अनुसार संरक्षित स्मारकों का संरक्षण एवं रखरखाव करना है। जहां कहीं भी अतिक्रमण या अनधिकृत गतिविधियां देखी जाती हैं, वहां एएमएएसआर अधिनियम, 1958 और उसके अंतर्गत निर्मित नियमों के संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत उचित कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा, स्मारकों की सीमा निर्धारित करने के लिए, स्मारकों और स्थलों की संरक्षित सीमाओं की सुरक्षा के लिए स्थानीय राजस्व अधिकारियों के समन्वय से संयुक्त सर्वेक्षण किया जाता है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने संरक्षित स्मारकों और स्थलों की सीमाओं का सर्वेक्षण, भू-संदर्भ निर्धारण और डिजिटलीकरण पूरा कर लिया है और इन्हें भुवन पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। जहां भी आवश्यक हो, संबंधित राज्य सरकारों और राजस्व अधिकारियों के समन्वय से ऐसे आंकड़ों को राज्य भूमि अभिलेखों के साथ एकीकृत किया जाता है।

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज यह जानकारी राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी।

अनुलग्‍नक

राज्य-वार संरक्षित स्मारकों और अतिक्रमणग्रस्त क्षेत्रों (स्थलों) का विवरण

क्र.सं.राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का नामअतिक्रमण के अंतर्गत स्मारकों और क्षेत्रों (स्थलों) की संख्या
 आंध्र प्रदेश01
 अरुणाचल प्रदेश01
 असम12
 बिहार13
 छत्तीसगढ12
 दमन और दीव (केंद्र शासित प्रदेश)01
 गोवा01
 गुजरात11
 हरियाणा06
 हिमाचल प्रदेश03
 जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश)12
 कर्नाटक60
 मध्य प्रदेश03
 महाराष्ट्र49
 राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली (केंद्र शासित प्रदेश)14
 ओडिशा13
 पंजाब03
 राजस्थान30
 सिक्किम01
 तेलंगाना03
 तमिलनाडु72
 त्रिपुरा01
 उत्‍तर प्रदेश78
 पश्चिम बंगाल15
 कुल414

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