अफ्रीकी देश सूडान में एक चीनी मिट्टी की फैक्ट्री के एलीपीजी टैंकर मेंं विस्फोट हो गया। इस हादसे में 23 लोगों की मौत हो गई, जिसमें 18 भारतीय थे। धमाके के चलते 130 से ज्यादा लोग जख्मी भी हुए हैं। इसी बीच, भारतीय दूतावास की ओर से कहा गया है कि शव जलने के कारण इनकी शिनाख्त नहीं हो सकी है।

सूडान स्थित भारतीय दूतावास ने मंगलवार को इस हादसे में भारतीयों की जान जाने की सूचना दी। हालांकि, उसने मृतकों की संख्या नहीं जारी की। दूतावास की वेबसाइट पर बयान में कहा गया, ‘‘फिलहाल मिली रिपोर्टों के मुताबिक, भारतीय मजदूरों समेत कई लोगों की मौत हुई, जबकि कई अन्य लोग जख्मी हुए हैं।’’

यह भी बताया गया कि फैक्ट्री में 50 से अधिक भारतीय मजदूर काम करते हैं। इसी बीच, वहां की सरकार ने बताया दुर्घटना में 23 लोग मारे गए हैं और 130 से अधिक लोग जख्मी हुए हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, मौके पर सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरण नहीं थे।

सरकारी बयान में कहा गया, ‘‘वहां पर ज्वलनशील पदार्थों का अनुचित तरीके से भंडार किया गया था जिससे आग फैल गई।’’ फिलहाल मामले की जांच चल रही है।

चश्मदीदों के हवाले से ‘voanews’ ने बताया कि टैंकर में धमाका उस वक्त हुआ था, जब उससे शिपमेंट अनलोड किया जा रहा था। उत्तरी खारतूम स्थित बहरी अस्पताल में डॉक्टरों ने इस दौरान सभी मेडिकल कर्मचारियों से अपील की कि वे फौरन अस्पताल पहुंचे और वहां धमाके के दौरान जले और जख्मी हुए पीड़ितों का इलाज करें।

चश्मदीदों ने यह भी बताया कि फैक्ट्री के बाहर बैठे लोग जो जख्मी हुए थे और जो भीतर थे, उनमें से घटना के बाद कोई भी नहीं बचा। ऐसा इसलिए, धमाके के बाद उनमें से कोई भी बाहर नहीं आया था।अस्पताल के डॉक्टरों के हवाले से बताया गया कि हादसे के वक्त 200 से अधिक लोग फैक्ट्री में थे। हालांकि, इस बारे में फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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