सरकार ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने के लक्ष्य के साथ विकसित भारत के लिए एक महत्वाकांक्षी परमाणु ऊर्जा मिशन की घोषणा की है। परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं की परियोजना/निर्माण अवधि 10-12 वर्ष होती है। मध्य पूर्व संघर्ष के बाद किसी विशिष्ट परमाणु ऊर्जा परियोजना को स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है।
परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं, जो कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं तथा जिनकी योजना बनाई गई है, का विवरण अनुलग्नक में सारणीबद्ध किया गया है।
कुछ स्थलों पर लोगों के एक वर्ग में स्थल एवं संयंत्र की सुरक्षा, पुनर्वास से जुड़े मुद्दों तथा मछली पालन और बागवानी जैसे पारंपरिक आजीविका के साधनों के नुकसान की आशंकाएं व्यक्त की गई हैं। इन आशंकाओं का विश्वसनीय तरीके से बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाते हुए जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाधान किया गया है। परमाणु ऊर्जा के सभी पहलुओं, जैसे स्थल चयन, डिज़ाइन, निर्माण, कमीशनिंग और संचालन में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा एक स्थिर प्रक्रिया नहीं है और वैश्विक मानकों में होने वाले विकास, घटनाओं तथा संचालन अनुभवों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में सुधार/उन्नयन किए जाते हैं।
यह जानकारी केंद्रीय प्रधानमंत्री कार्यालय तथा कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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अनुलग्नक
| निर्माणाधीन/कमीशनिंग के अधीन परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं | ||||
| स्थान एवं राज्य | परियोजना | क्षमता (मेगावाट) | अपेक्षित पूर्णता तिथि/ स्थिति | स्वदेशी/ विदेशी प्रौद्योगिकी |
| रावतभाटा, राजस्थान | आरएपीपी-8 | 1 X 700 | यूनिट-8 कमीशनिंग के उन्नत चरण में है (वर्ष 2026 में परिचालन शुरू होने की उम्मीद है)। | स्वदेशी |
| गोरखपुर, हरियाणा | जीएचएवीपी 1 एवं 2 | 2 X 700 | निर्माण और कमीशनिंग का कार्य प्रथम कंक्रीट डालने की तिथि से लगभग 6 वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है। | स्वदेशी |
| कुडनकुलम, तमिलनाडु | केकेएनपीपी-3 एवं 4 | 2 X 1000 | जून-2027/ जून-2028 | विदेशी प्रौद्योगिकी |
| केकेएनपीपी-5 एवं 6 | 2 X 1000 | जून-2029/ मार्च-2030 | विदेशी प्रौद्योगिकी | |
| कल्पक्कम, तमिलनाडु | पीएफबीआर | 1 X 500 | 06.04.2026 को क्रिटिकैलिटी प्राप्त की | स्वदेशी |
| कैगा, कर्नाटक | कैगा-5 एवं 6 | 2 X 700 | जून-2031/ जून-2032 | स्वदेशी |
| पूर्व-परियोजना गतिविधियों के अधीन परियोजनाएं | ||||
| गोरखपुर, हरियाणा | जीएचएवीपी–3 एवं 4 | 2 X 700 | पूर्व-परियोजना गतिविधियों के अधीन परियोजनाओं के वर्ष 2031/32 तक क्रमिक रूप से पूरा होने की उम्मीद है | स्वदेशी |
| चुटका, मध्य प्रदेश | चुटका-1 एवं 2 | 2 X 700 | स्वदेशी | |
| माही बांसवाड़ा, राजस्थान | माही बांसवाड़ा-1 एवं 2 | 2 X 700 | स्वदेशी | |
| माही बांसवाड़ा-3 एवं 4 | 2 X 700 | स्वदेशी | ||
| कल्पक्कम, तमिलनाडु | एफबीआर 1 एवं 2 | 2 X 500 | स्वदेशी | |
| नियोजित परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं/स्थल | ||||
| रावतभाटा, राजस्थान | आरएपीपी-9 एवं 10 | 2 X 700 | प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं | स्वदेशी |
| काकरापार, गुजरात | केएपीपी-5 एवं 6 | 2 X 700 | स्वदेशी | |
| नरोरा, उत्तर प्रदेश | एनएपीपी-3 एवं 4 | 2 X 700 | स्वदेशी | |
| जैतापुर, महाराष्ट्र | जेएनपीपी-1 से 6 | 6 X 1730 | सैद्धांतिक रूप से अनुमोदित स्थल | विदेशी प्रौद्योगिकी |
| कोव्वाडा, आंध्र प्रदेश | कोव्वाडा-1 से 6 | 6 X 1208 | विदेशी प्रौद्योगिकी | |
| हरिपुर, पश्चिम बंगाल | हरिपुर-1 से 6 | 6 X 1000 | विदेशी प्रौद्योगिकी | |
| मिठी विरडी, गुजरात | मिठी विरडी-1 से 6 | 6 X 1000 | विदेशी प्रौद्योगिकी | |
| भीमपुर, मध्य प्रदेश | भीमपुर-1 से 4 | 4 X 700 | स्वदेशी | |
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