छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा में सुरक्षा बलों पर हुए भीषण हमले में 17 जवान शहीद हो गए और 11 गंभीर रूप से घायल बताए जाते हैं । घायलों जवान रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका कहना है कि हथियार भी लूट ले गए नक्सली।

आईजी सुंदरराज ने मौतों की पुष्टि की। इनमे से 12 डीआरजी और पांच एसटीएफ के जवान हैं। ये जवान हमले के बाद से लापता थे। दरअसल बिखर गए बल के जवान आपस में समन्वय नहीं बना सके। पहली बार डीआरजी के जवानों पर हमला किया गया है।

हमले के बाद से ये 17 जवान लापता थे। आज सर्च में इनकी लाशें मिलीं। वैसे कहा जा रहा है कि आपरेशन में बरती गई लापरवाही की कीमत जवानों ने चुकाई है । जवानों की गोली खत्म हो जाने की भी बात कही जा रही है।

बताया जाता है कि जगदलपुर के करीब सुकमा में शनिवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गयी। दोरनापाल से डिस्ट्रिक रिजर्व ग्रुप (डीआरजी) और एसटीएफ के जवान सर्चिंग पर निकले थे। पुलिस को कसालपाड़ इलाके में बड़ी संख्या में नक्सलियों के होने की खबर मिली थी। यह टीम बुरकापाल कैंप पहुंची और यहां से कोबरा के जवानों की एक टुकड़ी इनके साथ नक्सलियों के एनकाउंटर के लिए निकली। चिंतागुफा क्षेत्र में कसालपाड़ के आगे दोपहर 12.30 बजे नक्सलियों ने जवानों पर हमला कर दिया गया। अचानक हुए इस हमले में बल अचकचा गया। चारों ओर से घिरा होने और घने जंगल के चलते जवान एक-दूसरे से अलग हो गए। वहीं फायरिंग के बाद नक्सली वहां से भाग निकले। मुठभेड़ में घायल जवानों में एसटीएफ के इंद्रेश साहू, सोनू, मुकेश मंडावी और सालिक राम, डीआरजी के कुंजाम रमेश, ताति हूंगा, मड़कम भीमा, माड़वी केसा, सलवम जोगा, नुप्पो जेलू, कट्टम राजू, संजय कवासी, विनय दुधी, माड़वी मुकेश, सोड़ी जोगा, धुरवा सुब्बा शामिल हैं।

डीआरजी जवान क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के साथ स्थानीय बोली के भी जानकार

बताया जा रहा है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि जब डीआरजी के जवानों को इतनी बड़ी संख्या में निशाना बनाया गया हो। पुलिस की डीआरजी फोर्स में सरेंडर नक्सलियों और स्थानीय युवाओं को शामिल किया जाता है। इसके चलते जहां वे बस्तर के चप्पे-चप्पे से वाकिफ होते हैं। वहीँ उन्हें जंगलों के अंदर तक की जानकारी होती है। अन्य जवान और फोर्स के अगुवा के रूप में वे आगे रहते हैं। उन्हें स्थानीय बोली भी बेहतर तरीके से आती है।

इससे पहले पिछले सप्ताह भी छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर जिले में नक्सली हमले में सुरक्षा बल के दो जवान शहीद हो गए थे। बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने भाषा को दूरभाष पर बताया था कि जिले के मारडूम थाना क्षेत्र के अंतर्गत बोदली और मालेवाही गांव के मध्य जंगल में नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के जवानों पर हमला कर दिया था।

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