जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि वर्तमान में, मंत्रालय पहले से ही मैट्रिक-पूर्व और मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए निगरानी और एमआईएस रिपोर्ट तैयार करने के लिए संबंधित राज्य/संघ राज्यक्षेत्र द्वारा प्रस्तुत लाभार्थियों के डेटा तक पहुंच बना कर डीबीटी जनजातीय पोर्टल के सुविधा का लाभ उठा रहा है। राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों को भी प्रश्न, दस्तावेज, उपयोगिता प्रमाण पत्र, व्यय विवरण आदि अपलोड करने की सुविधा दी गई है जिससे प्रसंस्करण समय कम हुआ है और शिकायतों में कमी आई है।
पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान मैट्रिक-पूर्व और मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए डीबीटी जनजातीय पोर्टल पर राज्यों/ संघ राज्यक्षेत्रों द्वारा सूचित लाभार्थियों की संख्या का विवरण अनुलग्नक-1 में दिया गया है।
मैट्रिक पूर्व और मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजनाएं केंद्र प्रायोजित योजनाएं हैं और संबंधित राज्यों/ संघ राज्यक्षेत्रों के माध्यम से लागू की जाती हैं। छात्रवृत्ति का संवितरण संबंधित राज्य/संघ राज्यक्षेत्र द्वारा अपने पोर्टल या एनएसपी पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। पोर्टल के माध्यम से हुई प्रगति निम्नानुसार है:-
- एक छोर से दूसरे छोर तक डिजिटलीकरण (एंड-टू-एंड डिजिटाइज़ेशन): कागज-आधारित प्रसंस्करण से योजना-विशिष्ट डिजिटल पोर्टलों में परिवर्तन।
- सामान्य डेटा मानक: राज्यों/संघ राज्यक्षेत्र पोर्टलों/ राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) और मंत्रालय के डीबीटी जनजातीय पोर्टल के बीच निर्बाध वेब-सर्विस एपीआई आधारित डेटा साझाकरण के लिए मानक डेटा प्रारूप का कार्यान्वयन
- शीघ्र संचार (संसूचना) और ऑनलाइन प्रसंस्करण: उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी), व्यय विवरण (एसओई) और राज्यों द्वारा प्रश्नों को ऑनलाइन अपलोड करने से, प्रसंस्करण समय और प्रशासनिक देरी में उल्लेखनीय कमी।
- सार्वजनिक पारदर्शिता और परिणाम डैशबोर्ड: परिणामों की ट्रैकिंग के लिए लाभार्थी और लेन-देन के डेटा का मंत्रालय के प्रदर्शन डैशबोर्ड, डीबीटी मिशन, प्रयास डैशबोर्ड और नीति आयोग के प्रदर्शन डैशबोर्ड के साथ एकीकरण।
डीबीटी जनजातीय पोर्टल में राज्य/संघ राज्यक्षेत्रों द्वारा रिपोर्ट किए गए लाभार्थियों का डेटा निगरानी और एमआईएस रिपोर्ट तैयार करने के लिए उपयोगी रहा है। राज्यों/ संघ राज्यक्षेत्रों के छात्रवृत्ति पोर्टल के साथ राष्ट्रीय छात्रवृति पोर्टल के एकीकरण से योजनाओं और डेटाबेस में डेटा वैधीकरण और स्वचालित दोहराव की जांच को सक्षम बनाता है।
अनुसूचित जनजाति छात्रों के लिए मैट्रिक-पूर्व और मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत, राज्य स्तर पर फ्लोट को समाप्त करने, छात्रवृत्ति जारी करने में विलंब को कम करने और निधि प्रवाह में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, मंत्रालय ने मैट्रिक-पूर्व और मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत केंद्रीय हिस्सेदारी जारी करने के लिए एसएनए स्पर्श मॉडल को अपनाया है। यह समयबद्ध संवितरण ढांचा (सही समय पर भुगतान की व्यवस्था) के रूप में कार्य करता है, जिसके तहत छात्रवृत्ति के भुगतान के लिए संबंधित राज्य सरकारों की ओर से बिल पेश किए जाने पर केंद्रीय हिस्से की निधियां ‘उचित समय पर जारी की जाती हैं। एक बार छात्रवृत्ति भुगतान के बिल को अनुमोदन मिलने के बाद, केंद्रीय हिस्से के साथ-साथ राज्य हिस्से की निधि को डीबीटी के माध्यम से सीधे आरबीआई खाते से छात्र लाभार्थी खाते में स्थानांतरित कर दिया जाता है। इससे राज्य स्तर पर केन्द्रीय शेयर निधि समाप्त हो जाती है और छात्रवृत्ति के संवितरण में विलम्ब कम हो जाता है।
मंत्रालय द्वारा प्रत्यक्ष रूप से क्रियान्वित छात्रवृत्ति की केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के तहत, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी), मंत्रालय के छात्रवृत्ति पोर्टल और सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (डीबीटी) के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) की सुविधा प्रदान करने के लिए एक मजबूत डिजिटल तंत्र स्थापित किया गया है।
