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कपास उत्पादकता मिशन

सरकार ने द्वारा 5 मई, 2026 को पांच वर्षों (2026-27 से 2030-31) की अवधि के लिए 5,659.22 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ कपास उत्पादकता मिशन (केएपीएएस केएएनटीआई) को मंजूरी दी थी। इनमें से कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई) द्वारा कार्यान्वित घटक-I(ए) का परिव्यय 555.05 करोड़ रुपये है और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (डीएएंडएफडब्ल्यू) द्वारा कार्यान्वित घटक-I(बी) का परिव्यय 3,804.17 करोड़ रुपये है। वस्त्र मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत भारतीय कपास निगम और राष्ट्रीय जूट बोर्ड द्वारा कार्यान्वित घटक-II और III के लिए स्वीकृत परिव्यय क्रमशः 1,000 करोड़ रुपये और 300 करोड़ रुपये हैं।

घटक-I(ए) के तहत कर्नाटक के रायचूर, चामराजनगर और धारवाड़ में अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (एआईसीआरपी) के तहत कपास उत्पादकता से संबंधित गतिविधियों के लिए लगभग 11.50 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। वर्ष 2026-27 के दौरान घटक-I(बी) के अंतर्गत कर्नाटक को 4,850.13 लाख रुपये (केंद्र सरकार का हिस्सा 2,910.08 लाख रुपये और राज्य सरकार का हिस्सा 1,940.05 लाख रुपये) आवंटित किए गए हैं। कर्नाटक सरकार ने वर्ष 2026-27 के दौरान घटक-I(बी) के अंतर्गत रायचूर जिले के लिए 1,100.81 लाख रुपये निर्धारित किए हैं ।

घटक-I(बी) के अंतर्गत मिशन के प्रारंभिक चरण में 14 प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों के 140 लक्षित जिलों को शामिल किया गया है। इन जिलों का चयन उनकी कपास उत्पादन क्षमता के आधार पर किया गया है। जिलों की यह सूची सांकेतिक है और राज्यों को अपनी वार्षिक योजनाओं, आवश्यकताओं और/या प्रदर्शन के आधार पर शामिल किए जाने वाले जिलों में परिवर्तन करने की सुविधा दी गई है। रायचूर को कर्नाटक के प्रमुख कपास उत्पादक जिलों में होने के कारण शामिल किया गया है।

कर्नाटक सरकार ने मिशन के घटक-I(बी) के अंतर्गत 2026-27 के लिए प्रदर्शनों के माध्यम से प्रौद्योगिकियों के विस्तार हेतु जिला-वार भौतिक लक्ष्यों, जिनमें लक्षित लाभार्थी भी शामिल हैं, की जानकारी दी है। इसका विवरण नीचे दिया गया है।

यह मिशन 2030-31 तक कर्नाटक के लिए कपास उत्पादन को बढ़ाकर 40 लाख गांठ (बेल) करने और उत्पादकता को 860 किलोग्राम लिंट/हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखता है। कर्नाटक सरकार द्वारा प्रदान किये गये वर्षवार लक्ष्य नीचे दिए गए हैं।

विवरण निम्नानुसार है:

  1. कपास परीक्षण प्रयोगशालाएं: मिशन के घटक-II के अंतर्गत देश भर में कपास उत्पादक जिलों के कलस्टर में 50 कपास परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। मिशन इन प्रयोगशालाओं के राज्य-वार या जिला-वार आवंटन को निर्दिष्ट नहीं करता है। उनका आवंटन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में कार्यान्वयन के लिए प्रस्ताव के अनुरोध सहित योजना के तहत निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से तय किया जाएगा।
  • ii. कस्तूरी कॉटन भारत अनुरेखण सुविधाएं: मिशन के अंतर्गत पात्र जिनिंग और प्रोसेसिंग (जी एंड पी) कारखानों द्वारा कस्तूरी कॉटन भारत प्रमाणित कपास गांठों के उत्पादन के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन प्रदान किए जाते हैं। कर्नाटक सहित सभी पात्र जी एंड पी कारखाने योजना के प्रावधानों के अनुसार इस सुविधा के लिए विचार के पात्र होंगे।
  1. जिनिंग और प्रसंस्करण (जी एंड पी) इकाइयां: मिशन योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र जी एंड पी कारखानों को कस्तूरी कॉटन भारत-प्रमाणित कपास गांठों (बेल) के उत्पादन के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन प्रदान करता है।

कर्नाटक सरकार ने मिशन के अंतर्गत वर्ष-वार लक्ष्य प्रस्तुत किए हैं, जो नीचे दिए गए हैं।

मिशन के घटक-I(बी) के कार्यान्वयन की निगरानी मिशन के प्रावधानों के अनुसार गठित राज्य स्तरीय समितियों और जिला स्तरीय समितियों के माध्यम से की जाती है। यह निगरानी तंत्र रायचूर सहित मिशन के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों पर लागू होता है। मिशन में राज्य सरकार द्वारा निर्धारित वर्ष-वार लक्ष्यों के आधार पर निगरानी का प्रावधान है।

उत्पादकता संवर्धन बढ़ाने, उच्च घनत्व रोपण प्रणाली (एचडीपीएस), कम दूरी पर बुवाई (सीएस), एक्ट्रा लॉन्ग स्टेपल (ईएलएस), एकीकृत फसल प्रबंधन (आईसीएम) के लिए कर्नाटक में तय किये गये जिला-वार लक्ष्य:

(क्षेत्रफल-हेक्टेयर में, लाभार्थी-संख्या में)

क्रम संख्याज़िलाकर्नाटक में प्रौद्योगिकी के विस्तार (प्रदर्शन) के लक्ष्य (2026-27) 
उच्च घनत्व रोपण प्रणाली(एचडीपीएस)कम दूरी पर बुवाई (सीएस)एक्स्ट्रा लॉन्ग स्टेपल (ईएलएस)एकीकृत फसल प्रबंधन (आईसीएम) 
 
क्षेत्रफललाभार्थीक्षेत्रफललाभार्थीक्षेत्रफललाभार्थीक्षेत्रफललाभार्थी 
1बल्लारी45022510005005025200100 
2बेलगावी50250000200100 
3चामराजनगर00200100100050010050 
4चित्रदुर्ग00400200100050010050 
5धारवाड़5002500030001500300150 
6गडग003001500010050 
7हावेरी003001500010050 
8कलबुरगी5002503000150000500250 
9कोप्पल000000200100 
10मैसूरु00700350900450200100 
11रायचूर250012503710185500600300 
12विजयपुरा10050260013005025400200 
13यादगिरी2500125040002000001000500 
 कुल660033001621081056000300040002000 

कर्नाटक सरकार द्वारा प्रदान किये गये वर्ष-वार लक्ष्य:

(उत्पादन – लाख गांठ, उत्पादकता – किलोग्राम लिंट प्रति हेक्टेयर में)

क्र.सं.वर्षकर्नाटकरायचूर
उत्पादनउत्पादकताउत्पादनउत्पादकता
12026-2726.005596.59646
22027-2831.006677.85771
32028-2934.107338.64847
42029-3036.807919.32914
52030-3140.0086010.14994

केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री श्री पबित्रा मार्गेरिटा ने यह जानकारी आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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