आईसीएमआर के अध्ययन में पाया गया कि ड्रोन की सहायता से क्षय रोग के नमूनों के परिवहन से नैदानिक प्रक्रिया का समय 15 दिन से घटकर 5 दिन हो गया और रोगी का खर्च 9,451 रुपये से घटकर 91 रुपये हो गया
आईसीएमआर की आई-ड्रोन पहल से क्षय रोग की नैदानिक प्रक्रिया का समय दो-तिहाई कम हुआ और रोगी का खर्च 99 प्रतिशत से अधिक घट गया
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की आई-ड्रोन पहल के अंतर्गत किए गए नए अध्ययन के अनुसार, ड्रोन की सहायता से क्षय रोग (टीबी) से संबंधित बलगम के नमूने ले जाने से दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों में क्षय रोग के निदान से जुड़ी प्रक्रिया में लगने वाले समय और खर्च में काफी कमी आई है। यह अध्ययन तेलंगाना के यदाद्री-भुवनगिरी जिले में एम्स बीबीनगर और राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम(एनटीईपी) के साथ मिलकर किया गया। इससे पता चला कि क्षय रोग की नैदानिक प्रक्रिया का औसत समय 15 दिन से घटकर 5 दिन हो गया, जबकि रोगियों का अपनी जेब से होने वाला औसत खर्च लगभग 9,451 रुपये से घटकर 91 रुपये हो गया जिससे क्षय रोग की नैदानिक सेवाओं तक समय पर पहुंच बेहतर हुई।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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