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राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक लिमिटेड के जैविक उत्पादों के लिए मानदंड

राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (एनसीओएल) एक मल्टी-चैनल मार्केटिंग रणनीति के माध्यम से “भारत ऑर्गेनिक्स” ब्रांड के तहत अपने प्रमाणित जैविक उत्पादों का विपणन करता है । इसके उत्पादों का विपणन विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, आधुनिक खुदरा श्रृंखलाओं, सफल/मदर डेयरी, नाफेड, एनसीसीएफ आदि सहित सहकारी आउटलेट्स और इसके डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) पोर्टल के माध्यम से किया जाता है ।

भारत में जैविक उत्पादन के लिए बेंचमार्क राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) है, जिसे कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) द्वारा अधिसूचित किया गया है । राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (एनसीओएल) केवल उन प्रमाणित जैविक उत्पादों का प्रापण और विपणन करके इन बेंचमार्कों का अनुपालन करता है जो एनपीओपी मानकों के अनुरूप हैं । उत्पाद वैध प्रमाणित किसान समूहों, आंतरिक नियंत्रण प्रणाली (आईसीएस), या प्रमाणित ऑपरेटरों से प्राप्त किए जाते हैं और कड़े गुणवत्ता परीक्षण, ट्रेसेबिलिटी मकैनिज़्म और ये लागू खाद्य सुरक्षा और जैविक प्रमाणन अपेक्षाओं के अनुपालन के अधीन होते हैं । इसके अलावा, एनसीओएल विपणन से पहले कीटनाशक अवशेषों और अन्य गुणवत्ता मानकों के लिए जैविक उत्पादों का अनिवार्य प्रयोगशाला परीक्षण सुनिश्चित करता है, जिससे भारत में जैविक उत्पादन के लिए निर्धारित मानकों को बनाए रखा जाता है ।

एनसीओएल जैविक किसानों के समर्थन हेतु सहकारी समितियों के माध्यम से राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) के अंतर्गत प्रमाणित आंतरिक नियंत्रण प्रणाली समूहों के गठन को प्रोत्साहित करता है। यह सहकारी समितियों के माध्यम से प्रमाणित जैविक उत्पादों की खरीद उचित एवं पारदर्शी मूल्य पर सुगम बनाता है तथा भारत ऑर्गेनिक्स ब्रांड के अंतर्गत विभिन्न विपणन माध्यमों के जरिए जैविक उत्पादों का विपणन करता है। एनसीओएल ने जैविक सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने तथा जैविक खेती में किसानों की अधिक भागीदारी को सुगम बनाने के उद्देश्य से 28 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया हैं।

यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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