LIVE

त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय में नामांकन

शैक्षणिक वर्ष 2026–27 के लिए विश्वविद्यालय में वर्तमान नामांकन निम्नानुसार है:

शैक्षणिक वर्षकार्यक्रमनामांकित विद्यार्थियों की संख्या
2026-27कृषि व्यवसाय प्रबंधन में एमबीए53
सहकारी बैंकिंग और वित्त में एमबीए50
सहकारी प्रबंधन में एमबीए23
ग्रामीण प्रबंधन में एमबीए224
 कुल350

”त्रिभुवन” सहकारी यूनिवर्सिटी अधिनियम, 2025 के अधीन “त्रिभुवन” सहकारी यूनिवर्सिटी को सहकारी क्षेत्र की वर्तमान और भावी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए योग्य एवं प्रशिक्षित जनशक्ति प्रदान करने तथा साथ-साथ संबद्ध संस्थानों एवं इसके स्वयं के बाहरी परिसरों के अखिल भारतीय नेटवर्क का निर्माण करके सहकारी समितियों के कर्मचारियों और बोर्ड सदस्यों को प्रशिक्षण, शिक्षा एवं क्षमता निर्माण प्रदान करने हेतु अधिदेशित किया गया है।

अधिदेश के अनुरूप, विश्वविद्यालय ने 10 राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों में 16 संस्थानों को संबद्ध करके अपने नेटवर्क का विस्तार किया है। संबद्ध संस्थानों की सूची संलग्नक-1 के रूप में संलग्न है ।

*****

संलग्नक-1

क्रम सं.संस्थान का नामराज्य
1वैमनीकॉम (वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान), पुणेमहाराष्ट्र
2सहकारी प्रबंध संस्थान – जयपुरराजस्थान
3सहकारी और कॉरपोरेट प्रबंधन, अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (आईसीसीएमआरटी) – लखनऊउत्तर प्रदेश
4क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान – चंडीगढ़चंडीगढ़
5मानसिंहभाई इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी एंड फूड टेक्नोलॉजी (एमआईडीएफटी), मेहसाणागुजरात
6सहकारी प्रबंध संस्थान – इंफाल – मणिपुरमणिपुर
7राष्ट्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान – गांधीनगरगुजरात
8डी. एन. एस.  क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान  – पटनाबिहार
9सहकारी प्रशिक्षण केंद्र – रांचीझारखंड
10सिक्किम स्टेट कोऑपरेटिव यूनियनसिक्किम
11इंदिरा गांधी सहकारी प्रबंध संस्थान, लखनऊउत्तर प्रदेश
12नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट-हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी, पुणेमहाराष्ट्र
13एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया (एएससीआई), हैदराबादतेलंगाना
14फूड एंड एग्री बिजनेस स्कूल (एफएबी स्कूल), सागर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (एसजीआई), हैदराबादतेलंगाना
15बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (बिमटेक), नोएडाउत्तर प्रदेश
16गुजरात राज्य सहकारी संघ (केंद्र: अहमदाबाद, नडियाड, भावनगर, सूरत)गुजरात

यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

Comments

Comments (0)

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »