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लोकसभा अध्यक्ष ने श्री कोविंद की आत्मकथा को “आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा” का एक स्थायी स्रोत बताया


प्रधानमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविंद की आत्मकथा का लोकार्पण किया

श्री कोविंद की आत्मकथा संघर्ष, संकल्पशक्ति और उपलब्धि की प्रेरक गाथा है: लोकसभा अध्यक्ष

श्री कोविंद ने सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ  संवैधानिक परंपराओं को सुदृढ़ किया : लोकसभा अध्यक्ष

कोविड-19 महामारी के दौरान, श्री कोविंद ने लोगों में साहस और विश्वास का संचार किया तथा राष्ट्रपति भवन को जनता के लिए अधिक सुलभ बनाया: लोकसभा अध्यक्ष

प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी ने आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में पूर्व राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविंद की आत्मकथा – ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’  का विमोचन किया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष, श्री ओम बिरला उपस्थित थे और उन्होंने कहा कि इस पुस्तक का लोकार्पण गौरव का विषय है ।

इस अवसर पर विशिष्टजनों को संबोधित करते हुए, श्री बिरला ने कहा कि उच्च संवैधानिक आदर्शों के प्रतीक पूर्व राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविंद की आत्मकथा दृढ़ संकल्प, संघर्ष और उपलब्धि की प्रेरक गाथा  है। श्री कोविंद के प्रारंभिक जीवन में  शिक्षा प्राप्ति में आई कठिनायों और चुनौतियों के बारे में बात करते हुए उन्होंने  कहा कि एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक की उनकी यात्रा से उनकी  असाधारण संकल्पशक्ति का परिचय मिलता है और उनकी यह संकल्पशक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्थायी स्रोत रहेगी ।

श्री बिरला ने आगे कहा कि संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता से श्री कोविंद ने अधिवक्ता के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि एक सांसद के रूप में उनका कार्यकाल अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण, सामाजिक न्याय और सार्वजनिक जीवन में शुचिता के प्रति समर्पण का स्वर्णिम अध्याय रहा है।

राज्यपाल के रूप में श्री कोविंद के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए, श्री बिरला ने बताया कि उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता, गुणवत्ता और तकनीकी नवाचार को एक नई दिशा दी। भारत के राष्ट्रपति के रूप में, उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की संवैधानिक परंपराओं को सुदृढ़ करते हुए सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का परिचय दिया । उन्होंने आगे कहा कि कई देशों की अपनी यात्राओं के माध्यम से, उन्होंने भारत के अंतरराष्ट्रीय राजनयिक संबंधों को मजबूत करने में भी योगदान दिया।

श्री बिरला ने इस बात का उल्लेख भी किया कि कोविड-19 महामारी जैसी विकट चुनौती के समय पर, श्री कोविंद ने देशवासियों में साहस, एकता और विश्वास का संचार किया और राष्ट्रपति भवन को जनता के लिए अधिक सुलभ बनाया। उन्होंने इसे श्री कोविंद की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक बताया।

लोकसभा अध्यक्ष ने आगे कहा कि राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी, श्री कोविंद अपने चिंतन, सार्वजनिक जीवन के समृद्ध अनुभव और सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के माध्यम से देश, संविधान और समाज में निरंतर योगदान कर रहे हैं। उन्होंने  विश्वास व्यक्त किया कि ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ के माध्यम  से पाठकों को श्री कोविंद के जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों के बारे में पता चलेगा जिससे उन्हें सार्वजनिक जीवन में एक सार्थक भूमिका निभाने की प्रेरणा मिलेगी। अपने संबोधन के अंत में श्री बिरला ने पुस्तक के प्रकाशन पर श्री राम नाथ कोविंद को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं ।

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