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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना पर अपडेट


एबी पीएम-जेएवाई के अंतर्गत 30 जून 2026 तक, 1.92 लाख करोड़ रुपये के व्यय से 12.69 करोड़ लोगों की अस्पताल में कैशलेस भर्ती, जिससे उनके स्वास्थ्य खर्च के प्रत्यक्ष भुगतान में कमी आई

आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर 12 करोड़ परिवारों, जो भारत की कुल जनसंख्या के निचले 40 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं, को द्वितीयक एवं तृतीयक स्तर के अस्पताल में भर्ती उपचार के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान किया जाता है। मार्च 2024 में इस योजना का विस्तार करते हुए मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा), आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आंगनवाड़ी सहायिकाओं के लगभग 37 लाख परिवारों को इसमें शामिल किया गया। इसके बाद अक्टूबर 2024 में योजना का और विस्तार करते हुए 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों, जो 4.5 करोड़ परिवारों से संबंधित हैं, को उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना योजना के दायरे में शामिल किया गया। राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश-वार बनाए गए आयुष्मान कार्डों का विवरण निम्नलिखित डैशबोर्ड पर देखा जा सकता है:

https://dashboard.nha.gov.in/public/card

एबी-पीएमजेएवाई ने लोगों के जेब से होने वाले स्वास्थ्य व्यय को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 30.06.2026 तक इस योजना के अंतर्गत 37,413 सरकारी एवं निजी अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से 12.69 करोड़ लोगों को अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराने को अधिकृत किया गया, जिसकी कुल राशि 1.92 लाख करोड़ रुपये है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य लेखा अनुमान 2022-23 के अनुसार, कुल स्वास्थ्य व्यय में जेब से होने वाले स्वास्थ्य व्यय का अनुपात 2014-15 के 62.6 प्रतिशत से घटकर 2022-23 में 43.4 प्रतिशत रह गया है। यह उल्लेखनीय कमी दर्शाती है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सार्वजनिक निवेश बढ़ने तथा आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जैसी सार्वजनिक वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के विस्तार के कारण अब परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं पर अपनी जेब से अपेक्षाकृत काफी कम खर्च करना पड़ रहा है।

यह जानकारी केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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