भारतीय अर्थव्यवस्था की गाड़ी फिर पटरी पर लौट आई है ,रिसर्च एजेंसियों ने भारत की विकास दर के अनुमान घटाकर 1 डिजिट में कर दिए थे, NCAER ने 2021-22 के लिए 10 फीसदी का अनुमान जाहिर की . अब फिर से रिसर्च एजेंसियां अपने अनुमानों में सुधार करने लग सकती हैं 2021 में भारतीय अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है. इस पीछे कई तर्क दिए है. कि कोरोना लॉकडाउन के समय 2020-21 अप्रैल-जून में भारत की जीडीपी शून्य से 24 प्रतिशत नीचे चली गई, लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद इसमें जबरदस्त तेजी देखने को मिली है..मोदी सरकार द्वारा नियमों में दी गयी ढील की वजह से यह संभव हो सका है. सरकार ने ब्याज पर ब्याज माफ किया थे , इनकम टैक्स रिटर्न भरने की समय सीमा बढ़ाई और इसके साथ ही ईपीएफओ से पीएफ अमाउंट निकालने की सुविधा दी. कोरोना संकट के बीच केंद्र सरकार के लिए पहली बार जीडीपी के मोर्चे पर अच्छी खबर आई है. जिससे हर तरफ हर्षोल्लास का माहौल कायम हो जाएगा.

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