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भारत की प्याज मूल्य श्रृंखला को मजबूत बनाना: वीसीएफ-एससी ने खेमानंद  दूध और कृषि उत्पादक कंपनी लिमिटेड को हजारों किसानों को सशक्त बनाने में कैसे मदद की

श्री प्रशांत सदाशिव लोखंडे, प्रमोटर

किसानों की आय बढ़ाने और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए आधुनिक फसल कटाई पश्चात अवसंरचना और कुशल बाजार संपर्क की उपलब्धता अनिवार्य हो गई है। इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण अहिल्यानगर स्थित खेमानंद दूध और कृषि उत्पादक कंपनी लिमिटेड है, जिसने एकीकृत फसल कटाई पश्चात प्रसंस्करण और खरीद नेटवर्क के माध्यम से प्याज की मूल्य श्रृंखला में क्रांतिकारी परिवर्तन किया है। कंपनी की यह यात्रा सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत अनुसूचित जाति के लिए उद्यम पूंजी कोष (वीसीएफ-एससी) के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाती है।

कंपनी ने महाराष्ट्र के पांच स्थानों पर पीएमकेएसवाई-ऑपरेशन ग्रीन्स योजना के तहत प्याज के लिए एक एकीकृत मूल्य श्रृंखला विकास परियोजना स्थापित की। इस परियोजना में खरीद, ग्रेडिंग, छँटाई, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज और एक निर्जलीकरण संयंत्र शामिल हैं, साथ ही इसे भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय से भी सहायता प्राप्त है। कृषि अवसंरचना को मजबूत करने और किसानों की आजीविका में सुधार लाने की परियोजना की क्षमता को देखते हुए, अनुसूचित जाति के लिए वेंचर कैपिटल फंड ने 2023 में इक्विटी और वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर सहित वेंचर कैपिटल सहायता के माध्यम से 12 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की । इस सहायता से कंपनी को अपने फसल कटाई के बाद के प्रसंस्करण संरचना को मजबूत करने, खरीद क्षमता का विस्तार करने और किसानों को संगठित बाजारों से जोड़ने वाली एक कुशल आपूर्ति श्रृंखला बनाने में मदद मिली।

फसल कटाई के बाद प्रसंस्करण एवं कृषि सुविधा

इस पहल का प्रभाव महत्वपूर्ण रहा है। आज, उद्यम ने अपने किसान नेटवर्क को लगभग 8,000 किसानों तक बढ़ा लिया है, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित किया है, उत्पादक ग्रामीण संपत्तियां बनाई हैं, 25.51 करोड़ रु का वार्षिक राजस्व प्राप्त किया है और अपनी कुल संपत्ति को 30 करोड़ रुपए तक मजबूत किया है । इस परियोजना ने ग्रेडिंग, हैंडलिंग और भंडारण सुविधाओं में सुधार करके और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करके किसानों के लिए मूल्य प्राप्ति को बढ़ाया है और संस्थागत खरीदारों और संगठित खुदरा कंपनियों के साथ मजबूत बाजार संबंध स्थापित किए हैं, जिससे स्थायी ग्रामीण आजीविका का सृजन हुआ है।
इस यात्रा पर विचार करते हुए, श्री प्रशांत सदाशिव लोखंडे ने कहा:

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अनुसूचित जाति उद्यम पूंजी कोष (वीसीएफ-एससी) के माध्यम से दिए गए समर्थन ने बेहतर बाजार पहुंच और मूल्यवर्धन के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने के हमारे मिशन को मजबूत किया है। आजखेमानंद दूध और कृषि उत्पादक कंपनी किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्तिअपव्यय को कम करने और सतत ग्रामीण आजीविका सृजित करने में मदद कर रही हैसाथ ही समावेशी कृषि विकास में योगदान दे रही है।

फसल कटाई के बाद प्रसंस्करण और कृषि खरीद सुविधा

खेमानंद दूध और कृषि उत्पादक कंपनी लिमिटेड की सफलता यह दर्शाती है कि अनुसूचित जाति के लिए उद्यम पूंजी कोष (वीसीएफ-एससीके तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता किस प्रकार उद्यमों को आधुनिक कृषि अवसंरचना के निर्माण, रोजगार सृजन, किसानों की आय में सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में सक्षम बना रही है। उद्यमिता और समावेशी मूल्य-श्रृंखला विकास को बढ़ावा देकर, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय देश भर में स्थायी आजीविका के अवसर रचने और समान आर्थिक विकास को गति देने का कार्य जारी कर रही है।

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