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संसद प्रश्न: महत्वपूर्ण चिकित्सा रेडियोआइसोटोप की आपूर्ति में घरेलू आत्मनिर्भरता

मोलिब्डेनम-99 (एमओ-99), आयोडीन-131 (आई-131) और ल्यूटेटियम-177 (एलयू-177) सबसे महत्वपूर्ण रिएक्टर-उत्पादित चिकित्सा रेडियोआइसोटोप हैं, जो न्यूक्लियर मेडिसिन के लगभग 90 प्रतिशत अनुप्रयोगों में उपयोग किए जाते हैं। इन चिकित्सा रेडियोआइसोटोप की अर्ध-आयु अपेक्षाकृत कम होने के कारण, इनका उत्पादन नियमित अंतराल पर, आमतौर पर साप्ताहिक या पाक्षिक आधार पर, भाभा परमाणु अनुसंधान केन्‍द्र (बीएआरसी) के ध्रुव रिएक्टर में किया जाता है।

पिछले पांच वर्षों के दौरान उत्पादित और आपूर्ति किए गए 99एमओ, 131आई और 177एलयू आधारित रेडियोफार्मास्यूटिकल उत्पादों की कुल गतिविधि का विवरण नीचे दिया गया है।

रेडियोआइसोटोपउत्‍पादन क्षमता(सीआई)उत्‍पादन आंकड़े (सीआई)
  2021-222022-232023-242024-252025-26
एलयू-17750 सीआई/बैच473532684681976
99एमओ-99एमटीसी50 सीआई/सप्‍ताह662693268283550
आई-131सीआई/सप्‍ताह749813710623770

रिएक्टर/रेडियोकेमिकल प्रसंस्करण सुविधा के रखरखाव के लिए बंद रहने या तकनीकी कारणों से इनके उपलब्ध न होने की स्थिति में, न्यूक्लियर मेडिसिन केन्‍द्रों को रेडियोफार्मास्यूटिकल्स के उत्पादन और आपूर्ति के लिए इन रेडियोआइसोटोप का विदेश स्थित उत्पादकों से आयात किया जाता है।

ऐसी अवधि के दौरान आयात किए गए चिकित्सा रेडियोआइसोटोप तथा आयातित मात्रा का विवरण नीचे दी गई तालिका में संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है।

रेडियोआइसोटोपआयातित मात्रा और मूल देश (क्यूरी)
 2021-222022-232023-242024-252025-26
एलयू-17710 सीआई (रूस)136 सीआई (रूस)
एमओ-99460 सीआई आस्‍ट्रेलिया, रूस430 सीआईआस्‍ट्रेलिया, रूस30 सीआई मिस्र, रूस230 सीआईमिस्र, रूस516 सीआई बेल्जियम, रूस
आई-131219 सीआई पोलैंड, दक्षिण अफ्रीका174 सीआई पोलैंड, दक्षिण अफ्रीका421 सीआईरूस, दक्षिण अफ्रीका, बेल्जियम

यद्यपि परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन एक घटक इकाई विकिरण एवं आइसोटोप प्रौद्योगिकी बोर्ड (बीआरआईटी) सामान्य परिचालन की परिस्थितियों में लगभग 90 प्रतिशत तक पुष्ट आदेशों की आपूर्ति करने में सक्षम रहा है, तथापि तकनीकी कारणों से रिएक्टर/रेडियो केमिकल प्रसंस्करण सुविधाओं के अप्रत्याशित रूप से बंद होने तथा ऐसी आकस्मिक परिस्थितियों के दौरान आयातित वैकल्पिक आपूर्ति उपलब्ध न होने के कारण आपूर्ति में कुछ कमी रही है।

पिछले पांच वर्षों के दौरान आपूर्ति में हुई कमी का विवरण नीचे प्रस्तुत किया गया है :

रेडियोआइसोटोपकम आपूर्तिरद्दीकरण
 2021-222022-232023-242024-252025-26
एमओ-99(52 बैच/वर्ष)2 बैच1 बैच13 बैच19 बैचNil
आई-131(52 बैच/वर्ष)1 बैचशून्य4 बैच10 बैच3 बैच
एलयू-177(52 बैच/वर्ष)Nil2 बैच2 बैच7 बैच3 बैच

परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के अधीन अनुसंधान एवं विकास इकाई भाभा परमाणु अनुसंधान केन्‍द्र (बीएआरसी) को “आइसोटोप उत्पादन रिएक्टर के अभियांत्रिकी एवं निर्माण” परियोजना के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हो गई है। इस परियोजना के तहत लगभग 0.5 एमसीआई (मिलियन क्यूरी) रेडियो-आइसोटोप उत्पादन क्षमता के साथ वर्ष 2035 के आसपास उत्पादन शुरू होने की संभावना है।

यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग के केन्‍द्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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