जेल से भी गवाहों को कर रहे हैं प्रभावित

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईएनएक्स मीडिया धनशोधन मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम की जमानत याचिका का सुप्रीम कोर्ट में बृहस्पतिवार को विरोध किया। एजेंसी ने दावा किया कि वह जेल में रहते हुए भी मामले के अहम गवाहों को प्रभावित कर रहे हैं।

शीर्ष अदालत ने ईडी को यह निर्देश दिया कि आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले से संबंधित दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में पेश किये जायें ताकि उनका अवलोकन किया जा सके। न्यायालय ने इसके साथ ही चिदंबरम की जमानत के लिये याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली। पीठ ने कहा कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जायेगा।

ईडी की तरफ से पेश हुए सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति आर भानुमति की अगुवाई वाली पीठ से कहा कि ये सलाखों के पीछे बंद मासूम पी चिदंबरम नहीं हैं। यह मामला सिर्फ आईएनएक्स मीडिया का ही नहीं बल्कि चार अन्य कंपनियों से भी जुड़ा हुआ है। इन कंपनियों में भी विदेशी निवेश प्रवर्तन बोर्ड के समक्ष अपना आवेदन दायर किया था।

तुषार मेहता ने कहा कि यदि चिदंबरम को जमानत दी जाती है तो वह बाहर निकल कर गडमड कर देंगे। उन्होंने कहा कि चिदंबरम जांच के साथ ही दूसरे पक्ष को भी प्रभावित कर सकते हैं। ईडी ने दावा किया था कि उन्होंने ‘निजी लाभ’ के लिये वित्त मंत्री के ‘प्रभावशाली कार्यालय’ का इस्तेमाल किया और इस अपराध की रकम को हड़प गये।

मेहता ने पीठ से कहा कि जांच के दौरान ईडी को बैंक के 12 ऐसे खातों के बारे में पता चला जिनमें अपराध से जुटाया गया धन जमा किया गया। साथ ही कहा कि एजेंसी के पास अलग-अलग देशों में खरीदी गई 12 संपत्तियों के ब्यौरे भी हैं। इस पीठ में न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय भी शामिल थे। शीर्ष अदालत 74 वर्षीय चिदंबरम की याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें मामले में जमानत नहीं देने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी गई है।

मेहता ने पीठ से कहा कि जांच के दौरान ईडी को बैंक के 12 ऐसे खातों के बारे में पता चला जिनमें अपराध से जुटाया गया धन जमा किया गया। साथ ही कहा कि एजेंसी के पास अलग-अलग देशों में खरीदी गई 12 संपत्तियों के ब्यौरे भी हैं। चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुनवाई से पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव सोनिया गांधी से उनसे मुलाकात की थी। दोनों करीब 45 मिनट तक पूर्व वित्तमंत्री के साथ रहे। इससे पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर और मनीष तिवारी ने भी चिदंबरम से मुलाकात की थी। चिदंबरम फिलहाल 27 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में हैं।

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