LIVE

गरीब व मध्यम वर्ग को एक अच्छी सवारी तथा बेहतर अनुभव देने की भारतीय रेलवे की हर सम्भव कोशिश: रेल मंत्री

गरीब व मध्यम वर्ग को एक अच्छी सवारी तथा बेहतर अनुभव देने की भारतीय रेलवे की हर सम्भव कोशिश: रेल मंत्री

गरीब और मध्यम वर्ग को एक अच्छी सवारी तथा बेहतर अनुभव देना रेलवे की हर सम्भव कोशिश है। इस उद्देश्य के लिए हम सभी मिल कर काम करें। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज देश भर के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक में ये आह्वान किया। ये बैठक रेल भवन, नई दिल्ली से की गई।

रेल मंत्री ने रेल परिवार को पिछले वर्ष में अच्छा काम करने के लिए बधाई देते हुए, बैठक की शुरुआत की। साथ ही नए उत्साह के साथ, इस वर्ष काम करने के लिए अपनी नई प्राथमिकताएँ तय करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि पिछले साल रेल दुर्घटनाओं में आई एतिहासिक कमी और रिकॉर्ड माल ढुलाई ने देश भर में रेलवे की छवि सुधारने का काम किया है। बड़ी संख्या में विशेष ट्रेन चलाकर त्यौहारों के दौरान रेल यात्रा की बढ़ी हुई माँग को भी बड़ी ही प्रभावी तरीके से अधिकारियों ने पूरा किया है।

रेल मंत्री ने जोर देकर कहा कि रेलवे स्टेशन देश के लोगों के सामने हमारा चेहरा है। वो साफ़ सुथरे होने चाहिए। इस दिशा में देश भर के अधिकारियों को जी तोड़ मेहनत करनी चाहिए। अधिकारियों को प्रेरित करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे में पिछले एक दशक में आधुनिकीकरण के लिए एक रिकार्ड आवंटन हुआ है। अतः अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि इस आवंटन का उचित उपयोग कर देश भर के रेलवे स्टेशनों की तस्वीर बदलें। सुनिश्चित करें कि अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में धन राशि का आवंटन, स्टेशन में जन उपयोगी सुविधाओं का विकास करने में खर्च करें। ताकि सामान्य दिनों में यात्रियों का स्टेशन पर अनुभव और बेहतर किया जा सके।

त्यौहारों पर भीड़ को नियंत्रित कर प्लेटफॉर्म तक यात्रियों को बिना किसी भी दिक्कत के पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है ताकि रेल गाड़ियों में चढ़ना सुगम हो सके। अधिकारी ये सुनिश्चित करें कि इस दिशा में भी आवंटित धन राशि का उपयोग किया जाए। मौजूदा रेलवे प्रोजेक्ट्स में लंबित भूमि अधिग्रहण का मुद्दा भी बैठक में उठा। रेल मंत्री ने जोर देकर कहा कि लंबित भूमि अधिग्रहण द्रुत गति से आगे बढ़ायें। इसके लिए आवश्यक हो तो राज्य सरकारों के राजस्व व वन विभाग के अनुभवी सेवा निवृत्त अधिकारियों के अनुभव का लाभ भी लें।

रेल मंत्री ने कहा कि लोगों की आजीविका से जुड़े इस संवेदनशील मामले को एक मानवीय दृष्टिकोण से हल किया जाना आवश्यक है। देश के कई शहरी इलाकों में ये एक बड़ी समस्या है, जिसका समयबद्ध तरीके से निदान जरूरी है। अपनी पिछली बैठक में देश भर में भूमिगत रेल पुलियाएँ बनाने के निर्णय पर भी आज की बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। ये तय किया गया कि रेलवे पटरियों को पार करने के लिए अब जहाँ तक हो सके भूमिगत पुलियाएँ ही बनाई जाएँ। धीरे-धीरे हम रेलवे फुटओवर पुलों को कम बनाएँ, बैठक में चर्चा के दौरान ये महसूस किया गया। रेल मंत्री ने कहा, भले ही रेलवे स्टेशन हो या फिर स्टेशन परिसर के बाहर की पटरियाँ, दोनों में ही पहली कोशिश भूमिगत सुविधाजनक पुलिया बनाने की होनी चाहिए।

स्वाभाविक है कि पुल चढ़ने के बजाय पुलिया को लोग ज्यादा उपयोग करेंगे। चर्चा के दौरान ये निर्णय लिया गया कि देश के कई हिस्सों में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत ऐसी पुलियाएँ बनवाई जाएँ जो सुविधाजनक हों। पैदल लोगों के साथ साथ ये पुलियाएँ लोगों को साइकिल, स्कूटर व मोटर साइकिल ले जाने में भी सहायक बनें। ज्यादा चौड़ी ऐसी रेल पुलियाएँ भी बनाए जाने का निर्णय लिया गया जिनसे ट्रैक्टर सहित अन्य गाड़ियाँ भी निकल सकें। शहरी व ग्रामीण दोनों इलाकों की अलग अलग जरूरतों के हिसाब से सुविधाजनक रेल पुलियाएँ बन सकें। इस दिशा में सभी अधिकारी प्रयास करेंगे।

समय पर रेल चलाने वाले ज़ोन को उनके अच्छे प्रदर्शन पर भी रेल मंत्री ने बधाई दी। देश के उन सभी ज़ोन की भी रेल मंत्री ने प्रशंसा की जिन्होंने 85% से अधिक रेल गाड़ियों को तमाम जमीनी चुनौतियों के बाबजूद समय पर चला कर स्वयं का पुराना प्रदर्शन सुधारा।

रेल मंत्री ने दोहराया कि सतत प्रयासों, प्रभावी योजना और यात्री-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ, भारतीय रेल देशभर के यात्रियों के लिए सुरक्षा, सेवा गुणवत्ता और समग्र यात्रा अनुभव को लगातार बेहतर बनाती रहेगी।

Comments

Comments (0)

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »