अब सरकार माईबाप नहीं, सेवक है- प्रधानमंत्री श्री मोदी

गरीबों की भलाई के काम कर प्रधानमंत्री ने गैर बराबरी समाप्त की श्री तोमर

कोरोना में भी पीएम ने देश में किसी को भूखा नहीं सोने दियाश्री गोयल

नई दिल्ली/शिमला, 31 मई 2022, देशव्यापी गरीब कल्याण सम्मेलन आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इसमें पीएम शिमला (हिमाचल प्रदेश) में शामिल हुए और उन्होंने राज्यों में केंद्रीय योजनाओं के कुछ लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद भी किया, जबकि राज्यों में सम्मेलन केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों के आतिथ्य में हुआ। दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर एवं वाणिज्य एवं उद्योग, कपड़ा, खाद्य एवं उपभोक्ता, सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री पीयूष गोयल के आतिथ्य में सम्मेलन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में किसान- वैज्ञानिक उपस्थित थे। शिमला में पीएम श्री मोदी ने कहा कि सेवा, सुशासन और गरीबों के कल्याण के लिए बनी हमारी योजनाओं ने लोगों के लिए सरकार के मायने ही बदल दिए हैं। अब सरकार माई-बाप नहीं, अब सरकार सेवक है। दिल्ली में श्री तोमर ने कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गरीबों की भलाई के काम कर प्रधानमंत्री ने गैर बराबरी समाप्त की है, वहीं श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी के संकटकाल में भी देश में कहीं भी- किसी को भी भूखा नहीं सोने दिया। 

शिमला में उपस्थित हजारों लोगों के साथ ही, देशभर के आयोजनों में शामिल करोड़ों लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि 2014 से पहले की सरकार ने भ्रष्टाचार को सिस्टम का जरूरी हिस्सा मान लिया था और वह भ्रष्टाचार से लड़ने की बजाय घुटने टेक चुकी थी, तब देश देख रहा था कि योजनाओं का पैसा जरूरतमंद तक पहुंचने के पहले ही लुट जाता है, जबकि हमने शत-प्रतिशत लाभ, शत-प्रतिशत लाभार्थी तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। शत-प्रतिशत सशक्तिकरण यानी भेदभाव खत्म, सिफारिशें खत्म, तुष्टिकरण खत्म और हर गरीब को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ। श्री मोदी ने कहा कि 2014 से पहले जब मैं आपके बीच आता था तो कहता था कि भारत दुनिया से आंख झुकाकर नहीं, आंख मिलाकर बात करेगा। आज भारत, मजबूरी में दोस्ती का हाथ नहीं बढ़ाता, बल्कि मदद करने के लिए हाथ बढ़ाता है। कोरोना काल में भी हमने 150 से ज्यादा देशों को दवाइयां व वैक्सीन भेजी हैं।

प्रधानमंत्री ने आह्वान किया कि हमें 21वीं सदी के बुलंद भारत, आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करना है। एक ऐसा भारत जिसकी पहचान अभाव नहीं बल्कि आधुनिकता हो। भारतवासियों के सामर्थ्य के आगे कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में एक है, देश में रिकॉर्ड विदेशी निवेश हो रहा है व हम रिकॉर्ड एक्सपोर्ट भी कर रहे है। श्री मोदी ने कहा कि हमारे देश में दशकों तक वोट बैंक की राजनीति हुई है। अपना-अपना वोट बैंक बनाने की राजनीति ने देश का बहुत नुकसान किया है। अब हम वोट बैंक बनाने के लिए नहीं, बल्कि नए भारत को बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि गरीब का जब रोजमर्रा का संघर्ष कम होता है, तब वो सशक्त होता है और गरीबी दूर करने के लिए नई ऊर्जा के साथ जुट जाता है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार पहले दिन से गरीबों को सशक्त करने में जुटी है। हमने गरीबों के जीवन की हरेक चिंता कम करने का प्रयास किया है। पीएम आवास योजना हो, स्कॉलरशिप हो या पेंशन योजनाएं, टेक्नोलॉजी की मदद से हमने भ्रष्टाचार का स्कोप कम से कम कर दिया है। जिन समस्याओं को पहले परमानेंट मान लिया गया था, हम उसके परमानेंट साल्युशन देने का प्रयास कर रहे हैं। आज चर्चा जन-धन खातों से मिलने वाले फायदों की हो रही है, जन-धन, आधार व मोबाइल से बनी त्रिशक्ति की हो रही है। पहले रसोई में धुआं सहने की मजबूरी थी, आज उज्ज्वला योजना से सिलेंडर पाने की सहूलियत है। पहले इलाज के लिए पैसे जुटाने की बेबसी थी, आज हर गरीब को आयुष्मान भारत का सहारा है। पहले ट्रिपल तलाक का डर था, अब अधिकारों की लड़ाई लड़ने का हौंसला है। पीएम ने उनके नेतृत्व में केंद्र सरकार के आठ वर्ष पूरे होने पर अपना संकल्प दोहराते हुए कहा कि हर भारतवासी के सम्मान सुरक्षा, समृद्धि , सुख-शांति की जिंदगी और हर किसी के कल्याण के लिए जितना काम कर सकूं, करता रहूंगा।

पूसा (दिल्ली) में हुए गरीब कल्याण सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि एक समय था जब वैश्विक स्तर पर भारत की उपस्थिति को मान्यता नहीं मिलती थी लेकिन आज मोदीजी के साथ देश के 140 करोड़ लोगों की ताकत है, उस ताकत को मोदी जी ने विश्व के राजनीतिक मंच पर इस तरह से प्रत्यायोजित किया कि दुनिया का कोई भी राजनीतिक मंच भारत की अनदेखी या उपेक्षा नहीं कर सकता है। हम सब निश्चित रूप से उनकी 8 साल की यात्रा पर गर्व व गौरव का अनुभव कर सकते हैं। जहां तक गांव-गरीब-किसान का सवाल है तो सभी भली-भांति जानते हैं कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारें चाहे वह केंद्र में या राज्यों में, हमेशा इसी तबके के लिए समर्पित रही है। गांवों में एक जमाना था, जब अधोसंरचना की बहुत आवश्यकता थी, एक से दूसरे गांव जाने के लिए हफ्ते-हफ्ते का समय लगता था, अटलजी जब प्रधानमंत्री बने, तब उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना बनाई, वह वो काम पूरा नहीं कर पाए क्योंकि उनकी सरकार चली गई लेकिन आज प्रसन्नता की बात है कि प्रधानमंत्री श्री मोदीजी ने उसी काम को तेजी से आगे बढ़ाया और गांवों में लाखों-लाख संख्या में सड़कें बनाई गई हैं, हर बड़े स्थान से गांवों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। पिछले साल सड़कों पर बजट 15 हजार करोड़ रु. का था और इस बार गांवों की सड़कों के लिए प्रधानमंत्रीजी ने 19 हजार करोड़ रु. का बजट रखा है।

श्री तोमर ने कहा कि पहले केंद्रीय योजना के माध्यम से जो आवास बनता था, वह एक साल में एक पंचायत में एक आवास का नंबर आता था तो मैं सोचा करता था कि शायद कभी हिंदुस्तान में वह दिन नहीं आएगा, जब लोग यह कह सके कि मेरे देश के हर नागरिक के पास अपने स्वामित्व की छत है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदीजी ने यह करिश्मा कर दिखाया और आज शहरी व ग्रामीण हर क्षेत्र में, जो गरीब लोग निवास करते हैं, उन्हें स्वयं की छत मिल रही है, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पूरे देश में काम चल रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि शौचालय, रसोई व बिजली कनेक्शन भी मिल रहा है। गरीबों के साथ गैर बराबरी पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में मोदी जी के प्रयासों से इन 8 वर्षों में बेहतर काम किया गया है, जिससे आम आदमी के जीवन स्तर में निश्चित रूप से बदलाव आया है, वहीं किसानों का भी कल्याण हुआ है।