संस्थान/जिला/राज्य प्राधिकरणों (प्राधिकारियों) द्वारा वास्तविक (भौतिक) आवेदन प्रक्रिया और हस्तचालित (मैनुअल) सत्यापन को समाप्त होने से अनुमोदन कार्य प्रवाह सुव्यवस्थित हुआ है और समग्र अनुप्रयोग प्रसंस्करण समय में कमी आई है। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थी छात्र बैंक खातों में छात्रवृत्ति राशि का हस्तांतरण यह सुनिश्चित करता है कि मध्यस्थों की भागीदारी के बिना समय पर लक्षित अनुसूचित जनजाति के छात्रों तक वित्तीय लाभ पहुंचे।
अनुलग्नक-1
वित्त वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान डीबीटी जनजातीय पोर्टल पर राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों
द्वारा सूचित लाभार्थियों का विवरण
| I. मैट्रिक-पूर्व छात्रवृत्ति योजना | ||||
| क्र. सं | राज्यों/ संघ राज्यक्षेत्रों के नाम | 2023-2024 | 2024-2025 | 2025-2026 |
| लाभार्थियों की संख्या | लाभार्थियों की संख्या | लाभार्थियों की संख्या | ||
| 1 | अंडमान व निकोबार द्वीप समूह | 141 | 18 | 179 |
| 2 | आंध्र प्रदेश | – | – | 57788 |
| 3 | अरुणाचल प्रदेश | 5698 | 635 | 1694 |
| 4 | असम | 5625 | 2132 | – |
| 5 | बिहार | 11363 | 15319 | 14069 |
| 6 | छत्तीसगढ़ | 21768 | 159372 | 35372 |
| 7 | गोवा | 207 | 1985 | 369 |
| 8 | गुजरात | 108125 | 94169 | 26832 |
| 9 | हिमाचल प्रदेश | 2445 | 1786 | 2455 |
| 10 | जम्मू और कश्मीर | 4665 | 365 | 1322 |
| 11 | झारखंड | 7311 | 16250 | – |
| 12 | कर्नाटक | 181152 | 82316 | 18199 |
| 13 | केरल | 1007 | – | – |
| 14 | लद्दाख | 82 | 250 | 2459 |
| 15 | मध्य प्रदेश | 35165 | 411273 | 328029 |
| 16 | मणिपुर | 1660 | 70 | 3311 |
| 17 | मेघालय | 1408 | 19 | 8 |
| 18 | मिजोरम | 465 | – | 8110 |
| 19 | ओडिशा | 62105 | 148166 | 122800 |
| 20 | पुडुचेरी | – | 12 | – |
| 21 | राजस्थान | 129350 | – | 80125 |
| 22 | सिक्किम | 47 | 134 | 171 |
| 23 | तमिलनाडु | 6569 | – | 18285 |
| 24 | दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव | 3319 | 877 | – |
| 25 | त्रिपुरा | 15017 | 3054 | 12152 |
| 26 | उत्तर प्रदेश | 2329 | – | – |
| 27 | उत्तराखंड | 516 | 751 | 820 |
| 28 | पश्चिम बंगाल | 28290 | 13345 | 5090 |
| कुल योग | 635829 | 952298 | 739639 | |
| II. मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना | |||||
| क्र. सं | राज्यों/ संघ राज्यक्षेत्रों के नाम | 2023-2024 | 2024-2025 | 2025-2026 | |
| लाभार्थियों की संख्या | लाभार्थियों की संख्या | लाभार्थियों की संख्या | |||
| 1 | अंडमान व निकोबार द्वीप समूह | 170 | 2 | 283 | |
| 2 | आंध्र प्रदेश | 75431 | 45208 | 93539 | |
| 3 | अरुणाचल प्रदेश | 46386 | 42586 | 44163 | |
| 4 | असम | 35135 | 12582 | 18456 | |
| 5 | बिहार | 2467 | 3045 | 9206 | |
| 6 | छत्तीसगढ़ | 115067 | 109041 | 128661 | |
| 7 | गोवा | 3824 | 3128 | 3175 | |
| 8 | गुजरात | 201326 | 205918 | 173747 | |
| 9 | हिमाचल प्रदेश | 4291 | 4042 | 3628 | |
| 10 | जम्मू और कश्मीर | 10399 | 6591 | 4548 | |
| 11 | झारखंड | 97440 | 61098 | – | |
| 12 | कर्नाटक | 140650 | 118878 | 87199 | |
| 13 | केरल | 24734 | – | – | |
| 14 | लद्दाख | 2196 | 10017 | 139 | |
| 15 | मध्य प्रदेश | 222333 | 362065 | 304520 | |
| 16 | महाराष्ट्र | 182192 | – | – | |
| 17 | मणिपुर | 40736 | 29985 | 29983 | |
| 18 | मेघालय | 59845 | 57560 | 78443 | |
| 19 | मिजोरम | 304 | 30696 | 28186 | |
| 20 | नागालैंड | 40638 | 42448 | 64423 | |
| 21 | ओडिशा | 167050 | 157340 | 289738 | |
| 22 | पुडुचेरी | 8 | – | – | |
| 23 | राजस्थान | 45352 | 198676 | 145124 | |
| 24 | सिक्किम | 2553 | 1377 | 1 | |
| 25 | तमिलनाडु | 7902 | 347 | ||
| 26 | तेलंगाना | 132617 | 88534 | 25560 | |
| 27 | दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव | 1442 | – | – | |
| 28 | त्रिपुरा | 37387 | 33375 | 28163 | |
| 29 | उत्तर प्रदेश | 8656 | 1020 | ||
| 30 | उत्तराखंड | 3398 | 3233 | 3710 | |
| 31 | पश्चिम बंगाल | 71839 | 30395 | 26605 | |
| कुल योग | 1783768 | 1659187 | 1591200 | ||
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