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विषय: राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन (एनबीएचएम) का क्रियान्वयन


2243. श्री बाबू राम निषादः

डा. अनिल सुखदेवराव बोंडे:

श्री शंभू शरण पटेलः

श्री बृज लालः

श्री सुखेन्दु शेखर रॉयः

डा. संदीप कुमार पाठकः

श्रीमती लक्ष्मी वर्माः

डा. मेधा विश्राम कुलकर्णी:

श्री आदित्य प्रसादः

क्या कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे किः

(क) क्या सरकार राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन (एनबीएचएम) का क्रियान्वयन कर रही है;

(ख) यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा एवं उद्देश्य क्या हैं; और

(ग) शहद उत्पादन बढ़ाने, वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन तथा कृषि उत्पादकता से संबंधित लाभों के लिए सरकार द्वारा उठाए गए/उठाए जाने वाले कदमों का ब्यौरा क्या है?

उत्तर

कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री (श्री रामनाथ ठाकुर)

(क): जी हाँ। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड के माध्यम से केंद्रीय क्षेत्र योजना राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन को कार्यान्वित कर रहा है।

(ख): राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन का उद्देश्य मधुमक्खी पालन उद्योग के समग्र विकास हेतु वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देना, शहद एवं मधुमक्खी उत्पादों के उत्पादन में वृद्धि करना, आय एवं रोजगार के अवसर सृजित करना, कृषि एवं गैर-कृषि परिवारों को आजीविका सहायता प्रदान करना, मधुमक्खी पालन के माध्यम से महिलाओं का सशक्तिकरण करना, सामूहिक दृष्टिकोण के माध्यम से संस्थागत फ्रेमवर्क का विकास कर मधुमक्खी पालकों को सुदृढ़ बनाना तथा कृषि एवं बागवानी उत्पादन को बढ़ावा देना है। इस योजना के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों के लिए केंद्रीय/राज्य नोडल एजेंसियों द्वारा अग्रेषित पात्र कार्यान्वयन एजेंसियों  (आईए) को परियोजना आधारित वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इन गतिविधियों में एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्रों की स्थापना, शहद परीक्षण प्रयोगशालाओं, मधुमक्खी रोग निदान प्रयोगशालाओं, गुणवत्तापूर्ण न्यूक्लियस स्टॉक विकास केंद्रों की स्थापना, क्षमता निर्माण, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन, मधुमक्खी पालन के माध्यम से महिलाओं का सशक्तिकरण आदि शामिल हैं। राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन विपणन, ब्रांडिंग, मूल्य संवर्धन तथा अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को भी सहायता प्रदान करता है।

(ग): राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन के प्रावधानों के अनुरूप, परियोजना आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से शहद उत्पादन में वृद्धि करने, वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने तथा कृषि उत्पादकता में वृद्धि करने के प्रयोजनार्थ राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन राज्य सरकारों, कार्यान्वयन एजेंसियों तथा स्टेकहोल्डर संगठनों के प्रयासों में सहायता करता है।

मिलावट की जांच हेतु अब तक 7 विश्वस्तरीय शहद परीक्षण प्रयोगशालाओं, 66 मिनी प्रयोगशालाओं, 83 शहद प्रसंस्करण इकाइयों तथा 90 शहद संग्रहण, ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग इकाइयों की स्थापना की जा चुकी है। इससे शहद के कुशल भंडारण एवं विपणन को सहायता मिलती है। अब तक गुणवत्तापूर्ण रानी मधुमक्खियों के उत्पादन तथा मधुमक्खी कॉलोनियों के विस्तार  के लिए 81 गुणवत्तापूर्ण न्यूक्लियस स्टॉक विकास केंद्रों को सहायता प्रदान की गई है। बागवानी फसल सांख्यिकी (द्वितीय अग्रिम अनुमान, वर्ष 2025-26) के अनुसार, शहद का उत्पादन वर्ष 2014-15 के 80,530 मीट्रिक टन से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 1,51,690 मीट्रिक टन हो गया है।

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