उन्होंने कहा कि खेती के क्षेत्र में किसानों का उत्पादन-उत्पादकता बढ़े, वे तकनीक का प्रयोग करें, उन्हें वाजिब दाम मिलें, इस दिशा में ठोस काम हुए हैं। पहले खाद्यान्न में गेहूं व चावल एमएसपी पर खरीदा जाता था, मोदीजी ने मोटा अनाज सहित अन्य उपज का भी उपार्जन शुरू किया। पीएम चाहते हैं कि किसान आगे बढ़े, उनकी आमदनी दोगुनी व फसल डायवर्सिफिकेशन हो, एक सीमा में ही फर्टिलाइजर व पानी का उपयोग किया जाएं, खेती की लागत में भी कमी आए, इसलिए अभियान चलाया है और करोड़ों किसान लाभान्वित हो रहे हैं। प्रधानमंत्रीजी ने एक तरफ जैविक खेती पर बल दिया, जिससे किसान 38 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को जैविक खेती के दायरे में ले आएं, इस बार जो पौने चार लाख करोड़ रुपए का निर्यात हुआ है, वह भी निश्चित रूप से किसानों के परिश्रम के परिणामस्वरुप हो पाया है, अब प्राकृतिक खेती पर प्रधानमंत्रीजी ने बल दिया है। समय रहते हम रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करें, प्राकृतिक खेती को आगे बढ़ाएं, स्वस्थ उत्पादन करें, ताकि व्यक्ति स्वस्थ रहें और हमारे उत्पादन को अच्छा वाजिब दाम भी मिल सकें तथा उत्पादन की गुणवत्ता ऐसी रहे, जो वैश्विक मानकों पर खरी उतर सके। इस दृष्टि से हम सब लोगों को खेती के क्षेत्र में आगे बढ़ना है।

केंद्रीय मंत्री श्री गोयल ने कहा कि श्री मोदी ने पीएम पद की शपथ लेते ही गरीबों की भलाई के प्रति सरकार का दृष्टिकोण सामने रखा था और आठ साल में इसके लिए दिन-रात एक कर दिया। मोदीजी ने देशवासियों का उत्साह बढ़ाया, भारत का मान-सम्मान भी पूरे विश्व में बढ़ाया। श्री गोयल ने देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी किसानों को बधाई देते हुए उनका अभिनंदन किया। वे बोले- आज अनेक देशों में खाद्यान्न का संकट है और वे भारत की ओर देख रहे हैं, जिन्हें हम मदद भी कर रहे हैं लेकिन इसका श्रेय हमारे किसान भाइयों-बहनों को ही है। पौने चार लाख करोड़ रु. के कृषि निर्यात में भी किसानों का योगदान है, यह तो अभी शुरूआत है, प्रयास है कि और बड़ी मात्रा में कृषि उपज का निर्यात पूरे विश्व में हो। श्री गोयल ने कहा कि आज भारत की जो साख बनी है, उसकी वजह प्रधानमंत्री श्री मोदी है, जिन्हें सबसे ऊंचे नेता के रूप में विश्व देख रहा है। मोदी जी के नेतृत्व में देश के किसानों की आय बढ़ी है, आजादी के अमृत महोत्सव के केंद्र बिंदु में भी हमारे किसान है। किसानों सहित हर वर्ग को सम्मान मिल रहा है, हर क्षेत्र में देश तरक्की कर रहा है। श्री गोयल ने कहा कि वन नेशन- वन राशन कार्ड की स्कीम से कोई भी गरीब कहीं भी राशन ले सकता है। कोविड के बावजूद, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से देश में किसी को भूखा नहीं सोने दिया गया, ऐसी कई उपलब्धियां है।

दिल्ली के कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डा. त्रिलोचन महापात्र, उप महानिदेशक (कृषि प्रसार) डा. ए.के. सिंह, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती शुभा ठाकुर की विशेष उपस्थिति रही। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक डा. अशोक कुमार सिंह ने आभार प्रदर्शन किया।